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क्या यूपी के 26 जिलों में धरती आबा जनभागीदारी विशेष अभियान चलेगा?

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क्या यूपी के 26 जिलों में धरती आबा जनभागीदारी विशेष अभियान चलेगा?

सारांश

योगी सरकार ने जनजातीय विकास के लिए एक नई पहल की शुरुआत की है। इस अभियान के माध्यम से, २ अक्टूबर २०२४ को प्रधानमंत्री मोदी द्वारा शुरू किए गए २५ कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का लक्ष्य है। जानें इस महाअभियान के बारे में।

मुख्य बातें

योगी सरकार ने जनजातीय समुदायों के उत्थान के लिए पहल की है।
२५ कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है।
यह अभियान प्रदेश के २६ जिलों में चल रहा है।
समाज कल्याण विभाग द्वारा इस अभियान को लागू किया जा रहा है।
जनजातीय विकास में सभी को भागीदारी करनी चाहिए।

लखनऊ, २४ जून (राष्ट्र प्रेस)। योगी सरकार ने जनजातीय समुदायों के विकास के लिए एक नए और प्रभावशाली कदम की शुरुआत की है। धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान और धरती आबा जनभागीदारी अभियान के माध्यम से, योगी सरकार ने जनजातीय क्षेत्रों में विकास की एक नई कहानी लिखने का संकल्प लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा २ अक्टूबर, २०२४ को झारखंड के हजारीबाग से शुरू किए गए इस अभियान को योगी सरकार ने प्रदेश में प्रभावी तरीके से लागू करने का निर्णय लिया है।

इस मुहिम के तहत १५ नवंबर तक ५१७ चिन्हित ग्रामों में २५ कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है, जो राज्य के २६ जनपदों और ४७ विकास खंडों को कवर करेगा।

योगी सरकार का यह कदम जनजातीय समुदायों को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। इस अभियान के तहत आधार कार्ड, आयुष्मान भारत स्वास्थ्य कार्ड, पीएम किसान सम्मान निधि, जनधन खाते, छात्रवृत्ति और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को मिशन मोड में लागू किया जाएगा।

समाज कल्याण विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, जिन जनपदों को धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत चिन्हित किया गया है, उनमें अंबेडकरनगर, बहराइच, बलिया, बलरामपुर, बाराबंकी, बस्ती, भदोही, बिजनौर, चन्दौली, देवरिया, गाजीपुर, गोरखपुर, जौनपुर, लखीमपुर खीरी, कुशीनगर, ललितपुर, महराजगंज, महोबा, मिर्जापुर, पीलीभीत, प्रयागराज, संतकबीरनगर, श्रावस्ती, सिद्धार्थनगर, सीतापुर और सोनभद्र शामिल हैं।

धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान का शुभारंभ प्रधानमंत्री मोदी ने २ अक्टूबर २०२४ को किया है, जिसका उद्देश्य देशभर में ६३,००० से अधिक जनजाति बाहुल्य ग्रामों तथा आकांक्षी जनपदों के जनजातीय ग्रामों को १८ विभागों के २५ विशेष योजनाओं के माध्यम से यह सुनिश्चित करना है कि हर गांव में इन सभी योजनाओं का लाभ पूरी तरह से पहुंचे। इसमें ग्राम्य विकास, जल जीवन मिशन (नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग), जल शक्ति, ऊर्जा, अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण (एनएचएम), खाद्य एवं रसद, महिला कल्याण एवं बाल विकास, माध्यमिक शिक्षा, आयुष, सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रानिक्स, व्यवसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास, कृषि, मत्स्य, पशुपालन, पंचायती राज, पर्यटन, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम और संस्थागत वित्त विभाग शामिल हैं।

१५ जून से ३० जून तक चलाए जा रहे धरती आबा जनभागीदारी अभियान के तहत ५४९ जनजातीय बहुल जिलों और २०७ विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (पीवीटीजी) जिलों में विशेष शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इन शिविरों में ग्रामीणों को योजनाओं से जोड़ने और उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है, जो समुदाय की आत्मनिर्भरता की दिशा में एक सकारात्मक कदम है।

समाज कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव एल. वेंकटेश्वर लू ने सभी विभागों को निर्देशित किया है कि वे चिन्हित ग्रामों का डेटा वैलिडेशन शीघ्र पूरा करें और योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए त्वरित कार्रवाई करें। यह समन्वित प्रयास न केवल बुनियादी ढांचे को मजबूत करेगा, बल्कि स्वास्थ्य, शिक्षा और आजीविका के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाएगा।

प्रमुख सचिव ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि वे इस महाअभियान में बढ़-चढ़कर भाग लें और जनजातीय विकास में योगदान दें। यह पहल केवल सरकार का प्रयास नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग के सहयोग से संचालित होने वाली जनक्रांति है। योगी सरकार का मानना है कि जनजातीय समुदायों का उत्थान पूरे प्रदेश के समग्र विकास का आधार है और यह अभियान उस दिशा में एक ठोस कदम है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह समाज के हर वर्ग के सहयोग से संचालित होने वाली जनक्रांति है। जनजातीय समुदायों का उत्थान प्रदेश के समग्र विकास का आधार है। यह एक महत्वपूर्ण कदम है जिससे हम सभी को जोड़ने और विकास की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।
RashtraPress
20 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

धरती आबा जनभागीदारी अभियान का उद्देश्य क्या है?
इस अभियान का उद्देश्य २५ कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है।
कब और कहाँ से इस अभियान की शुरुआत हुई?
यह अभियान २ अक्टूबर २०२४ को झारखंड के हजारीबाग से शुरू हुआ।
इस अभियान में कितने जिलों को शामिल किया गया है?
इस अभियान में यूपी के २६ जिलों को शामिल किया गया है।
क्या योजनाओं का लाभ सभी जनजातीय गांवों तक पहुंचेगा?
हाँ, यह अभियान सुनिश्चित करेगा कि सभी जनजातीय गांवों तक योजनाओं का लाभ पहुंचे।
इस अभियान में भाग लेने के लिए क्या करना होगा?
आपको स्थानीय शिविरों में भाग लेना होगा और योजनाओं से जुड़ना होगा।
राष्ट्र प्रेस
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