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डीके शिवकुमार के बचपन के दोस्त बीएन मधुकर बोले — '1969 से दोस्त हैं, आज भी वही हैं'

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डीके शिवकुमार के बचपन के दोस्त बीएन मधुकर बोले — '1969 से दोस्त हैं, आज भी वही हैं'

सारांश

पाँच दशक पुरानी दोस्ती, एक अटूट बंधन — बीएन मधुकर के शब्दों में डीके शिवकुमार आज भी वही हैं जो 1969 में थे। स्कूल में ही राजनीति की ठान चुके शिवकुमार अब कर्नाटक के मुख्यमंत्री बनने की दहलीज पर हैं।

मुख्य बातें

बीएन मधुकर , डीके शिवकुमार के बचपन के मित्र, ने कहा कि वे 1969 से उन्हें जानते हैं।
मधुकर के अनुसार शिवकुमार ने छठी-सातवीं कक्षा में ही राजनीति में आने का निर्णय ले लिया था।
शिवकुमार एनएसयूआई के सक्रिय सदस्य रहे और छात्र आंदोलनों में हिस्सा लेते थे।
खेलों में प्रतिभाशाली होने के बावजूद शिवकुमार ने राजनीति को ही अपना लक्ष्य चुना।
मधुकर ने कहा कि शिवकुमार आज भी 'बस एक फोन कॉल की दूरी पर' हैं और नियमित मुलाकात होती है।

कर्नाटक के मुख्यमंत्री-designate डीके शिवकुमार के बचपन के घनिष्ठ मित्र बीएन मधुकर ने शिवकुमार के राज्य के सर्वोच्च राजनीतिक पद तक पहुँचने पर हर्ष व्यक्त किया और कहा कि दशकों की राजनीतिक यात्रा के बाद भी उनके मित्र का स्वभाव जस का तस बना हुआ है। मधुकर ने बताया कि वे 1969 से शिवकुमार को जानते हैं — यानी यह दोस्ती पाँच दशकों से भी पुरानी है।

पाँच दशक पुरानी दोस्ती

मधुकर ने कहा, 'यह वाकई खुशी की बात है कि वो आज इस मुकाम पर पहुँचे हैं। मैं बचपन से, लगभग 1969 से, उनका दोस्त रहा हूँ। वो आज भी वैसे ही दोस्त हैं जैसे बचपन में थे।' उन्होंने बताया कि सार्वजनिक जीवन में व्यस्तता के बावजूद शिवकुमार हमेशा कॉल वापस करते हैं और नियमित मुलाकात का सिलसिला कायम है।

स्कूल में ही तय कर ली थी राजनीति की राह

मधुकर के अनुसार, डीके शिवकुमार ने छठी या सातवीं कक्षा के बाद ही यह स्पष्ट कर दिया था कि उनका लक्ष्य राजनीति है। उन्होंने कहा, 'उन्होंने बहुत पहले ही यह जाहिर कर दिया था कि वे राजनीति में आना चाहते हैं। हमने उन्हें एनएसयूआई के एक जोशीले सदस्य के रूप में देखा, जो विभिन्न आंदोलनों और छात्र आंदोलनों में सक्रिय रूप से भाग लेते थे।'

खेल में भी थे माहिर, पर राजनीति की लगन रही अटूट

मधुकर ने एक दिलचस्प पहलू साझा करते हुए बताया कि शिवकुमार खेलों में भी बेहद प्रतिभाशाली थे और उनके कई मित्र चाहते थे कि वे खेल क्षेत्र में करियर बनाएँ। उन्होंने कहा, 'वे खेलों में बहुत अच्छे थे और हम चाहते थे कि वे इसी क्षेत्र में आगे बढ़ें। हालाँकि, उनकी हमेशा से राजनीति में गहरी रुचि रही और वे इसी राह पर चलते रहे।'

निजी संबंध आज भी बरकरार

मधुकर ने रेखांकित किया कि सार्वजनिक जीवन में दशकों बिताने के बावजूद शिवकुमार ने अपने पुराने रिश्ते सहेजकर रखे हैं। उनके शब्दों में, 'आज वे एक वरिष्ठ राजनेता हैं, इसलिए स्वाभाविक रूप से समय के साथ कुछ चीजें बदल गई होंगी। लेकिन हमारे लिए वे आज भी वही डीके शिवकुमार हैं — बस एक फोन कॉल की दूरी पर।' उन्होंने यह भी कहा कि उनके पास बचपन के कई रोचक किस्से हैं, लेकिन शिवकुमार की वर्तमान प्रतिष्ठा को देखते हुए वे उन्हें सार्वजनिक रूप से साझा करना उचित नहीं समझते।

आगे क्या

डीके शिवकुमार के मुख्यमंत्री पद की शपथ की तैयारियाँ जारी हैं और बेंगलुरु में राजनीतिक हलचल बनी हुई है। उनके पुराने साथियों और समर्थकों में इस अवसर को लेकर उत्साह का माहौल है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन मधुकर की बात एक महत्वपूर्ण राजनीतिक सच्चाई की ओर इशारा करती है — शिवकुमार की छवि 'जमीन से जुड़े नेता' की रही है और यही उनकी सबसे बड़ी राजनीतिक पूँजी है। कर्नाटक में जहाँ कांग्रेस को सत्ता-विरोधी लहर से बचना है, वहाँ एक ऐसे मुख्यमंत्री की जरूरत है जो आम लोगों से जुड़ा दिखे। हालाँकि, व्यक्तित्व की सहजता और प्रशासनिक जवाबदेही दो अलग कसौटियाँ हैं — असली परीक्षा कुर्सी संभालने के बाद शुरू होगी।
RashtraPress
4 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डीके शिवकुमार के बचपन के दोस्त बीएन मधुकर ने क्या कहा?
बीएन मधुकर ने कहा कि वे 1969 से शिवकुमार को जानते हैं और दशकों की राजनीतिक यात्रा के बाद भी उनका स्वभाव नहीं बदला। उन्होंने कहा कि शिवकुमार आज भी बस एक फोन कॉल की दूरी पर हैं।
डीके शिवकुमार ने राजनीति में कब आने का फैसला किया था?
मधुकर के अनुसार शिवकुमार ने छठी या सातवीं कक्षा के बाद ही यह स्पष्ट कर दिया था कि वे राजनीति में जाएँगे। वे एनएसयूआई के जोशीले सदस्य रहे और छात्र आंदोलनों में सक्रिय रहे।
क्या डीके शिवकुमार खेलों में भी रुचि रखते थे?
हाँ, मधुकर ने बताया कि शिवकुमार खेलों में बेहद अच्छे थे और उनके मित्र चाहते थे कि वे खेल क्षेत्र में करियर बनाएँ। लेकिन राजनीति के प्रति उनकी लगन इतनी गहरी थी कि उन्होंने वही राह चुनी।
डीके शिवकुमार कर्नाटक के मुख्यमंत्री कब बनने वाले हैं?
डीके शिवकुमार को कर्नाटक का मुख्यमंत्री-designate बताया जा रहा है और शपथ की तैयारियाँ बेंगलुरु में जारी हैं। सटीक तारीख की आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है।
बीएन मधुकर ने शिवकुमार के बचपन के किस्से सार्वजनिक क्यों नहीं किए?
मधुकर ने कहा कि उनके पास कई मजेदार किस्से हैं, लेकिन शिवकुमार की वर्तमान प्रतिष्ठा और मुकाम को देखते हुए उन्हें सार्वजनिक रूप से साझा करना उचित नहीं लगता।
राष्ट्र प्रेस
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