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तेलंगाना: कांग्रेस नेताओं की आलोचना पर बर्खास्त बस चालक अशोक को बहाल करने के संकेत, परिवहन मंत्री पोनम प्रभाकर ने दिए निर्देश

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तेलंगाना: कांग्रेस नेताओं की आलोचना पर बर्खास्त बस चालक अशोक को बहाल करने के संकेत, परिवहन मंत्री पोनम प्रभाकर ने दिए निर्देश

सारांश

तेलंगाना में कांग्रेस नेताओं की आलोचना करने पर एक अनुबंध बस चालक को बर्खास्त करने का मामला राजनीतिक तूफान बन गया। परिवहन मंत्री पोनम प्रभाकर को खुद पलटकर बहाली के निर्देश देने पड़े — यह सरकार के लिए स्पष्ट बैकफुट है।

मुख्य बातें

जगतियाल डिपो प्रबंधक ने PHB मालिक चुक्का वेणुगोपाल को पत्र लिखकर चालक अशोक को तत्काल सेवा से हटाने का निर्देश दिया था।
बर्खास्तगी का कारण कांग्रेस के धर्मपुरी मंडल अध्यक्ष सी.
लक्ष्मण की शिकायत थी।
परिवहन मंत्री पोनम प्रभाकर ने कहा कि अशोक आरटीसी का नियमित कर्मचारी नहीं, फिर भी प्रबंधन को उसे बनाए रखने की सलाह दी।
हरीश राव , गंगुला कमलाकर और जीवन रेड्डी ने अशोक की तत्काल बहाली और डिपो प्रबंधक पर कार्रवाई की माँग की।
अशोक ने किसी राजनीतिक दल की आलोचना से इनकार करते हुए कहा कि उन्होंने केवल किसानों की उपज खरीद का मुद्दा उठाया था।

तेलंगाना राज्य सड़क परिवहन निगम (TSRTC) द्वारा एक अनुबंध बस चालक को सत्तारूढ़ कांग्रेस नेताओं की आलोचना करने के आरोप में सेवा से हटाए जाने के बाद राजनीतिक विवाद गहरा गया है। राज्य के परिवहन मंत्री पोनम प्रभाकर ने मंगलवार, 27 मई 2025 को स्पष्ट किया कि उन्होंने बस प्रबंधन को चालक अशोक को सेवा से न हटाने की सलाह दी है और फैसले में बदलाव के संकेत दिए हैं।

मुख्य घटनाक्रम

सोमवार को जगतियाल से धर्मपुरी जा रही बस चलाते समय चालक अशोक ने जगतियाल के आरडीओ कार्यालय के बाहर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी के विरोध में धरना दे रहे कांग्रेस नेताओं से बातचीत की। खबरों के अनुसार, उसने प्रदर्शनकारियों को ईंधन मूल्य वृद्धि के बजाय किसानों की कपास और मक्का खरीदने पर ध्यान देने की सलाह दी। इस धरने में राज्य मंत्री अडलुरी लक्ष्मण और कांग्रेस विधायक भी शामिल थे।

इसके तुरंत बाद जगतियाल डिपो प्रबंधक ने निजी हायर्ड बस (PHB) के मालिक चुक्का वेणुगोपाल को पत्र लिखकर अशोक को तत्काल प्रभाव से सेवा से हटाने का निर्देश दिया। पत्र में उल्लेख किया गया था कि कांग्रेस के धर्मपुरी मंडल अध्यक्ष सी. लक्ष्मण ने चालक के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी।

चालक अशोक का पक्ष

अशोक ने स्थानीय मीडिया से बात करते हुए स्पष्ट किया कि वह अपने गाँव के एक परिचित से बात कर रहा था जो उस धरने में भाग ले रहा था। उसने कहा कि उसने उस व्यक्ति से कहा था कि डीजल या पेट्रोल की बात करने से पहले किसानों की कपास और मक्का की खरीद पर ध्यान देना ज़रूरी है। अशोक ने किसी भी राजनीतिक दल या नेता की आलोचना करने से इनकार किया और कहा कि उसने केवल किसानों के हित में बात की।

सरकार की प्रतिक्रिया

परिवहन मंत्री पोनम प्रभाकर ने कहा, 'अशोक आरटीसी का नियमित कर्मचारी नहीं है — वह केवल आरटीसी द्वारा किराए पर लिया गया बस चालक है। फिर भी, हमने बस प्रबंधन को उसे सेवा से न हटाने की सलाह दी है। अशोक ने किसानों की ओर से आवाज़ उठाई और हम इसका स्वागत करते हैं।' मंत्री ने विपक्षी दलों को इस मुद्दे का राजनीतिकरण न करने की भी सलाह दी।

