25 सितंबर 2026
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पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 110वीं जयंती: PM मोदी 'भजन क्लबिंग' में शामिल, खंजरी भी बजाई

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पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 110वीं जयंती: PM मोदी 'भजन क्लबिंग' में शामिल, खंजरी भी बजाई

सारांश

पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 110वीं जयंती पर PM मोदी का दिल्ली के दीनदयाल उपाध्याय पार्क में 'भजन क्लबिंग' में शामिल होना और खंजरी बजाना — परंपरा और युवा संस्कृति को जोड़ने का एक असाधारण संगम।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी ने 25 सितंबर 2026 की शाम दीनदयाल उपाध्याय पार्क, नई दिल्ली में 'भजन क्लबिंग' कार्यक्रम में भाग लिया।
कार्यक्रम पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 110वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया था।
प्रधानमंत्री मोदी ने कार्यक्रम के दौरान खंजरी बजाई और दर्शकों की पहली पंक्ति में बैठे दिखे।
मोदी ने एक्स पर पोस्ट कर उपाध्याय के अंत्योदय दर्शन को जन कल्याण और राष्ट्र निर्माण का आधार बताया।
उन्होंने एक संस्कृत सुभाषितम भी साझा किया, जो निरंतर प्रयास और साहस को सफलता की कुंजी बताता है।
पंडित दीनदयाल उपाध्याय का जन्म 25 सितंबर 1916 को हुआ था; वे RSS विचारक और भारतीय जनसंघ के प्रमुख नेता थे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 सितंबर 2026 की शाम नई दिल्ली के दीनदयाल उपाध्याय पार्क में आयोजित 'भजन क्लबिंग' कार्यक्रम में भाग लिया, जो भारतीय जनसंघ के प्रमुख नेता और RSS विचारक पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 110वीं जयंती के अवसर पर आयोजित किया गया था। कार्यक्रम के एक वीडियो में प्रधानमंत्री को दर्शकों की पहली पंक्ति में बैठे देखा गया, जबकि मंच पर गायक और संगीतकार भक्ति गीत प्रस्तुत कर रहे थे।

भजन क्लबिंग: एक नया आध्यात्मिक ट्रेंड

'भजन क्लबिंग' युवाओं — खासकर जेनरेशन Z — के बीच तेज़ी से उभरती एक आध्यात्मिक प्रवृत्ति है, जिसमें पारंपरिक भजनों और कीर्तनों को समसामयिक और आधुनिक शैली में प्रस्तुत किया जाता है। इस कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी स्वयं खंजरी बजाते भी नज़र आए, जो इस आयोजन की विशेष झलकियों में से एक रही।

श्रद्धांजलि और अंत्योदय दर्शन पर संदेश

इससे पहले दिन में प्रधानमंत्री मोदी ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'राष्ट्र सेवा के सच्चे अनुयायी पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी को उनकी जयंती पर मेरी श्रद्धांजलि। उन्होंने समाज के सबसे निचले तबके के व्यक्ति के उत्थान को राष्ट्र निर्माण का आधार माना और हमें अंत्योदय का दर्शन दिया, जो आज भी जन कल्याण के लिए प्रेरणा का स्रोत बना हुआ है।'

प्रधानमंत्री ने नागरिकों से आग्रह किया, 'आइए, इस विशेष अवसर पर उनके विचारों और आदर्शों को आत्मसात करने और अपने सामाजिक और राष्ट्रीय दायित्वों को पूरा करने के अपने संकल्प को दोहराएं। प्रयास करने से ही फल मिलता है।'

संस्कृत सुभाषितम और विरासत का आह्वान

एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर एक संस्कृत सुभाषितम भी साझा किया, जिसमें इस बात पर प्रकाश डाला गया कि सफलता और नवाचार भाग्य से नहीं, बल्कि निरंतर प्रयास और साहस से प्राप्त होते हैं। उन्होंने उपाध्याय के अंत्योदय दर्शन को समकालीन नीतियों और जमीनी स्तर पर सशक्तीकरण के लिए आज भी प्रासंगिक बताया।

पंडित दीनदयाल उपाध्याय: संक्षिप्त परिचय

पंडित दीनदयाल उपाध्याय का जन्म 25 सितंबर 1916 को हुआ था। वे भारतीय जनसंघ के प्रमुख नेता और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख विचारक रहे। उन्होंने 1940 के दशक में 'राष्ट्र धर्म' नामक मासिक प्रकाशन की नींव रखी, जिसका उद्देश्य हिंदुत्व पुनरुत्थान के आदर्शों का प्रसार करना था। गौरतलब है कि 'अंत्योदय' का उनका विचार — यानी समाज के अंतिम व्यक्ति का उत्थान — आज भी कई सरकारी योजनाओं की वैचारिक नींव माना जाता है।

आगे का कार्यक्रम

जयंती के उपलक्ष्य में देशभर में भारतीय जनता पार्टी (BJP) और संबद्ध संगठनों द्वारा विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। प्रधानमंत्री की इस 'भजन क्लबिंग' में सहभागिता को आध्यात्मिक परंपराओं को युवा पीढ़ी से जोड़ने के एक सांस्कृतिक संकेत के रूप में भी देखा जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसके क्रियान्वयन को लेकर समय-समय पर बहस होती रही है। यह कार्यक्रम दर्शाता है कि सत्तारूढ़ दल परंपरा और आधुनिकता को एक ही मंच पर लाकर अपनी वैचारिक विरासत को नई पीढ़ी के बीच जीवंत रखना चाहता है।
RashtraPress
25 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'भजन क्लबिंग' क्या है और यह इतनी चर्चा में क्यों है?
'भजन क्लबिंग' एक उभरता हुआ आध्यात्मिक ट्रेंड है जिसमें पारंपरिक भजनों और कीर्तनों को आधुनिक और समसामयिक शैली में प्रस्तुत किया जाता है। यह खासतौर पर जेनरेशन Z के बीच लोकप्रिय हो रहा है।
PM मोदी ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 110वीं जयंती पर क्या किया?
प्रधानमंत्री मोदी ने 25 सितंबर 2026 को नई दिल्ली के दीनदयाल उपाध्याय पार्क में 'भजन क्लबिंग' कार्यक्रम में भाग लिया और खंजरी भी बजाई। इसके अलावा उन्होंने एक्स पर श्रद्धांजलि पोस्ट कर उपाध्याय के अंत्योदय दर्शन की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला।
पंडित दीनदयाल उपाध्याय का अंत्योदय दर्शन क्या है?
अंत्योदय का अर्थ है 'अंतिम व्यक्ति का उत्थान' — यानी समाज के सबसे निचले तबके के व्यक्ति को विकास की मुख्यधारा में लाना। पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने इसे राष्ट्र निर्माण का आधार माना था और यह विचार आज भी कई सरकारी कल्याण योजनाओं की वैचारिक नींव माना जाता है।
पंडित दीनदयाल उपाध्याय कौन थे?
पंडित दीनदयाल उपाध्याय का जन्म 25 सितंबर 1916 को हुआ था। वे भारतीय जनसंघ के प्रमुख नेता और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के महत्वपूर्ण विचारक थे। उन्होंने 1940 के दशक में 'राष्ट्र धर्म' नामक मासिक प्रकाशन की शुरुआत की थी।
PM मोदी ने एक्स पर पंडित दीनदयाल उपाध्याय के बारे में क्या लिखा?
मोदी ने एक्स पर लिखा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने समाज के सबसे निचले तबके के उत्थान को राष्ट्र निर्माण का आधार माना और अंत्योदय का दर्शन दिया, जो आज भी जन कल्याण के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने नागरिकों से उपाध्याय के विचारों और आदर्शों को आत्मसात करने का आह्वान भी किया।
राष्ट्र प्रेस
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