15 सितंबर 2026
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एम.के. स्टालिन की अचानक तबीयत बिगड़ी, डीएमके ने 'मुप्पेरुम विझा' समारोह स्थगित किया

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एम.के. स्टालिन की अचानक तबीयत बिगड़ी, डीएमके ने 'मुप्पेरुम विझा' समारोह स्थगित किया

सारांश

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और DMK अध्यक्ष एम.के. स्टालिन की अचानक बिगड़ी तबीयत ने पार्टी के सबसे महत्त्वपूर्ण वार्षिक आयोजन 'मुप्पेरुम विझा' को रोक दिया। अन्नादुरई की जयंती पर स्टालिन की अनुपस्थिति ने पहले ही पदाधिकारियों को चिंतित कर दिया था। नई तारीख अभी तय नहीं।

मुख्य बातें

स्टालिन के अचानक बीमार पड़ने के कारण 15 सितंबर 2026 को चेन्नई में होने वाला 'मुप्पेरुम विझा' समारोह स्थगित।
DMK महासचिव दुरईमुरुगन ने स्थगन की आधिकारिक घोषणा की; नई तारीख बाद में घोषित होगी।
समारोह में पेरियार, अन्ना, कलैगनार, पावेंधर और एम.के.
स्टालिन पुरस्कार दिए जाने थे।
स्टालिन की बीमारी की प्रकृति के बारे में पार्टी ने कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी।
'मुप्पेरुम विझा' तीन अवसरों — पेरियार जयंती ( 17 सितंबर ), अन्नादुरई जयंती ( 15 सितंबर ) और DMK स्थापना दिवस ( 17 सितंबर, 1949 ) — का संयुक्त उत्सव है।

द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) के अध्यक्ष एवं तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन के अचानक बीमार पड़ने के बाद पार्टी ने अपना सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण वार्षिक समारोह 'मुप्पेरुम विझा' स्थगित कर दिया है। यह भव्य आयोजन मंगलवार, 15 सितंबर 2026 की शाम चेन्नई स्थित अन्ना अरिवलयम के कलैगनार अरंगम में होने वाला था।

कार्यक्रम स्थगन की घोषणा

DMK के महासचिव दुरईमुरुगन ने आधिकारिक तौर पर समारोह स्थगित करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि नई तारीख की जानकारी बाद में दी जाएगी। मंगलवार की शाम के उत्सव से जुड़े तमाम कार्यक्रम भी अनिश्चितकाल के लिए टाल दिए गए हैं।

पार्टी ने तत्काल यह स्पष्ट नहीं किया कि स्टालिन को किस प्रकार की बीमारी हुई है अथवा उन्हें चिकित्सकीय आराम की सलाह दी गई है या नहीं। इस संबंध में पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक मेडिकल बुलेटिन जारी नहीं किया गया।

पार्टी पदाधिकारियों में बढ़ी चिंता

दिन में ही चेन्नई में DMK के संस्थापक एवं तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री सी.एन. अन्नादुरई की जयंती के उत्सव में स्टालिन के शामिल न होने से पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों में चिंता की लहर दौड़ गई थी। गौरतलब है कि 'मुप्पेरुम विझा' में स्टालिन की उपस्थिति परंपरागत रूप से अनिवार्य मानी जाती है।

समारोह के लिए पूरे तमिलनाडु से आए पार्टी कार्यकर्ताओं और पुरस्कार विजेताओं को कार्यक्रम के स्थगन की सूचना दी गई। इस वर्ष के आयोजन में पेरियार पुरस्कार, अन्ना पुरस्कार, कलैगनार पुरस्कार, पावेंधर पुरस्कार एवं एम.के. स्टालिन पुरस्कार दिए जाने थे।

'मुप्पेरुम विझा' का ऐतिहासिक महत्त्व

'मुप्पेरुम विझा' अर्थात 'त्रि-उत्सव' DMK के राजनीतिक कैलेंडर का सबसे अहम वार्षिक आयोजन है। यह समारोह तीन ऐतिहासिक अवसरों को एक साथ मनाता है — समाज-सुधारक ई.वी. रामासामी 'पेरियार' की जयंती (17 सितंबर, 1879, इरोड), DMK के संस्थापक सी.एन. अन्नादुरई 'अन्ना' की जयंती (15 सितंबर, 1909, कांचीपुरम) तथा डीएमके की स्थापना (17 सितंबर, 1949)।

