पानीपत में ₹7 करोड़ के इलेक्ट्रिक बस डिपो का उद्घाटन, CM नायब सिंह सैनी ने 80 ई-बसों को झंडी दिखाई
सारांश
मुख्य बातें
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 28 मई 2026 को पानीपत में ₹7 करोड़ की लागत से निर्मित अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक बस डिपो का उद्घाटन किया और 80 नई इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह कदम हरियाणा में ग्रीन पब्लिक ट्रांसपोर्ट को व्यापक रूप से विस्तार देने की राज्य सरकार की मुहिम का हिस्सा है।
बसों का जिलेवार आवंटन
मुख्यमंत्री सैनी ने बताया कि 80 इलेक्ट्रिक बसों में से 40 बसें पानीपत को दी गई हैं। इसके अतिरिक्त 15 बसें यमुनानगर, 10-10 बसें क्रमशः कुरुक्षेत्र और सोनीपत तथा 5 बसें पंचकूला को आवंटित की गई हैं। उन्होंने कहा, 'ये सिर्फ बसें नहीं हैं, बल्कि हरियाणा के स्वच्छ, सुरक्षित और आधुनिक भविष्य की नई शुरुआत हैं।'
डिपो की विशेषताएँ और विस्तार योजना
पानीपत में तैयार यह इलेक्ट्रिक बस डिपो आधुनिक चार्जिंग सुविधाओं से लैस है। सीएम सैनी ने बताया कि राज्य के आठ अन्य जिलों में भी इसी तर्ज पर इलेक्ट्रिक बस डिपो निर्मित किए जा रहे हैं। इसके साथ ही अगले एक वर्ष में 10 नए इलेक्ट्रिक बस स्टैंड बनाने और भविष्य में अतिरिक्त ई-बसें खरीदने की भी योजना है।
हरियाणा विजन-2047 और परिवहन रोडमैप
मुख्यमंत्री ने बताया कि 'हरियाणा विजन-2047' के अंतर्गत अगले पाँच वर्षों के परिवहन रोडमैप की समीक्षा हाल ही में की गई है। तेज़ी से बढ़ते शहरी क्षेत्रों को देखते हुए शहरों में लोकल बसों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार भारतीय रेलवे की तर्ज पर बसों में रियल-टाइम ट्रैकिंग सिस्टम लागू करने की दिशा में भी काम कर रही है, जिससे यात्री मोबाइल ऐप के ज़रिए बस की लोकेशन और आगमन-समय जान सकेंगे।
पर्यावरण और ग्रीन एनर्जी पर ज़ोर
सीएम सैनी ने कहा कि पूरी दुनिया पर्यावरण संरक्षण और ग्रीन एनर्जी की ओर बढ़ रही है और हरियाणा सरकार इस दिशा में ठोस कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक बस सेवाओं से पेट्रोल-डीजल पर निर्भरता घटेगी, वायु प्रदूषण कम होगा और यात्रियों को सुरक्षित एवं आरामदायक सफर मिलेगा। हरियाणा सिटी बस सर्विस लिमिटेड इस पूरी पहल को ज़मीन पर उतारने में अग्रणी भूमिका निभा रही है।
आगे की राह
पानीपत डिपो का उद्घाटन हरियाणा के सार्वजनिक परिवहन ढाँचे में एक नई कड़ी जोड़ता है। राज्य सरकार का लक्ष्य आने वाले वर्षों में और अधिक शहरों को इलेक्ट्रिक बस नेटवर्क से जोड़ना है, जिससे शहरी गतिशीलता को पर्यावरण-अनुकूल दिशा मिल सके।