पेरियार-अन्ना जयंती रैलियों पर रोक: उधयनिधि स्टालिन ने तमिलनाडु पुलिस पर लगाया दोहरे मापदंड का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु में विपक्ष के नेता उधयनिधि स्टालिन ने 14 सितंबर 2026 को समाज सुधारक पेरियार ई.वी. रामासामी और पूर्व मुख्यमंत्री सी.एन. अन्नादुरई की जयंती पर प्रस्तावित रैलियों को पुलिस द्वारा अनुमति न दिए जाने पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का खुला हनन बताते हुए राज्य सरकार से इस निर्णय को तत्काल पलटने की माँग की।
कौन-सी रैलियाँ रोकी गईं
द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) ने 17 सितंबर को पेरियार की जयंती के उपलक्ष्य में उनके जन्मस्थान इरोड में एक बड़ी रैली आयोजित करने की योजना बनाई थी। इसके अलावा 'पेरारिग्नार अन्ना' के नाम से विख्यात सी.एन. अन्नादुरई की जयंती के अवसर पर गुडियाथम में एक संयुक्त रैली प्रस्तावित थी, जिसे DMK और कई अन्य राजनीतिक दलों को मिलकर आयोजित करना था। तमिलनाडु पुलिस ने दोनों कार्यक्रमों के लिए अनुमति देने से इनकार कर दिया।
उधयनिधि के आरोप: दोहरे मापदंड
उधयनिधि स्टालिन ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर पुलिस पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि राज्य में दक्षिणपंथी समूहों द्वारा आयोजित रैलियों को बिना किसी अड़चन के अनुमति दी गई, जबकि द्रविड़ परंपरा के दो महान स्तंभों की स्मृति में होने वाले कार्यक्रमों को रोका गया।
उन्होंने सवाल किया कि जो पुलिस सीधे मुख्यमंत्री के नियंत्रण में काम करती है, वह किसके दबाव में यह फैसला ले रही है — और क्या वह भगवा राजनीति से जुड़ी शक्तियों के आगे झुक रही है। उधयनिधि ने इसे राजनीतिक अहंकार और द्रविड़ विरासत के प्रति अनादर करार दिया।
मुख्यमंत्री पर निशाना
विपक्ष के नेता ने एक और तीखा सवाल उठाया: मुख्यमंत्री जो बार-बार पेरियार और अन्ना को अपना वैचारिक मार्गदर्शक बताते हैं, उनकी याद में रैलियों पर रोक लगाकर वे किसे खुश करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह विरोधाभास तमिलनाडु की जनता की नज़र से नहीं छुपेगा।
DMK की माँग और द्रविड़ विरासत का महत्व
उधयनिधि स्टालिन ने जोर देकर कहा कि पेरियार और अन्ना को श्रद्धांजलि देना महज एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं है — यह तमिलनाडु के सामाजिक न्याय, तर्कवाद, भाषाई गौरव और आत्म-सम्मान के आंदोलन की ऐतिहासिक विरासत को जीवित रखना है। गौरतलब है कि पेरियार का जन्म 17 सितंबर को हुआ था और वे 20वीं सदी के सबसे प्रभावशाली सामाजिक सुधारकों में गिने जाते हैं।
DMK नेता ने माँग की कि पुलिस अपना निर्णय तुरंत वापस ले और प्रस्तावित रैलियों को तय नियमों के अनुसार शांतिपूर्ण ढंग से आयोजित होने दिया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि तमिलनाडु की जनता सरकार के हर कदम पर बारीकी से नज़र रख रही है। यह मामला आने वाले दिनों में राजनीतिक रूप से और गर्म होने की संभावना है।