22 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

मध्य प्रदेश: सीएम मोहन यादव ने दी किसानों को उर्वरक चयन की स्वतंत्रता, ई-विकास 2.0 लागू

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
मध्य प्रदेश: सीएम मोहन यादव ने दी किसानों को उर्वरक चयन की स्वतंत्रता, ई-विकास 2.0 लागू

सारांश

मध्य प्रदेश के किसानों को अब खाद खरीदने में न बाध्यता, न ब्याज का बोझ। सीएम मोहन यादव ने ई-विकास 2.0 के ज़रिए उर्वरक चयन की आज़ादी दी, शून्य प्रतिशत ब्याज पर अग्रिम खाद का वादा किया और 31 मार्च की ऋण-भुगतान की अनिवार्य समय-सीमा खत्म कर दी।

मुख्य बातें

ई-विकास 2.0 के तहत किसान अब बिना अनिवार्य संयोजन के अपनी पसंद का कोई भी एक उर्वरक खरीद सकेंगे।
20 अगस्त 2026 से फार्मर आईडी बनाने का अभियान शुरू; शासकीय दल किसानों के घर जाकर आईडी बनाएंगे।
सरकार ने शून्य प्रतिशत ब्याज पर अग्रिम खाद उपलब्ध कराने का निर्णय लिया।
किसान ऋण चुकाने की 31 मार्च की अनिवार्य समय-सीमा समाप्त; अब पूरे वर्ष कभी भी भुगतान संभव।
सीएम यादव ने बागवानी, डेयरी, मत्स्य पालन और पशुपालन अपनाने की अपील की।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 22 अगस्त 2026 को घोषणा की कि प्रदेश के किसान अब अपनी आवश्यकता के अनुसार कोई भी एक उर्वरक बिना किसी अनिवार्य संयोजन के खरीद सकेंगे। शिवपुरी जिले की कृषि उपज मंडी, पिपरसमा में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव को वर्चुअली संबोधित करते हुए उन्होंने ई-विकास 2.0 प्रणाली की शुरुआत का ऐलान किया, जिसे किसानों के लिए अधिक सहज और पारदर्शी बनाया गया है।

ई-विकास 2.0: क्या बदला किसानों के लिए

मुख्यमंत्री यादव ने स्पष्ट किया कि नई ई-विकास 2.0 प्रणाली के तहत किसान अपनी पसंद का कोई भी एक उर्वरक खरीद सकेंगे — उन्हें पहले की तरह अनिवार्य संयोजन (कॉम्बो) लेने की बाध्यता नहीं होगी। यह बदलाव उन किसानों के लिए राहत की बात है जो अक्सर अनचाहे उर्वरक संयोजन खरीदने को मजबूर होते थे।

इसके साथ ही सरकार ने शून्य प्रतिशत ब्याज पर अग्रिम खाद उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है, ताकि आर्थिक तंगी किसी भी किसान के लिए खाद खरीदने में बाधा न बने।

फार्मर आईडी अभियान: 20 अगस्त से शुरुआत

मुख्यमंत्री यादव ने बताया कि प्रदेश में फार्मर आईडी बनवाने का अभियान 20 अगस्त से प्रारंभ किया जा चुका है। इस अभियान की खास बात यह है कि किसानों को दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने होंगे — शासकीय दल स्वयं किसानों के घर जाकर उनकी फार्मर आईडी बनाएंगे। यह पहल डिजिटल कृषि पहचान को ज़मीनी स्तर तक पहुँचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

ऋण चुकाने की समय-सीमा में बड़ा बदलाव

किसानों को अब तक 31 मार्च तक ऋण की राशि चुकानी अनिवार्य थी। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि यह समय-सीमा समाप्त कर दी गई है। अब किसान वर्ष के किसी भी समय अपना ऋण चुका सकेंगे, जिससे उन्हें मौसमी आय के अनुसार भुगतान करने की सुविधा मिलेगी।

