31 अगस्त 2026
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लखनऊ: ट्रस्ट अध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप सिंह हत्याकांड में ड्राइवर समेत 2 गिरफ्तार, नशीला पदार्थ सुंघाकर मारी थीं 2 गोलियाँ

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लखनऊ: ट्रस्ट अध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप सिंह हत्याकांड में ड्राइवर समेत 2 गिरफ्तार, नशीला पदार्थ सुंघाकर मारी थीं 2 गोलियाँ

सारांश

लखनऊ में ट्रस्ट अध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप सिंह की हत्या का खुलासा — उनके अपने ड्राइवर ने भरोसे का फायदा उठाया, नशीला पदार्थ सुंघाकर बेहोश किया और 2 गोलियाँ मारीं। पुलिस ने 6 टीमें बनाकर 2 आरोपी दबोचे; जमीनी विवाद बताया जा रहा है मकसद।

मुख्य बातें

महाराणा प्रताप चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप सिंह (45) की लखनऊ के सुशांत गोल्फ सिटी क्षेत्र में हत्या कर दी गई।
ड्राइवर रवि किशन ने साजिश रची — चलती गाड़ी में नशीला पदार्थ सुंघाकर बेहोश किया, फिर 2 गोलियाँ मारीं।
पुलिस ने 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया; दोनों ने जुर्म कबूल किया और निशानदेही पर शव बरामद।
आरोपियों ने एक मोबाइल फोन ट्रेन में रखा ताकि लोकेशन बदलती रहे और पुलिस भटके।
प्रारंभिक जाँच में जमीनी विवाद को हत्या का कारण बताया गया है।
मामले में अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए डीसीपी साउथ के नेतृत्व में अतिरिक्त टीमें गठित।

लखनऊ के सुशांत गोल्फ सिटी थाना क्षेत्र में महाराणा प्रताप चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप सिंह (45) की नृशंस हत्या के मामले में पुलिस ने 2 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। जाँच में सामने आया कि पीड़ित के अपने ड्राइवर रवि किशन ने भरोसे का फायदा उठाते हुए यह साजिश रची और चलती गाड़ी में पहले नशीला पदार्थ सुंघाकर बेहोश किया, फिर दो गोलियाँ मारीं।

हत्या की साजिश: कैसे दिया गया अंजाम

पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से वारदात को अंजाम दिया। चलती गाड़ी में धीरेंद्र प्रताप सिंह को नशीला पदार्थ सुंघाकर बेहोश किया गया और इसके बाद उन्हें दो गोलियाँ मारी गईं। हत्या के बाद शव को एक सुनसान स्थान पर फेंक दिया गया, ताकि संदेह न हो। वारदात के बाद आरोपी पीड़ित की गाड़ी को मेदांता अस्पताल के पास छोड़कर फरार हो गए।

पुलिस को कैसे मिली सूचना

संयुक्त पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) बबलू कुमार ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली कि एक युवक का शव सड़क किनारे पड़ा है। मौके पर पहुँची टीम को उन्नाव निवासी धीरेंद्र सिंह के अपहरण की जानकारी मिली, जिस पर घटना की गंभीरता को देखते हुए तत्काल मुकदमा दर्ज किया गया। डीसीपी साउथ के नेतृत्व में 6 टीमें गठित कर आरोपियों की तलाश शुरू की गई।

मोबाइल लोकेशन से गुमराह करने की कोशिश

जाँच में यह भी सामने आया कि धीरेंद्र प्रताप सिंह के पास दो मोबाइल फोन थे। आरोपियों ने पुलिस को भटकाने के लिए उनमें से एक फोन ट्रेन में रख दिया, ताकि लोकेशन लगातार बदलती रहे। पुलिस ने जब उस फोन की लोकेशन ट्रेस की तो पहले गोसाईगंज, हैदरगढ़ और अमेठी के जगदीशपुर इलाके में, और बाद में आखिरी लोकेशन चंदौली में मिली।

जुर्म कबूल, शव बरामद

डीसीपी साउथ की टीम ने सफलतापूर्वक मामले का खुलासा करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है और उनकी निशानदेही पर शव बरामद कर लिया गया है। घटना में इस्तेमाल वाहन भी जब्त कर लिया गया है। शव का पंचायतनामा और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया जारी है। प्रारंभिक जाँच में आरोपियों ने जमीनी विवाद को हत्या का कारण बताया है।

आगे की कार्रवाई

पुलिस के अनुसार, इस मामले में कुछ अन्य आरोपियों के नाम भी सामने आए हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमें गठित की जा चुकी हैं। डीसीपी साउथ के नेतृत्व में शेष आरोपियों को शीघ्र पकड़ने और सभी पहलुओं की गहन जाँच कर कठोर कार्रवाई किए जाने की बात कही गई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक सुनियोजित अपराध की परतें उघाड़ता है — जहाँ विश्वासपात्र ड्राइवर ही हत्यारा निकला। ट्रेन में मोबाइल रखकर पुलिस को भटकाने की चाल बताती है कि आरोपियों ने डिजिटल फुटप्रिंट की समझ रखते हुए वारदात को अंजाम दिया। जमीनी विवाद को मकसद बताया जा रहा है, लेकिन ट्रस्ट अध्यक्ष जैसे सामाजिक पद पर बैठे व्यक्ति की हत्या के पीछे की पूरी साजिश — और क्या अन्य आरोपी भी उतने ही करीबी थे — यह जाँच का केंद्रीय सवाल बनना चाहिए।
RashtraPress
31 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

धीरेंद्र प्रताप सिंह कौन थे और उनकी हत्या कहाँ हुई?
धीरेंद्र प्रताप सिंह (45) महाराणा प्रताप चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष और उन्नाव के निवासी थे। उनकी हत्या लखनऊ के सुशांत गोल्फ सिटी थाना क्षेत्र में की गई।
हत्या किस तरह की गई?
आरोपियों ने चलती गाड़ी में धीरेंद्र प्रताप सिंह को नशीला पदार्थ सुंघाकर बेहोश किया और फिर दो गोलियाँ मारीं। इसके बाद शव को सुनसान जगह पर फेंक दिया गया और गाड़ी मेदांता अस्पताल के पास छोड़ दी गई।
हत्याकांड में कितने लोग गिरफ्तार हुए और मुख्य आरोपी कौन है?
अब तक 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। मुख्य आरोपी पीड़ित के ड्राइवर रवि किशन हैं, जिन्होंने भरोसे का फायदा उठाकर हत्या की साजिश रची। दोनों आरोपियों ने जुर्म कबूल कर लिया है।
आरोपियों ने पुलिस को भटकाने की क्या कोशिश की?
आरोपियों ने पीड़ित का एक मोबाइल फोन ट्रेन में रख दिया ताकि उसकी लोकेशन लगातार बदलती रहे। इससे पुलिस की ट्रेसिंग गोसाईगंज, हैदरगढ़, अमेठी के जगदीशपुर और अंत में चंदौली तक पहुँची।
हत्या का मकसद क्या बताया गया है और क्या और गिरफ्तारियाँ होंगी?
प्रारंभिक जाँच में आरोपियों ने जमीनी विवाद को हत्या का कारण बताया है। मामले में अन्य आरोपियों के नाम भी सामने आए हैं और डीसीपी साउथ के नेतृत्व में अतिरिक्त टीमें उनकी गिरफ्तारी के लिए गठित की जा चुकी हैं।
राष्ट्र प्रेस
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