मध्य प्रदेश में जनजातीय समुदाय को 18 विभागों की 25 सेवाएं, 18–25 मई तक चलेगा विशेष अभियान

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
मध्य प्रदेश में जनजातीय समुदाय को 18 विभागों की 25 सेवाएं, 18–25 मई तक चलेगा विशेष अभियान

सारांश

मध्य प्रदेश सरकार ने जनजातीय समुदाय के 16,490 से अधिक गाँवों तक 18 विभागों की 25 सेवाएं पहुँचाने का अभियान 18 मई से शुरू किया है। 'सबसे दूर, सबसे पहले' की सोच के साथ यह कदम सुदूर वनांचल में योजनाओं की पहुँच और ज़मीनी हकीकत के बीच की खाई पाटने की कोशिश है।

मुख्य बातें

18 मई से 25 मई 2025 तक मध्य प्रदेश में 'जन भागीदारी — सबसे दूर, सबसे पहले' अभियान चलाया जा रहा है।
18 विभागों की 25 सरकारी सेवाएं सीधे ग्रामीण शिविरों में जनजातीय हितग्राहियों को उपलब्ध कराई जाएंगी।
धरती आबा अभियान के तहत 267 विकासखंडों के 11,377 ग्राम और पीएम जनमन योजना के तहत 122 विकासखंडों के 5,113 ग्राम लाभान्वित होंगे।
राज्य स्तर पर अपर संचालक रीता सिंह और जिला स्तर पर सहायक आयुक्त को नोडल अधिकारी बनाया गया है।
जनजातीय कार्य विभाग मंत्री डॉ.
विजय शाह ने सभी मैदानी अधिकारियों को शिविर सफलतापूर्वक आयोजित करने के निर्देश दिए।

मध्य प्रदेश सरकार ने 18 मई 2025 से जनजातीय समुदाय को सरकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए एक व्यापक अभियान शुरू किया है, जिसके तहत 18 विभागों की 25 सेवाएं सीधे ग्रामीण स्तर पर उपलब्ध कराई जाएंगी। 'जन भागीदारी — सबसे दूर, सबसे पहले' नाम का यह राष्ट्रव्यापी सूचना, शिक्षा एवं संचार अभियान 25 मई 2025 तक चलेगा और इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र जनजातीय हितग्राही शासन की योजनाओं से वंचित न रहे।

अभियान की रूपरेखा

आधिकारिक जानकारी के अनुसार यह अभियान प्रधानमंत्री जनमन योजना और धरती आबा ग्राम उत्कर्ष अभियान के अंतर्गत संचालित किया जा रहा है। प्रदेश के सभी जिलों की जनपद पंचायतों के चयनित ग्रामों में लाभार्थी संतृप्ति शिविर आयोजित किए जाएंगे, जहाँ पात्र हितग्राहियों को योजनाओं की जानकारी देने के साथ-साथ उन्हें तत्काल लाभ भी दिलाया जाएगा।

यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र और राज्य दोनों सरकारें जनजातीय क्षेत्रों में योजनाओं की पहुँच बढ़ाने पर जोर दे रही हैं। गौरतलब है कि सुदूर वनांचल क्षेत्रों में योजनाओं की जानकारी और लाभ के बीच की खाई को पाटना लंबे समय से प्रशासन की प्राथमिकता रही है।

कितने गाँव होंगे लाभान्वित

धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत प्रदेश के 267 विकासखंडों के 11,377 ग्राम लाभान्वित होंगे। वहीं पीएम जनमन योजना के अंतर्गत 122 विकासखंडों के 5,113 ग्राम इस अभियान के दायरे में आएंगे। इस प्रकार कुल मिलाकर 16,490 से अधिक ग्रामों तक योजनाओं का सीधा लाभ पहुँचाने का लक्ष्य है।

अधिकारियों के निर्देश और नोडल व्यवस्था

जनजातीय कार्य विभाग मंत्री डॉ. विजय शाह ने विभाग के सभी मैदानी अधिकारियों को शिविर सफलतापूर्वक आयोजित करने और लक्षित समूह तक लाभ पहुँचाने के कड़े निर्देश दिए हैं। अभियान को सफल बनाने के लिए जिलों के कलेक्टर्स को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।

राज्य स्तर पर अपर संचालक रीता सिंह को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। जिला स्तर पर संबंधित जिले के सहायक आयुक्त एवं जिला संयोजक, जनजातीय कार्य विभाग यह जिम्मेदारी निभाएंगे।

आयुक्त का बयान

आयुक्त सह संचालक, जनजातीय क्षेत्रीय विकास योजना, डॉ. सतेन्द्र सिंह ने बताया कि शिविरों में 18 विभागों की कुल 25 सेवाओं का लाभ जनजातीय ग्रामीणों को उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी पात्र हितग्राही योजनाओं से वंचित न रहे।

आगे की राह

यह अभियान 25 मई 2025 तक चलेगा और इसके परिणामों की समीक्षा राज्य स्तर पर की जाएगी। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार शिविरों में मौके पर ही दस्तावेज़ीकरण और पंजीकरण की व्यवस्था की जाएगी ताकि हितग्राहियों को बार-बार दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि अभियान की समाप्ति के बाद कितने हितग्राहियों को वास्तविक लाभ मिलता है और क्या यह पहुँच टिकाऊ साबित होती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि एक सप्ताह के शिविर से क्या दीर्घकालिक बदलाव संभव है। जनजातीय क्षेत्रों में योजनाओं की जागरूकता और वास्तविक लाभ के बीच की खाई केवल शिविरों से नहीं पाटी जा सकती — इसके लिए स्थायी प्रशासनिक उपस्थिति और डिजिटल साक्षरता ज़रूरी है। 16,000 से अधिक गाँवों को एक सप्ताह में कवर करने का दावा महत्वाकांक्षी है, और इसकी सफलता का मापदंड केवल शिविर संख्या नहीं, बल्कि वास्तविक लाभार्थी संख्या और सेवाओं की निरंतरता होनी चाहिए।
RashtraPress
18 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'जन भागीदारी — सबसे दूर, सबसे पहले' अभियान क्या है?
यह मध्य प्रदेश सरकार का 18 से 25 मई 2025 तक चलने वाला राष्ट्रव्यापी सूचना, शिक्षा एवं संचार अभियान है, जिसके तहत जनजातीय समुदाय को 18 विभागों की 25 सरकारी सेवाएं सीधे ग्रामीण शिविरों में उपलब्ध कराई जाएंगी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र हितग्राही योजनाओं से वंचित न रहे।
इस अभियान से मध्य प्रदेश के कितने गाँव लाभान्वित होंगे?
धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत 267 विकासखंडों के 11,377 ग्राम और पीएम जनमन योजना के तहत 122 विकासखंडों के 5,113 ग्राम लाभान्वित होंगे। इस प्रकार कुल मिलाकर 16,490 से अधिक ग्राम इस अभियान के दायरे में आएंगे।
शिविरों में जनजातीय नागरिकों को कौन-सी सेवाएं मिलेंगी?
शिविरों में 18 सरकारी विभागों की कुल 25 सेवाओं का लाभ दिया जाएगा। इनमें योजनाओं की जानकारी देने के साथ-साथ मौके पर ही पंजीकरण और लाभ वितरण की व्यवस्था होगी।
अभियान की निगरानी कौन करेगा?
राज्य स्तर पर अपर संचालक रीता सिंह को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है, जबकि जिला स्तर पर संबंधित जिले के सहायक आयुक्त एवं जिला संयोजक, जनजातीय कार्य विभाग यह दायित्व निभाएंगे। जिलों के कलेक्टर्स को भी आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
पीएम जनमन योजना और धरती आबा अभियान में क्या अंतर है?
पीएम जनमन योजना केंद्र सरकार की पहल है जो विशेष रूप से कमज़ोर जनजातीय समूहों (PVTGs) पर केंद्रित है और 122 विकासखंडों के 5,113 ग्रामों को कवर करती है। धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान व्यापक है और 267 विकासखंडों के 11,377 ग्रामों तक पहुँचता है — दोनों मिलकर इस राज्यव्यापी अभियान की रीढ़ हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 2 सप्ताह पहले
  3. 3 सप्ताह पहले
  4. 4 महीने पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 4 महीने पहले
  7. 5 महीने पहले
  8. 6 महीने पहले