विविध कृषि अपनाने की अपील

मुख्यमंत्री यादव ने किसानों से आग्रह किया कि वे केवल पारंपरिक फसलों तक सीमित न रहें, बल्कि बागवानी, डेयरी फार्मिंग, मत्स्य पालन और पशुपालन जैसे क्षेत्रों में भी कदम रखें। उन्होंने शिवपुरी जिले की मूंगफली की देशव्यापी पहचान का उल्लेख करते हुए कहा कि जिले को 'कृषि का सिरमौर' बनाने का लक्ष्य है।

आगे की राह

ई-विकास 2.0 और फार्मर आईडी अभियान जैसी पहलें मध्य प्रदेश सरकार की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा हैं, जिसका उद्देश्य कृषि क्षेत्र में डिजिटल पारदर्शिता लाना और किसानों की आय बढ़ाना है। इन योजनाओं के क्रियान्वयन की गति और ज़मीनी प्रभाव आने वाले खरीफ और रबी सीजन में स्पष्ट होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा क्रियान्वयन की होगी — खासकर तब जब खरीफ सीजन की माँग चरम पर हो। शून्य प्रतिशत ब्याज पर खाद का वादा किसानों को राहत देता है, पर यह सुनिश्चित करना ज़रूरी है कि वितरण तंत्र में बिचौलियों की भूमिका न रहे। 31 मार्च की समय-सीमा हटाना एक व्यावहारिक सुधार है, लेकिन कर्ज़ की मूल राशि और ब्याज-दर संरचना पर दीर्घकालिक नीति के बिना यह राहत अधूरी रहेगी। मध्य प्रदेश के कृषि सुधारों की विश्वसनीयता इस बात पर टिकी है कि ये घोषणाएँ मंच से उतरकर खेत तक कितनी जल्दी पहुँचती हैं।
RashtraPress
22 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ई-विकास 2.0 क्या है और किसानों को इससे क्या फायदा होगा?
ई-विकास 2.0 मध्य प्रदेश सरकार की उर्वरक वितरण प्रणाली का उन्नत संस्करण है, जिसके तहत किसान अब बिना किसी अनिवार्य संयोजन के अपनी पसंद का कोई भी एक उर्वरक खरीद सकते हैं। पहले किसानों को तय संयोजन में खाद लेनी पड़ती थी, जो अक्सर उनकी ज़रूरत से मेल नहीं खाती थी।
फार्मर आईडी अभियान क्या है और इसे कैसे बनवाएँ?
फार्मर आईडी किसानों की डिजिटल पहचान है, जो सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे और पारदर्शी तरीके से दिलाती है। 20 अगस्त 2026 से शुरू इस अभियान में शासकीय दल स्वयं किसानों के घर जाकर यह आईडी बनाएंगे, इसलिए किसानों को कहीं जाने की ज़रूरत नहीं।
शून्य प्रतिशत ब्याज पर खाद कैसे मिलेगी?
मध्य प्रदेश सरकार ने निर्णय लिया है कि किसान शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर अग्रिम खाद प्राप्त कर सकेंगे। इसका उद्देश्य यह है कि आर्थिक तंगी किसी भी किसान के लिए उर्वरक खरीदने में बाधा न बने।
किसान ऋण चुकाने की 31 मार्च की समय-सीमा क्यों हटाई गई?
पहले किसानों को 31 मार्च तक ऋण चुकाना अनिवार्य था, जो फसल की बिक्री के समय से हमेशा मेल नहीं खाता था। अब किसान पूरे वर्ष में किसी भी समय ऋण चुका सकते हैं, जिससे उन्हें मौसमी आय के अनुसार भुगतान करने की सुविधा मिलेगी।
सीएम मोहन यादव ने शिवपुरी के किसानों को क्या संदेश दिया?
मुख्यमंत्री यादव ने शिवपुरी के किसानों से पारंपरिक फसलों के साथ-साथ बागवानी, डेयरी फार्मिंग, मत्स्य पालन और पशुपालन जैसे क्षेत्रों को अपनाने की अपील की। उन्होंने शिवपुरी की मूंगफली की देशव्यापी पहचान का उल्लेख करते हुए जिले को 'कृषि का सिरमौर' बनाने का लक्ष्य रखा।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 दिन पहले
  2. 3 सप्ताह पहले
  3. 3 सप्ताह पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 4 महीने पहले
  7. 4 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले