13 अगस्त 2026
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अमित शाह ने बिहार सहकारिता मंत्री रामकृपाल यादव को दिया केंद्रीय सहयोग का भरोसा, पैक्स-MSP समेत कई मुद्दों पर चर्चा

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अमित शाह ने बिहार सहकारिता मंत्री रामकृपाल यादव को दिया केंद्रीय सहयोग का भरोसा, पैक्स-MSP समेत कई मुद्दों पर चर्चा

सारांश

बिहार के सहकारिता मंत्री रामकृपाल यादव ने संसद भवन में केंद्रीय मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर पैक्स कंप्यूटरीकरण, MSP भुगतान और सकरी में सहकारी चीनी मिल जैसे अहम मुद्दे उठाए। शाह ने बिहार की सहकारिता पहलों की सराहना करते हुए केंद्रीय सहयोग का भरोसा दिलाया।

मुख्य बातें

बिहार सहकारिता मंत्री रामकृपाल यादव ने 13 अगस्त 2026 को संसद भवन, नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्री अमित शाह से मुलाकात की।
बैठक में बिहार राज्य सहकारिता नीति-2026 , सकरी, मधुबनी में सहकारी चीनी मिल और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के क्रियान्वयन पर चर्चा हुई।
पैक्स कंप्यूटरीकरण , MSP भुगतान में तेज़ी और राज्य खाद्य निगम (SFC) को समय पर राशि उपलब्ध कराने के मुद्दे केंद्र के समक्ष रखे गए।
अमित शाह ने बिहार के सहकारिता प्रयासों की सराहना की और आवश्यक केंद्रीय सहयोग एवं मार्गदर्शन का आश्वासन दिया।
सहकारी उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाज़ार से जोड़ने और पैक्स को बहुउद्देशीय सेवा केंद्र के रूप में विकसित करने पर भी विचार-विमर्श हुआ।

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने 13 अगस्त 2026 को संसद भवन, नई दिल्ली में बिहार के सहकारिता मंत्री रामकृपाल यादव से मुलाकात के दौरान बिहार के सहकारिता क्षेत्र को सशक्त बनाने के प्रयासों की सराहना की और आवश्यक केंद्रीय सहयोग एवं मार्गदर्शन का आश्वासन दिया। इस बैठक में बिहार राज्य सहकारिता नीति-2026, पैक्स कंप्यूटरीकरण, किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) भुगतान में तेज़ी और सहकारी चीनी मिल की स्थापना सहित कई अहम विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई।

मुख्य घटनाक्रम

बिहार सरकार के सहकारिता मंत्री रामकृपाल यादव ने गुरुवार को संसद भवन में केंद्रीय मंत्री अमित शाह से मुलाकात की और बिहार में सहकारिता आंदोलन की प्रगति, उपलब्धियों एवं भविष्य की योजनाओं से अवगत कराया। बैठक में राज्य के सहकारिता क्षेत्र को और गति देने के लिए केंद्र के सहयोग की माँग रखी गई।

बिहार की प्रमुख सहकारिता पहलें

बैठक में सकरी, मधुबनी में सहकारी चीनी मिल की स्थापना, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के क्रियान्वयन, सब्जी प्रसंस्करण एवं विपणन को बढ़ावा देने, विश्व की सबसे बड़ी अन्न भंडारण योजना तथा अंतरराज्यीय सहकारी समितियों की सदस्यता जैसी पहलों की जानकारी दी गई। इसके अलावा पैक्स को बहुउद्देशीय सेवा केंद्र के रूप में विकसित करने और 'सहकारिता में सहकार' के तहत बैंकिंग सेवाओं के विस्तार पर भी चर्चा हुई।

केंद्र के समक्ष रखे गए महत्वपूर्ण मुद्दे

मंत्री रामकृपाल यादव ने केंद्रीय मंत्री के समक्ष पैक्स के कंप्यूटरीकरण, बहुउद्देशीय सेवा केंद्रों के विकास, किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के भुगतान में तेज़ी तथा राज्य खाद्य निगम (SFC) को समय पर राशि उपलब्ध कराने से जुड़े अहम मुद्दे रखे। सहकारी उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाज़ार से जोड़ने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की भी जानकारी दी गई।

केंद्र की प्रतिक्रिया

केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने बिहार में सहकारिता क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने राज्य को आवश्यक सहयोग एवं मार्गदर्शन प्रदान करने का आश्वासन दिया। बैठक में बिहार के समग्र विकास एवं समसामयिक राजनीतिक विषयों पर भी सकारात्मक विचार-विमर्श हुआ।

आगे की राह

यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब केंद्र सरकार देश भर में पैक्स के आधुनिकीकरण और सहकारिता क्षेत्र को डिजिटल ढाँचे से जोड़ने की दिशा में सक्रिय रूप से काम कर रही है। बिहार में बिहार राज्य सहकारिता नीति-2026 के लागू होने के बाद राज्य-केंद्र समन्वय और भी महत्वपूर्ण हो गया है, और इस बैठक से उस दिशा में ठोस पहल की उम्मीद बंधी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि केंद्र का 'आश्वासन' ज़मीन पर कब और कैसे उतरेगा। बिहार में पैक्स कंप्यूटरीकरण और MSP भुगतान की समस्याएँ नई नहीं हैं — ये वर्षों से लंबित हैं। सहकारिता मंत्रालय के गठन के बाद से राज्यों को केंद्रीय मार्गदर्शन का वादा बार-बार मिला है, लेकिन क्रियान्वयन की गति अपेक्षाओं से पीछे रही है। बिहार जैसे कृषि-प्रधान राज्य में सहकारी ढाँचे की मज़बूती सीधे किसानों की आय से जुड़ी है, इसलिए इस बार ठोस समयसीमा और जवाबदेही तंत्र की दरकार है।
RashtraPress
13 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमित शाह और रामकृपाल यादव की बैठक में क्या हुआ?
13 अगस्त 2026 को संसद भवन, नई दिल्ली में हुई इस बैठक में बिहार के सहकारिता मंत्री रामकृपाल यादव ने केंद्रीय मंत्री अमित शाह को बिहार के सहकारिता क्षेत्र की प्रगति से अवगत कराया और पैक्स कंप्यूटरीकरण, MSP भुगतान तथा सहकारी चीनी मिल जैसे मुद्दे उठाए। शाह ने बिहार को केंद्रीय सहयोग का आश्वासन दिया।
बिहार राज्य सहकारिता नीति-2026 क्या है?
बिहार राज्य सहकारिता नीति-2026 बिहार सरकार की एक नई नीतिगत पहल है जिसका उद्देश्य राज्य में सहकारिता आंदोलन को व्यवस्थित एवं सशक्त बनाना है। इस नीति के तहत पैक्स को बहुउद्देशीय सेवा केंद्र के रूप में विकसित करने और किसानों को अधिक लाभ पहुँचाने की योजना है।
सकरी, मधुबनी में सहकारी चीनी मिल की स्थापना क्यों महत्वपूर्ण है?
सकरी, मधुबनी में प्रस्तावित सहकारी चीनी मिल बिहार के गन्ना किसानों को सीधा लाभ देने की दिशा में एक अहम कदम है। यह मिल सहकारी ढाँचे के अंतर्गत स्थापित होगी, जिससे किसानों को उचित मूल्य और प्रसंस्करण की सुविधा मिल सकेगी।
पैक्स कंप्यूटरीकरण से बिहार के किसानों को क्या फायदा होगा?
पैक्स (प्राथमिक कृषि ऋण समितियों) के कंप्यूटरीकरण से किसानों को ऋण, बीमा और MSP भुगतान जैसी सेवाएँ अधिक पारदर्शी और तेज़ गति से मिलेंगी। यह डिजिटल बदलाव भ्रष्टाचार कम करने और सेवाओं की पहुँच बढ़ाने में भी सहायक होगा।
केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय राज्यों को किस प्रकार सहयोग देता है?
केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय राज्यों को नीतिगत मार्गदर्शन, वित्तीय सहायता और तकनीकी सहयोग प्रदान करता है। इसके अंतर्गत पैक्स कंप्यूटरीकरण, अन्न भंडारण योजना और सहकारी उत्पादों के विपणन जैसी केंद्र-प्रायोजित योजनाएँ संचालित की जाती हैं।
राष्ट्र प्रेस
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