तेलंगाना: कांग्रेस नेताओं की आलोचना पर बर्खास्त बस चालक अशोक को बहाल करने के संकेत, परिवहन मंत्री पोनम प्रभाकर ने दिए निर्देश
सारांश
मुख्य बातें
तेलंगाना राज्य सड़क परिवहन निगम (TSRTC) द्वारा एक अनुबंध बस चालक को सत्तारूढ़ कांग्रेस नेताओं की आलोचना करने के आरोप में सेवा से हटाए जाने के बाद राजनीतिक विवाद गहरा गया है। राज्य के परिवहन मंत्री पोनम प्रभाकर ने मंगलवार, 27 मई 2025 को स्पष्ट किया कि उन्होंने बस प्रबंधन को चालक अशोक को सेवा से न हटाने की सलाह दी है और फैसले में बदलाव के संकेत दिए हैं।
मुख्य घटनाक्रम
सोमवार को जगतियाल से धर्मपुरी जा रही बस चलाते समय चालक अशोक ने जगतियाल के आरडीओ कार्यालय के बाहर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी के विरोध में धरना दे रहे कांग्रेस नेताओं से बातचीत की। खबरों के अनुसार, उसने प्रदर्शनकारियों को ईंधन मूल्य वृद्धि के बजाय किसानों की कपास और मक्का खरीदने पर ध्यान देने की सलाह दी। इस धरने में राज्य मंत्री अडलुरी लक्ष्मण और कांग्रेस विधायक भी शामिल थे।
इसके तुरंत बाद जगतियाल डिपो प्रबंधक ने निजी हायर्ड बस (PHB) के मालिक चुक्का वेणुगोपाल को पत्र लिखकर अशोक को तत्काल प्रभाव से सेवा से हटाने का निर्देश दिया। पत्र में उल्लेख किया गया था कि कांग्रेस के धर्मपुरी मंडल अध्यक्ष सी. लक्ष्मण ने चालक के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी।
चालक अशोक का पक्ष
अशोक ने स्थानीय मीडिया से बात करते हुए स्पष्ट किया कि वह अपने गाँव के एक परिचित से बात कर रहा था जो उस धरने में भाग ले रहा था। उसने कहा कि उसने उस व्यक्ति से कहा था कि डीजल या पेट्रोल की बात करने से पहले किसानों की कपास और मक्का की खरीद पर ध्यान देना ज़रूरी है। अशोक ने किसी भी राजनीतिक दल या नेता की आलोचना करने से इनकार किया और कहा कि उसने केवल किसानों के हित में बात की।
सरकार की प्रतिक्रिया
परिवहन मंत्री पोनम प्रभाकर ने कहा, 'अशोक आरटीसी का नियमित कर्मचारी नहीं है — वह केवल आरटीसी द्वारा किराए पर लिया गया बस चालक है। फिर भी, हमने बस प्रबंधन को उसे सेवा से न हटाने की सलाह दी है। अशोक ने किसानों की ओर से आवाज़ उठाई और हम इसका स्वागत करते हैं।' मंत्री ने विपक्षी दलों को इस मुद्दे का राजनीतिकरण न करने की भी सलाह दी।
विपक्ष की माँग
भारत राष्ट्र समिति (BRS) के नेता गंगुला कमलाकर और जीवन रेड्डी ने करीमनगर आरटीसी के क्षेत्रीय प्रबंधक से मुलाकात कर अशोक की तत्काल बहाली की माँग की। क्षेत्रीय प्रबंधक ने उन्हें बताया कि उनके पास इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है। BRS नेताओं ने जगतियाल डिपो प्रबंधक के खिलाफ कार्रवाई की भी माँग की।
BRS के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री टी. हरीश राव ने चालक के खिलाफ की गई कार्रवाई की कड़ी निंदा की। विपक्षी दलों ने कहा कि किसानों के हक में आवाज़ उठाने पर किसी को नौकरी से निकालना 'निंदनीय' है और माँग की कि ऐसी 'निरंकुश कार्यशैली' पर तत्काल रोक लगाई जाए।
आगे क्या
परिवहन मंत्री के निर्देश के बाद अब यह देखना होगा कि जगतियाल डिपो प्रबंधन अशोक को औपचारिक रूप से बहाल करता है या नहीं। यह विवाद ऐसे समय में उठा है जब तेलंगाना में किसानों की उपज खरीद को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच पहले से तनाव बना हुआ है। मामले पर राजनीतिक दबाव बढ़ने के साथ प्रबंधन का अगला कदम महत्वपूर्ण होगा।