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मध्य प्रदेश के किसानों के लिए डिजिटल किसान आईडी अभियान, CM मोहन यादव ने घर-घर पंजीकरण का आग्रह किया

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मध्य प्रदेश के किसानों के लिए डिजिटल किसान आईडी अभियान, CM मोहन यादव ने घर-घर पंजीकरण का आग्रह किया

सारांश

मध्य प्रदेश में डिजिटल किसान आईडी अभियान शुरू हो चुका है — और इस बार सरकार किसानों के दरवाज़े तक पहुँच रही है। CM मोहन यादव की इस पहल से भूमि अभिलेख, फसल, पशुधन और सरकारी लाभ एक ही डिजिटल पहचान में समाहित होंगे। यह कृषि क्षेत्र में डिजिटल क्रांति का बड़ा कदम है।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 28 अगस्त 2026 को मध्य प्रदेश के किसानों से डिजिटल किसान आईडी पंजीकरण का आग्रह किया।
पंजीकरण अभियान 20 अगस्त 2026 से शुरू; सरकारी टीमें घर-घर जाकर किसानों की सहायता कर रही हैं।
किसान आईडी में भूमि अभिलेख , पशुधन स्वामित्व , बोई गई फसलें और सरकारी योजनाओं के लाभ एकीकृत होंगे।
यह पहल डिजिटल कृषि मिशन के तहत लागू की जा रही है; पायलट प्रोजेक्ट 6 राज्यों — UP, गुजरात, महाराष्ट्र, हरियाणा, पंजाब और तमिलनाडु — में पहले चलाए जा चुके हैं।
एकीकृत डिजिटल पहचान से कृषि सेवाओं और सरकारी योजनाओं तक पहुँच अधिक सुगम होने की उम्मीद।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शुक्रवार, 28 अगस्त को राज्य के किसानों से डिजिटल किसान आईडी के लिए पंजीकरण कराने की अपील की। उन्होंने बताया कि 20 अगस्त से शुरू हुए इस अभियान के तहत सरकारी टीमें किसानों के घर-घर जाकर पंजीकरण प्रक्रिया में सहायता कर रही हैं। यह पहल डिजिटल कृषि मिशन का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य कृषि क्षेत्र में डिजिटल बुनियादी ढाँचे का विस्तार करना है।

किसान आईडी क्या है और इसमें क्या शामिल होगा

मुख्यमंत्री यादव के अनुसार, किसान आईडी किसानों को एक विश्वसनीय डिजिटल पहचान प्रदान करेगी — ठीक वैसे जैसे आधार कार्ड आम नागरिकों के लिए काम करता है। इस आईडी में भूमि अभिलेख, पशुधन स्वामित्व, बोई गई फसलों और सरकारी योजनाओं से प्राप्त लाभों की जानकारी एकीकृत की जाएगी। इससे किसानों को कृषि संबंधी सेवाओं और सरकारी योजनाओं तक समय पर और व्यक्तिगत पहुँच मिल सकेगी।

अभियान का क्रियान्वयन और ज़मीनी तैयारी

मध्य प्रदेश में यह पंजीकरण अभियान 20 अगस्त 2026 से आरंभ हो चुका है। राज्य सरकार ने ग्रामीण और व्यक्तिगत किसान स्तर तक किसान-केंद्रित डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना का विस्तार करने की योजना बनाई है। गौरतलब है कि इससे पहले इस पहल के पायलट प्रोजेक्ट उत्तर प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, हरियाणा, पंजाब और तमिलनाडु में सफलतापूर्वक चलाए जा चुके हैं।

डिजिटल कृषि मिशन का व्यापक ढाँचा

डिजिटल कृषि मिशन में डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना का निर्माण, डिजिटल फसल अनुमान सर्वेक्षण और केंद्र एवं राज्य सरकारों के साथ-साथ कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थानों द्वारा डिजिटल पहलों को अपनाना शामिल है। यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार कृषि क्षेत्र में प्रौद्योगिकी के उपयोग को बढ़ावा देने पर ज़ोर दे रही है।

मुख्यमंत्री का संदेश और व्यापक डिजिटल संदर्भ

मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में आई डिजिटल क्रांति ने डिजिटल पहचान, सुरक्षित भुगतान और निर्बाध लेनदेन के ज़रिए शासन और सेवा वितरण में महत्वपूर्ण बदलाव लाए हैं। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि अन्य क्षेत्रों में देखी जा रही इस डिजिटल क्रांति को कृषि क्षेत्र में भी लागू करने की आवश्यकता है। एकीकृत डिजिटल पहचान से सरकारी योजनाओं तक पहुँच अधिक सुगम और विश्वसनीय होने की उम्मीद है।

राज्य सरकार की यह पहल मध्य प्रदेश के लाखों किसानों को डिजिटल मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है, और अब यह देखना होगा कि ज़मीनी स्तर पर इसका क्रियान्वयन कितना प्रभावी साबित होता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

या महज़ एक और डेटाबेस बनकर रह जाएगा। भारत में कृषि योजनाओं की सबसे बड़ी समस्या क्रियान्वयन की रही है, न कि घोषणाओं की। छह राज्यों में पायलट प्रोजेक्ट के बाद भी यह स्पष्ट नहीं है कि किसानों को वास्तव में कितना फ़ायदा हुआ। मध्य प्रदेश में घर-घर पंजीकरण का प्रयास सराहनीय है, पर जब तक इस आईडी को योजनाओं के स्वचालित और सत्यापन-योग्य लाभ हस्तांतरण से नहीं जोड़ा जाता, यह डिजिटल क्रांति कागज़ों तक सीमित रह सकती है।
RashtraPress
29 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मध्य प्रदेश में डिजिटल किसान आईडी क्या है?
डिजिटल किसान आईडी एक सरकारी पहचान पत्र है जो किसानों की भूमि अभिलेख, पशुधन, बोई गई फसलें और सरकारी योजनाओं से प्राप्त लाभों की जानकारी को एकीकृत करती है। यह आधार कार्ड की तरह कृषि क्षेत्र में एक विश्वसनीय डिजिटल पहचान के रूप में काम करेगी।
मध्य प्रदेश में किसान आईडी पंजीकरण कब शुरू हुआ?
मध्य प्रदेश में किसान आईडी पंजीकरण अभियान 20 अगस्त 2026 से शुरू हुआ है। सरकारी टीमें किसानों के घर-घर जाकर पंजीकरण में सहायता कर रही हैं।
डिजिटल किसान आईडी से किसानों को क्या फायदा होगा?
इस आईडी से किसानों को सरकारी योजनाओं और कृषि सेवाओं तक समय पर और व्यक्तिगत पहुँच मिलेगी। एकीकृत डेटा से लाभ वितरण अधिक सुगम और विश्वसनीय होने की उम्मीद है।
डिजिटल कृषि मिशन क्या है?
डिजिटल कृषि मिशन केंद्र सरकार की एक व्यापक पहल है जिसमें डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना का निर्माण, डिजिटल फसल अनुमान सर्वेक्षण और कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थानों द्वारा डिजिटल पहलों को अपनाना शामिल है। मध्य प्रदेश इस मिशन के तहत राज्यव्यापी किसान आईडी अभियान लागू कर रहा है।
क्या यह पहल पहले किसी और राज्य में लागू हुई है?
हाँ, किसान आईडी और डिजिटल फसल सर्वेक्षण के पायलट प्रोजेक्ट पहले उत्तर प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, हरियाणा, पंजाब और तमिलनाडु में चलाए जा चुके हैं। मध्य प्रदेश अब इन अनुभवों के आधार पर राज्यव्यापी अभियान लागू कर रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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