अंतरराष्ट्रीय सहकारिता दिवस पर अमित शाह बोले — 'मोदी के नेतृत्व में सहकारिता को मिली नई ऊर्जा'
सारांश
मुख्य बातें
अंतरराष्ट्रीय सहकारिता दिवस के अवसर पर 4 जुलाई 2025 को केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह सहित देशभर के कई वरिष्ठ नेताओं ने सहकारी संस्थाओं, किसानों और उद्यमियों को शुभकामनाएं दीं। शाह ने स्पष्ट रूप से कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सहकारिता क्षेत्र को नई दिशा और विस्तार मिला है।
अमित शाह का संदेश
गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, 'अंतरराष्ट्रीय सहकारिता दिवस की सभी देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं। सहकारिता भारत की संस्कृति, सामूहिक शक्ति और आत्मनिर्भरता का आधार है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सहकारिता क्षेत्र को नई ऊर्जा और विस्तार मिला है।' शाह ने आगे कहा कि सहकारिता विश्वविद्यालय, आधुनिक प्रशिक्षण केंद्र और नए क्षेत्रों में सहकारी संस्थानों का सशक्तिकरण — ये सभी प्रयास किसानों, महिलाओं, छोटे उद्यमियों और श्रमिकों को सशक्त बनाते हुए 'सहकार से समृद्धि' के संकल्प को आगे बढ़ा रहे हैं।
केंद्रीय राज्यमंत्री और दिल्ली सरकार की प्रतिक्रिया
केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) प्रतापराव जाधव ने भी एक्स पर सहकारिता क्षेत्र से जुड़े सभी लोगों को बधाई दी। उन्होंने लिखा, 'ग्रामीण और राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने वाले सहकारिता क्षेत्र से जुड़े सभी भाई-बहनों को अंतरराष्ट्रीय सहकारिता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। सहकारिता आंदोलन के माध्यम से देश की प्रगति और आत्मनिर्भरता में योगदान देने वाले हर व्यक्ति पर हमें गर्व है।'
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सहकारी संस्थाओं और उनके सदस्यों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि दिल्ली सरकार सहकारिता क्षेत्र को आधुनिक तकनीक, डिजिटल सेवाओं और पारदर्शी व्यवस्था के माध्यम से और अधिक सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
राजस्थान के मुख्यमंत्री का संदेश
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस अवसर पर कहा कि केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में देश का सहकारिता आंदोलन आज एक नई ऊंचाई छू रहा है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बना रहा है। उन्होंने देशवासियों से आह्वान किया कि मिलकर सहकारिता की भावना को और मजबूत करें।
सहकारिता क्षेत्र का महत्व
गौरतलब है कि भारत में सहकारिता आंदोलन करोड़ों किसानों, महिलाओं और ग्रामीण उद्यमियों की आजीविका से जुड़ा है। केंद्र सरकार ने हाल के वर्षों में सहकारिता मंत्रालय की स्थापना, सहकारिता विश्वविद्यालय की नींव और डिजिटल सहकारी ढाँचे के विस्तार जैसे कदम उठाए हैं। यह ऐसे समय में आया है जब ग्रामीण आय और खाद्य सुरक्षा को लेकर नीतिगत चर्चाएं तेज हैं।
अंतरराष्ट्रीय सहकारिता दिवस प्रतिवर्ष जुलाई के पहले शनिवार को मनाया जाता है और इस वर्ष इसकी थीम सहकारी संस्थाओं के माध्यम से सतत विकास पर केंद्रित है। आने वाले महीनों में सहकारिता विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रम और नए प्रशिक्षण केंद्रों के विस्तार की रूपरेखा सामने आने की उम्मीद है।