विक्रमादित्य सिंह का कंगना रनौत को जवाब: 'पहले जानकारी लें, फिर बयानबाजी करें' — विधवा-अनाथ सेस विवाद
सारांश
मुख्य बातें
हिमाचल प्रदेश के लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने 13 अगस्त को शिमला में 30 इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाते हुए मंडी से भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत के उस बयान पर कड़ा पलटवार किया, जिसमें उन्होंने राज्य में पेट्रोल-डीजल पर लगाए गए विधवा और अनाथ सेस की आलोचना की थी। मंत्री ने सीधे शब्दों में कहा कि बयान देने से पहले तथ्यों की जानकारी होना ज़रूरी है।
30 इलेक्ट्रिक बसों का शुभारंभ
विक्रमादित्य सिंह ने शिमला के कई इलाकों के लिए 30 इलेक्ट्रिक बसों की शुरुआत की। उन्होंने कहा, 'हमारे निर्वाचन क्षेत्र में करीब ₹650 करोड़ के विकास कार्य हो रहे हैं। हमारे इलाके में बसों की कमी थी और हमें उसे मजबूत करना था — यह एक अच्छी शुरुआत है।' उन्होंने स्पष्ट किया कि पूरे हिमाचल प्रदेश का समान विकास सुनिश्चित करना उनकी सरकार की प्राथमिकता है।
कंगना रनौत के बयान पर पलटवार
कंगना रनौत ने राज्य में पेट्रोल-डीजल पर 60 पैसे प्रति लीटर के नए सेस की आलोचना की थी। इस पर विक्रमादित्य सिंह ने कहा, 'पेट्रोल-डीजल की कीमतें जो लगातार बढ़ रही हैं, वो हिमाचल की सरकार नहीं बढ़ा रही — वो पूरे देश में बढ़ रही हैं। पहले जानकारी प्राप्त करें, फिर मीडिया में इस तरह की बयानबाजी करें।' उन्होंने यह भी कहा कि यह सेस अनाथ बच्चों, विधवा महिलाओं और गरीब लोगों के हितों के लिए लगाया गया है।
विधवा और अनाथ सेस क्या है
हिमाचल प्रदेश सरकार ने 12 अगस्त से राज्य में बिकने वाले पेट्रोल और डीजल पर 60 पैसे प्रति लीटर का अतिरिक्त उपकर लागू किया है। इसे 'विधवा और अनाथ सेस' नाम दिया गया है। सरकार के अनुसार यह राशि समाज के सबसे कमजोर वर्गों — विधवा महिलाओं और अनाथ बच्चों — के कल्याण पर खर्च की जाएगी।
केंद्र पर ₹1,500 करोड़ का सवाल
मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कंगना रनौत को सलाह देते हुए कहा कि वे दिल्ली जाकर केंद्र सरकार से ₹1,500 करोड़ की वह राशि दिलाएँ, जिसकी घोषणा स्वयं प्रधानमंत्री ने की थी लेकिन अब तक हिमाचल को नहीं मिली। उन्होंने ई20 ईंधन नीति पर चुप्पी को लेकर भी सवाल उठाया। यह टिप्पणी केंद्र-राज्य वित्तीय संबंधों की एक पुरानी खींचतान को फिर से सामने लाती है।
सड़क बंद होने पर अपडेट
मंत्री ने बताया कि भारी बारिश के कारण करीब 200-250 सड़कें बंद थीं, जिनमें से शाम तक 75-100 सड़कें खोल दी गई हैं। उन्होंने कहा कि जगह-जगह मशीनें तैनात हैं और लगातार निगरानी हो रही है, ताकि बागवानों और किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।