तमिलनाडु चुनाव: डॉ. एस रामदास की नई पार्टी की घोषणा, पीएमके में विभाजन

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तमिलनाडु चुनाव: डॉ. एस रामदास की नई पार्टी की घोषणा, पीएमके में विभाजन

सारांश

तमिलनाडु विधानसभा चुनावों से पहले, डॉ. एस रामदास अपनी नई पार्टी के गठन का ऐलान करने जा रहे हैं। यह कदम पीएमके में बढ़ते विवाद और अंबुमणि रामदास के साथ मतभेदों के बीच उठाया गया है। जानिए पूरी खबर।

मुख्य बातें

एस रामदास नई पार्टी का ऐलान करेंगे।
पीएमके में विभाजन की स्थिति उत्पन्न हुई है।
अंबुमणि रामदास ने पार्टी में अपनी पकड़ मजबूत की है।
नई पार्टी का नाम 'अय्या पीएमके' रखा गया है।
यह विवाद चुनाव में महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकता है।

चेन्नई, 26 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। आने वाले तमिलनाडु विधानसभा चुनावों से पहले, डॉ. एस रामदास अपनी नई राजनीतिक पार्टी की स्थापना का ऐलान करने वाले हैं। यह निर्णय पट्टाली मक्कल काची (पीएमके) के अंदर गहराते विवाद और उनके पुत्र अंबुमणि रामदास के साथ बढ़ते मतभेदों के बीच लिया गया है।

सूत्रों के अनुसार, यह घोषणा तिंडिवनम स्थित थैलापुरम एस्टेट में की जाएगी। इस कदम के पीछे यह मान्यता है कि इससे पार्टी के अंदर चल रहा नेतृत्व विवाद अब एक बड़े राजनीतिक विभाजन में बदल जाएगा। पिछले कुछ हफ्तों से पार्टी के भीतर तनाव, सार्वजनिक बयानबाजी और संगठनात्मक असमंजस की स्थिति देखी जा रही थी।

यह विवाद तब और बढ़ गया जब चुनाव आयोग ने अंबुमणि रामदास को पार्टी का वैध नेता मानते हुए पीएमके के नाम और उसके लोकप्रिय 'आम' चुनाव चिह्न का अधिकार उन्हें दे दिया। इस निर्णय को डॉ. एस रामदास ने अदालत में चुनौती दी थी, ताकि वे अपनी ही स्थापित पार्टी पर नियंत्रण बनाए रख सकें।

हालांकि, अदालत का फैसला उनके खिलाफ गया, जिससे उन्हें एक बड़ा झटका लगा और उन्होंने एक अलग राजनीतिक मंच बनाने का निर्णय लिया। अब जब कानूनी विकल्प समाप्त हो गए हैं, डॉ. एस रामदास अपनी राजनीतिक ताकत को अलग से आजमाने की तैयारी कर रहे हैं।

सूत्रों का कहना है कि उन्होंने वीके शशिकला के समर्थित नए गठबंधन 'ऑल इंडिया पुरैची थलाइवर मक्कल मुनेत्र कड़गम' के साथ सहयोग किया है और आगामी चुनाव इसी मंच से लड़ने की योजना है।

दूसरी ओर, अंबुमणि रामदास ने पार्टी में अपनी स्थिति मजबूत कर ली है। उनका गुट एआईएडीएमके के नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन से जुड़ चुका है और सीट बंटवारे में 18 सीटें हासिल कर चुका है। इससे वे आगामी चुनाव में पार्टी का आधिकारिक चेहरा बनकर उभरे हैं।

इस पूरे घटनाक्रम से तमिलनाडु में पीएमके कार्यकर्ताओं के बीच असमंजस की स्थिति उत्पन्न हो गई है। कई जमीनी स्तर के कार्यकर्ता अब तक यह तय नहीं कर पा रहे हैं कि किस गुट का समर्थन करें।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस विभाजन का सीधा प्रभाव पार्टी के पारंपरिक वोट बैंक पर पड़ेगा, खासकर उत्तरी तमिलनाडु के उन क्षेत्रों में जहां पीएमके का मजबूत प्रभाव रहा है।

नई पार्टी के पंजीकरण की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। पीएमके के महासचिव अंबाझगन के बेटे मुकिलन ने 'अय्या पासरई मक्कल काची' नाम के लिए आवेदन किया है, जिसे संक्षेप में 'अय्या पीएमके' कहा जा रहा है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डॉ. एस रामदास कौन हैं?
डॉ. एस रामदास एक प्रमुख तमिलनाडु के राजनीतिक नेता हैं और पट्टाली मक्कल काची के संस्थापक हैं।
नई पार्टी का नाम क्या होगा?
नई पार्टी का नाम 'अय्या पासरई मक्कल काची' रखा गया है, जिसे संक्षेप में 'अय्या पीएमके' कहा जाएगा।
पीएमके के भीतर विवाद का कारण क्या है?
पीएमके के भीतर विवाद का मुख्य कारण नेतृत्व और पार्टी के अधिकार को लेकर मतभेद हैं।
अंबुमणि रामदास की भूमिका क्या है?
अंबुमणि रामदास, डॉ. एस रामदास के बेटे हैं और वर्तमान में पीएमके के वैध नेता माने जाते हैं।
इस विभाजन का चुनाव पर क्या असर पड़ेगा?
विशेषज्ञों का मानना है कि इस विभाजन का सीधा असर पार्टी के पारंपरिक वोट बैंक पर पड़ेगा।
राष्ट्र प्रेस
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