विपक्ष की माँग

भारत राष्ट्र समिति (BRS) के नेता गंगुला कमलाकर और जीवन रेड्डी ने करीमनगर आरटीसी के क्षेत्रीय प्रबंधक से मुलाकात कर अशोक की तत्काल बहाली की माँग की। क्षेत्रीय प्रबंधक ने उन्हें बताया कि उनके पास इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है। BRS नेताओं ने जगतियाल डिपो प्रबंधक के खिलाफ कार्रवाई की भी माँग की।

BRS के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री टी. हरीश राव ने चालक के खिलाफ की गई कार्रवाई की कड़ी निंदा की। विपक्षी दलों ने कहा कि किसानों के हक में आवाज़ उठाने पर किसी को नौकरी से निकालना 'निंदनीय' है और माँग की कि ऐसी 'निरंकुश कार्यशैली' पर तत्काल रोक लगाई जाए।

आगे क्या

परिवहन मंत्री के निर्देश के बाद अब यह देखना होगा कि जगतियाल डिपो प्रबंधन अशोक को औपचारिक रूप से बहाल करता है या नहीं। यह विवाद ऐसे समय में उठा है जब तेलंगाना में किसानों की उपज खरीद को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच पहले से तनाव बना हुआ है। मामले पर राजनीतिक दबाव बढ़ने के साथ प्रबंधन का अगला कदम महत्वपूर्ण होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो सवाल उठता है कि शिकायत की राजनीति कहाँ तक पहुँच गई है। परिवहन मंत्री का 'बहाल करो' वाला बयान दबाव में आई सरकार की प्रतिक्रिया है, न कि सिद्धांत पर आधारित फैसला। असली जवाबदेही तब होगी जब डिपो प्रबंधक के खिलाफ भी कार्रवाई हो, जिसने बिना किसी आधिकारिक अधिकार के एक राजनीतिक शिकायत पर रोज़गार छीनने का आदेश दिया।
RashtraPress
11 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तेलंगाना में बस चालक अशोक को नौकरी से क्यों हटाया गया?
जगतियाल डिपो प्रबंधक ने PHB मालिक को पत्र लिखकर अशोक को तत्काल सेवा से हटाने का निर्देश दिया, क्योंकि कांग्रेस के धर्मपुरी मंडल अध्यक्ष सी. लक्ष्मण ने शिकायत की थी कि चालक ने जगतियाल में धरना दे रहे कांग्रेस नेताओं की आलोचना की। अशोक ने इससे इनकार करते हुए कहा कि उसने केवल किसानों की उपज खरीद का मुद्दा उठाया था।
परिवहन मंत्री पोनम प्रभाकर ने इस मामले में क्या कहा?
परिवहन मंत्री पोनम प्रभाकर ने मंगलवार को कहा कि उन्होंने बस प्रबंधन को अशोक को सेवा से न हटाने की सलाह दी है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अशोक TSRTC का नियमित कर्मचारी नहीं, बल्कि अनुबंध पर काम करने वाला चालक है।
BRS ने इस मामले पर क्या माँग की?
BRS नेता गंगुला कमलाकर और जीवन रेड्डी ने करीमनगर आरटीसी के क्षेत्रीय प्रबंधक से मुलाकात कर अशोक की तत्काल बहाली की माँग की। साथ ही उन्होंने जगतियाल डिपो प्रबंधक के खिलाफ भी कार्रवाई की माँग की, जिसने बर्खास्तगी का आदेश जारी किया था।
चालक अशोक ने खुद अपने बारे में क्या कहा?
अशोक ने स्थानीय मीडिया को बताया कि वह धरने में शामिल अपने गाँव के एक परिचित से बात कर रहा था और उसने केवल किसानों की कपास और मक्का खरीद का मुद्दा उठाया था। उसने किसी भी राजनीतिक दल या नेता की आलोचना करने से स्पष्ट रूप से इनकार किया।
क्या अशोक को उसकी नौकरी वापस मिलेगी?
परिवहन मंत्री पोनम प्रभाकर के निर्देश के बाद बहाली के संकेत मिले हैं, लेकिन अभी तक कोई औपचारिक आदेश जारी नहीं हुआ है। अशोक TSRTC का नियमित कर्मचारी नहीं है, इसलिए अंतिम निर्णय PHB मालिक और डिपो प्रबंधन पर निर्भर करेगा।
राष्ट्र प्रेस
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