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क्या डीडवाना में राष्ट्रीय एकता दिवस पर एकता मार्च का आयोजन हुआ?

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क्या डीडवाना में राष्ट्रीय एकता दिवस पर एकता मार्च का आयोजन हुआ?

सारांश

डीडवाना में राष्ट्रीय एकता दिवस पर एकता मार्च का आयोजन सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर किया गया। इस खास मौके पर जिला कलेक्टर ने हरी झंडी दिखाकर मार्च को रवाना किया। यह कार्यक्रम एकता और अखंडता का प्रतीक है, जिसमें विद्यार्थियों और नागरिकों ने भाग लिया।

मुख्य बातें

राष्ट्रीय एकता दिवस पर एकता मार्च का आयोजन हुआ।
डीडवाना में सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती मनाई गई।
जिला कलेक्टर ने मार्च को हरी झंडी दिखाई।
विद्यार्थियों और नागरिकों ने राष्ट्रीय एकता की शपथ ली।
सरदार पटेल का योगदान एकता के लिए महत्वपूर्ण है।

डीडवाना, 31 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। राजस्थान के डीडवाना जिला मुख्यालय पर भारत के लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर एकता मार्च का आयोजन किया गया। जिला कलेक्टर ने हरी झंडी दिखाकर मार्च को रवाना किया।

सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर जिला मुख्यालय पर शुक्रवार सुबह पंडित दीनदयाल सर्किल राजकीय बांगड़ जिला अस्पताल चौराहा से पंडित बच्छराज स्कूल तक एकता मार्च का आयोजन किया गया। पुलिस प्रशासन के अधिकारियों और जवानों की ओर से रन फॉर यूनिटी में स्कूली बच्चों और प्रशासनिक कर्मचारियों ने दौड़ लगाई।

इस अवसर पर विद्यार्थियों और नागरिकों ने राष्ट्रीय एकता की शपथ ली और वल्लभ भाई पटेल के छायाचित्र पर पुष्पमाला चढ़ाकर उन्हें नमन करते हुए याद किया।

जिला कलेक्टर डॉ. महेंद्र खडगावत ने कहा, "सबसे बड़ी बात है हिंदुस्तान को जिन्होंने एकीकरण किया, 562 रियासतों को एक करके हिंदुस्तान इन्होंने बनाया है। सरदार वल्लभभाई पटेल को लोह पुरुष भी कहा जाता है।"

उन्होंने बच्चों को बताया कि सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा अहमदाबाद में बनी हुई है। सबसे बड़ी प्रतिमा स्टैचू ऑफ यूनिटी है। उनकी प्रतिमा हर जगह दिखाई नहीं देती, लेकिन उनका नाम हर जगह दिखाई देता है क्योंकि उनका कार्य ऐसा है कि जब तक हिंदुस्तान रहेगा, सरदार वल्लभभाई पटेल का नाम रहेगा।

डॉ. महेंद्र खडगावत ने कहा कि हर हिंदुस्तानी उन्हें याद करता है और जो हिंदुस्तान के बारे में जानता है और हिंदुस्तान में रहता है या हिंदुस्तान से बाहर रहता, वह हमेशा सरदार वल्लभभाई पटेल को आदर के साथ नमन करेगा। उन्होंने बहुत सारी ऐसी सभाएं की हैं, जहां हिंदुस्तान के बड़े पद पर रहते हुए किसी भी सभा में बड़ी सुरक्षा के साथ चले जाते थे।

उन्होंने कहा कि जब तक हिंदुस्तान रहेगा सरदार वल्लभभाई पटेल का नाम रहेगा। जहां उनका विरोध होता था, उनके उदबोधन के बाद में वही लोग उनकी जय जयकार करते थे। उनका आशीर्वाद जो हिंदुस्तान को मिला वह बहुत मिला, उन्हीं के कारण हमारा हिंदुस्तान एक है एवं अखंड हिंदुस्तान रहेगा।

एकता मार्च में अतिरिक्त जिला कलक्टर मोहन लाल खटनावलिया, पुलिस उप अधीक्षक हिमांशु शर्मा, डीएसपी धरम पूनिया सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी, अधिकारी, पुलिसकर्मी एवं नागरिक उपस्थित रहे।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह देखना सुखद है कि देश में एकता और अखंडता का संदेश फैलाने के लिए ऐसे आयोजन किए जा रहे हैं। सरदार वल्लभभाई पटेल का योगदान हमारे देश की एकता में महत्वपूर्ण है और ऐसे कार्यक्रमों से युवा पीढ़ी को प्रेरणा मिलती है।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राष्ट्रीय एकता दिवस क्यों मनाया जाता है?
राष्ट्रीय एकता दिवस 31 अक्टूबर को सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर मनाया जाता है, ताकि देश में एकता और अखंडता का संदेश फैल सके।
एकता मार्च में कौन-कौन शामिल हुआ?
एकता मार्च में विद्यार्थी, नागरिक, जिला कलेक्टर, पुलिस प्रशासन और कई अन्य अधिकारी शामिल हुए।
सरदार वल्लभभाई पटेल को क्यों लोह पुरुष कहा जाता है?
सरदार वल्लभभाई पटेल को लोह पुरुष कहा जाता है क्योंकि उन्होंने भारत को स्वतंत्रता के बाद 562 रियासतों को एकीकृत कर एक मजबूत राष्ट्र का निर्माण किया।
राष्ट्र प्रेस
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