24 अक्टूबर 2026
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डिजिटल कृषि मिशन: 11 करोड़ फार्मर आईडी लक्ष्य से 5 माह पहले पूरा, शिवराज सिंह चौहान ने बताया ऐतिहासिक

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डिजिटल कृषि मिशन: 11 करोड़ फार्मर आईडी लक्ष्य से 5 माह पहले पूरा, शिवराज सिंह चौहान ने बताया ऐतिहासिक

सारांश

मार्च 2027 का लक्ष्य अक्टूबर 2026 में ही पूरा — डिजिटल कृषि मिशन के तहत 11 करोड़ फार्मर आईडी बनाकर भारत ने कृषि क्षेत्र में एक बड़ा डिजिटल कदम उठाया है। अब किसानों को बैंक ऋण से लेकर फसल बीमा तक हर सुविधा एक आईडी से मिलेगी।

मुख्य बातें

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 24 अक्टूबर 2026 को बताया कि 11 करोड़ फार्मर आईडी का लक्ष्य पूरा हो गया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह लक्ष्य मार्च 2027 तक पाने का संकल्प लिया था, जो 5 महीने पहले हासिल हुआ।
फार्मर आईडी से बैंक ऋण, फसल बीमा, आपदा राहत राशि और फसल बिक्री जैसी सुविधाएँ बिना कागज़ी झंझट के मिलेंगी।
यह पहल डिजिटल कृषि मिशन का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य सरकारी योजनाओं का लाभ 'सही किसान को सही समय पर' पहुँचाना है।
चौहान ने केंद्र सरकार, राज्य सरकारों, केंद्र शासित प्रदेशों और जिला प्रशासन को इस उपलब्धि का श्रेय दिया।

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 24 अक्टूबर 2026 को घोषणा की कि डिजिटल कृषि मिशन के अंतर्गत देशभर में 11 करोड़ किसानों की फार्मर आईडी बनाने का लक्ष्य निर्धारित समय से पाँच महीने पहले हासिल कर लिया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मार्च 2027 तक यह उपलब्धि प्राप्त करने का संकल्प लिया था, जो अब अक्टूबर 2026 में ही पूरा हो गया।

मुख्य घटनाक्रम

चौहान ने कहा कि यह दिन भारतीय खेती, कृषि और किसानों के लिए ऐतिहासिक है। उन्होंने इसे 'एक सपने का साकार होना और एक संकल्प का पूरा होना' बताया। फार्मर आईडी की यह पहल डिजिटल कृषि मिशन का मूल स्तंभ है, जिसका उद्देश्य हर किसान को एक विशिष्ट डिजिटल पहचान देना है ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे और पारदर्शी तरीके से उन तक पहुँचे।

यह ऐसे समय में आया है जब सरकार कृषि क्षेत्र में प्रौद्योगिकी के उपयोग को तेज़ी से बढ़ावा दे रही है और 'विकसित भारत' के लक्ष्य के तहत किसान कल्याण को केंद्र में रखा गया है।

फार्मर आईडी से किसानों को क्या फायदा

कृषि मंत्री चौहान ने विस्तार से बताया कि फार्मर आईडी के ज़रिये किसान अब बिना बार-बार कागज़ी दस्तावेज़ जमा किए कई सरकारी सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे। इनमें बैंक ऋण, फसल बीमा योजना, आपदा राहत राशि और फसल बिक्री जैसी ज़रूरी सेवाएँ शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि अब 'सही किसान को ही सही समय पर लाभ मिलेगा', जो भ्रष्टाचार और बिचौलियों की भूमिका को कम करने की दिशा में एक अहम कदम है। गौरतलब है कि पहले योजनाओं के लाभ के लिए किसानों को बार-बार दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते थे।

तकनीक और आधुनिक कृषि की दिशा में कदम

चौहान ने ज़ोर देकर कहा कि आधुनिक टेक्नोलॉजी का उपयोग किसानों की खेती को आसान और बेहतर बनाएगा। उनके अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी का विज़न है कि 'विकसित कृषि और समृद्ध किसान' के बिना 'विकसित भारत' का सपना अधूरा है।

