'पेड्डी' विवाद: निर्देशक बुची बाबू सना ने माफी माँगी, जान्हवी कपूर के सीन में होगा बदलाव
सारांश
मुख्य बातें
फिल्म 'पेड्डी' के निर्देशक बुची बाबू सना ने 6 जून 2026 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सार्वजनिक माफी माँगी और घोषणा की कि जान्हवी कपूर के किरदार से जुड़े विवादित सीन्स में बदलाव किए जाएंगे। राम चरण और जान्हवी कपूर अभिनीत यह स्पोर्ट्स एक्शन ड्रामा 4 जून को रिलीज हुई थी और बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन कर रही है, लेकिन कुछ रोमांटिक सीन्स में महिला किरदार के चित्रण, हैरेसमेंट और सहमति के अभाव को लेकर दर्शकों में तीखी प्रतिक्रिया देखी गई।
विवाद की जड़
फिल्म की रिलीज के महज दो दिनों के भीतर सोशल मीडिया पर आलोचनाओं की बाढ़ आ गई। दर्शकों और सामाजिक टिप्पणीकारों ने फिल्म के कुछ दृश्यों पर आपत्ति जताई, जिनमें महिला किरदार को कथित तौर पर ऑब्जेक्टिफाई किया गया और सहमति को नज़रअंदाज़ किया गया। यह ऐसे समय में आया है जब हिंदी और तेलुगु सिनेमा में महिला प्रतिनिधित्व को लेकर बहस पहले से ही तेज़ है।
निर्देशक की सफाई और माफी
बुची बाबू सना ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'हमने 'पेड्डी' के कुछ सीन्स के बारे में फीडबैक सुना है और इसे गंभीरता से लिया है।' उन्होंने स्पष्ट किया कि महिलाओं के प्रति सम्मान उनकी टीम की प्राथमिकता रही है — स्क्रीन पर और स्क्रीन के बाहर भी। उन्होंने लिखा, 'अगर फिल्म के किसी हिस्से से ऐसा लगा है, तो हम उन भावनाओं का सम्मान करते हैं और ईमानदारी से माफी माँगते हैं।'
निर्देशक ने यह भी कहा कि सिनेमा का उद्देश्य दर्शकों का मनोरंजन करना, उन्हें प्रेरित करना और उनसे जुड़ना है — किसी को असहज या अपमानित करना नहीं। उन्होंने उन सभी दर्शकों का आभार व्यक्त किया जिन्होंने ईमानदारी से अपनी राय साझा की।
बदलाव का ऐलान
फीडबैक की समीक्षा के बाद निर्देशक ने फिल्म के संबंधित हिस्सों में संपादन का फैसला लिया है। उन्होंने कहा, 'कहानीकार के रूप में हमारी जिम्मेदारी है कि हम बदलते नज़रिए और संवेदनशीलता का ध्यान रखें। हर महिला सम्मान, मूल्य और गरिमा के साथ प्रस्तुत होने की हकदार है।' उन्होंने यह भी कहा कि वे आगे ऐसी कहानियाँ बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं जो मज़बूत महिला किरदारों को पर्दे पर बेहतरीन तरीके से पेश करें।
बॉक्स ऑफिस पर स्थिति
विवाद के बावजूद 'पेड्डी' का बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन जारी है। फिल्म को राम चरण की वापसी के रूप में देखा जा रहा है और शुरुआती कलेक्शन उत्साहजनक बताए जा रहे हैं। गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब किसी बड़ी फिल्म को रिलीज के तुरंत बाद महिला चित्रण को लेकर आलोचना का सामना करना पड़ा हो — यह प्रवृत्ति भारतीय सिनेमा में बढ़ती जागरूकता और बदलती दर्शक संवेदनशीलता को दर्शाती है।
आगे क्या होगा
अभी यह स्पष्ट नहीं है कि बदलाव कब तक लागू होंगे और क्या थिएटर में चल रहे प्रिंट्स को भी अपडेट किया जाएगा। निर्माण टीम की ओर से इस बारे में आधिकारिक समयसीमा की घोषणा अभी बाकी है।