इस आयोजन में वरिष्ठ कार्यकर्ताओं, सांस्कृतिक हस्तियों और द्रविड़ आंदोलन में योगदान देने वाली विभूतियों को सम्मानित किया जाता है। यह ऐसे समय में आया है जब पार्टी आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों की तैयारी में व्यस्त थी।

द्रविड़ आंदोलन की विरासत

पेरियार ने आत्म-सम्मान आंदोलन का नेतृत्व करते हुए जाति-भेद, सामाजिक असमानता, अंधविश्वास और महिला अधिकारों की अनदेखी के विरुद्ध अभियान चलाया। उनके तर्कवादी एवं सामाजिक न्याय के सिद्धांतों ने द्रविड़ आंदोलन की वैचारिक नींव रखी।

अन्नादुरई ने 1949 में पेरियार की द्रविड़ कड़गम से अलग होकर DMK की स्थापना की। 1967 में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने मद्रास राज्य का नाम बदलकर तमिलनाडु करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई। फरवरी 1969 में उनका निधन हो गया।

आगे की स्थिति

पार्टी नेतृत्व से उम्मीद है कि स्टालिन की सेहत और उपलब्धता का आकलन होने के बाद नई तारीख की घोषणा की जाएगी। इस बीच, तमिलनाडु में राजनीतिक और सामाजिक हलकों में स्टालिन के स्वास्थ्य को लेकर अटकलें तेज़ हैं। पार्टी की ओर से स्वास्थ्य संबंधी विस्तृत जानकारी का इंतज़ार किया जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो DMK जैसे अनुशासित संगठन के लिए प्रबंधन की चुनौती बन सकती है। तमिलनाडु की राजनीति में नेतृत्व-केंद्रित ढाँचे को देखते हुए स्टालिन के स्वास्थ्य की कोई भी अनिश्चितता पार्टी की आंतरिक गतिविधियों और राज्य प्रशासन दोनों पर असर डाल सकती है। पारदर्शी चिकित्सा संवाद न केवल जनता, बल्कि पार्टी कार्यकर्ताओं की चिंता को भी शांत करने के लिए ज़रूरी है।
RashtraPress
15 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'मुप्पेरुम विझा' क्या है और यह क्यों महत्त्वपूर्ण है?
'मुप्पेरुम विझा' DMK का सबसे बड़ा वार्षिक राजनीतिक-सांस्कृतिक समारोह है, जो पेरियार की जयंती, अन्नादुरई की जयंती और DMK के स्थापना दिवस — तीन ऐतिहासिक अवसरों को एक साथ मनाता है। इसमें द्रविड़ आंदोलन में योगदान देने वाली हस्तियों को प्रतिष्ठित पुरस्कार दिए जाते हैं।
DMK ने 'मुप्पेरुम विझा' क्यों स्थगित किया?
पार्टी अध्यक्ष एवं तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन के अचानक बीमार पड़ने के कारण 15 सितंबर 2026 को चेन्नई में आयोजित होने वाला यह समारोह स्थगित किया गया। DMK महासचिव दुरईमुरुगन ने आधिकारिक तौर पर इसकी घोषणा की।
एम.के. स्टालिन को किस बीमारी से पीड़ित बताया जा रहा है?
DMK ने अभी तक स्टालिन की बीमारी की प्रकृति सार्वजनिक नहीं की है। पार्टी ने न तो यह बताया कि उन्हें कौन सी बीमारी है और न ही यह स्पष्ट किया कि उन्हें चिकित्सकीय आराम की सलाह दी गई है।
'मुप्पेरुम विझा' की नई तारीख कब घोषित होगी?
दुरईमुरुगन के अनुसार, नई तारीख बाद में घोषित की जाएगी। उम्मीद है कि पार्टी नेतृत्व स्टालिन की सेहत और उपलब्धता का आकलन करने के बाद नया कार्यक्रम तय करेगा।
अन्नादुरई और पेरियार DMK के लिए क्यों महत्त्वपूर्ण हैं?
पेरियार (ई.वी. रामासामी) ने द्रविड़ आंदोलन की वैचारिक नींव रखी और आत्म-सम्मान आंदोलन का नेतृत्व किया। अन्नादुरई (सी.एन. अन्नादुरई) ने 1949 में DMK की स्थापना की और 1967 में तमिलनाडु के पहले गैर-कांग्रेसी मुख्यमंत्री बने। दोनों नेता DMK की वैचारिक पहचान के केंद्र में हैं।
राष्ट्र प्रेस
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