डिजिटल कृषि मिशन के तहत यह फार्मर आईडी न केवल पहचान का माध्यम है, बल्कि भविष्य में ड्रोन तकनीक, मिट्टी स्वास्थ्य डेटा, सैटेलाइट इमेजिंग जैसी सेवाओं को किसान से जोड़ने का डिजिटल पुल भी बनेगी।

श्रेय और आभार

इस उपलब्धि के लिए कृषि मंत्री ने केंद्र सरकार के अधिकारियों और कर्मचारियों, राज्य सरकारों, केंद्र शासित प्रदेशों और जिला प्रशासन को बधाई दी। उन्होंने किसान भाइयों और बहनों को भी इस उपलब्धि का हिस्सेदार बताया, क्योंकि उन्होंने इस प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभाई।

आगे की राह

फार्मर आईडी की यह व्यवस्था आने वाले समय में कृषि नीति-निर्माण, सब्सिडी वितरण और डेटा-आधारित खेती के लिए एक मज़बूत आधार तैयार कर सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस डेटाबेस को राज्य स्तरीय प्रणालियों से प्रभावी ढंग से जोड़ा गया, तो 11 करोड़ किसानों तक सीधी और भ्रष्टाचार-मुक्त सेवा सुनिश्चित हो सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा अब शुरू होती है — क्या यह डेटाबेस वास्तव में योजनाओं की 'लास्ट-माइल डिलीवरी' को बेहतर बनाता है? भारत में कृषि योजनाओं का इतिहास बताता है कि डिजिटल पंजीकरण और ज़मीनी लाभ के बीच अक्सर बड़ा अंतर रहा है। यदि फार्मर आईडी को राज्यों के भूमि अभिलेखों, PM-KISAN और फसल बीमा पोर्टलों से सहज रूप से जोड़ा नहीं गया, तो यह एक और डेटाबेस बनकर रह जाएगा। सवाल यह भी है कि 11 करोड़ में से कितने किसान वास्तव में डिजिटल रूप से साक्षर हैं — इसके बिना 'टेक्नोलॉजी से खेती बदलने' का नारा अधूरा रहेगा।
RashtraPress
24 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

फार्मर आईडी क्या है और यह किसानों के लिए क्यों ज़रूरी है?
फार्मर आईडी डिजिटल कृषि मिशन के तहत प्रत्येक किसान को दी जाने वाली एक विशिष्ट डिजिटल पहचान है। इसके ज़रिये किसान बिना बार-बार कागज़ात जमा किए बैंक ऋण, फसल बीमा, आपदा राहत और फसल बिक्री जैसी सेवाओं का लाभ सीधे उठा सकेंगे।
11 करोड़ फार्मर आईडी का लक्ष्य कब और किसने तय किया था?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मार्च 2027 तक 11 करोड़ फार्मर आईडी बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया था। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के अनुसार यह लक्ष्य 24 अक्टूबर 2026 को यानी तय समय से पाँच महीने पहले ही हासिल कर लिया गया।
फार्मर आईडी से किन-किन योजनाओं का लाभ मिलेगा?
फार्मर आईडी के माध्यम से किसान बैंक ऋण, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, आपदा राहत राशि और अपनी फसल बेचने जैसे कई कामों के लिए एकल पहचान का उपयोग कर सकेंगे। इससे बार-बार कागज़ात देने की ज़रूरत समाप्त होगी।
डिजिटल कृषि मिशन का मुख्य उद्देश्य क्या है?
डिजिटल कृषि मिशन का उद्देश्य आधुनिक तकनीक के ज़रिये खेती को आसान और पारदर्शी बनाना है, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ सही किसान को सही समय पर बिना बिचौलियों के पहुँचे। फार्मर आईडी इसी मिशन की आधारशिला है।
इस उपलब्धि का श्रेय किसे दिया गया है?
कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस उपलब्धि का श्रेय केंद्र सरकार के अधिकारियों-कर्मचारियों, राज्य सरकारों, केंद्र शासित प्रदेशों, जिला प्रशासन और देशभर के किसान भाइयों-बहनों को दिया।
राष्ट्र प्रेस
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