6 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

सहकारिता मंत्रालय के 5 वर्ष पूर्ण: सीएम धामी बोले — मोदी और शाह की प्रतिबद्धता से साकार हो रहा 'सहकार से समृद्धि' का संकल्प

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
सहकारिता मंत्रालय के 5 वर्ष पूर्ण: सीएम धामी बोले — मोदी और शाह की प्रतिबद्धता से साकार हो रहा 'सहकार से समृद्धि' का संकल्प

सारांश

सहकारिता मंत्रालय की स्थापना के 5 वर्ष पूर्ण होने पर नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में अमित शाह ने करोड़ों किसानों के जीवन में बदलाव का दावा किया, जबकि उत्तराखंड के सीएम धामी ने एक्स पर मोदी-शाह नेतृत्व को श्रेय देते हुए PACS कंप्यूटरीकरण और विश्व के सबसे बड़े अनाज भंडारण कार्यक्रम को ऐतिहासिक उपलब्धि बताया।

मुख्य बातें

सहकारिता मंत्रालय की स्थापना के 5 वर्ष पूर्ण होने पर नई दिल्ली में विशेष कार्यक्रम आयोजित हुआ।
उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने एक्स पर पोस्ट कर PM मोदी और अमित शाह को 'सहकार से समृद्धि' की सफलता का श्रेय दिया।
पीएसीएस कंप्यूटरीकरण , एनसीईएल , एनसीओएल , बीबीएसएसएल और विश्व के सबसे बड़े अनाज भंडारण कार्यक्रम को प्रमुख उपलब्धियों में गिनाया गया।
अमित शाह ने कहा — सहकारिता मंत्रालय ने करोड़ों पशुपालकों, किसानों और सहकारी सदस्यों के जीवन में बदलाव लाया है।
श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती के अवसर पर आयोजित हुआ।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 6 जुलाई 2026 को एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की प्रतिबद्धता से 'सहकार से समृद्धि' का संकल्प निरंतर साकार हो रहा है। यह बयान सहकारिता मंत्रालय की स्थापना के 5 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम की पृष्ठभूमि में आया है।

मुख्यमंत्री धामी का संदेश

मुख्यमंत्री धामी ने अपनी एक्स पोस्ट में लिखा कि सहकारिता मंत्रालय के सफल 5 वर्ष किसानों, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और देश के सहकारी तंत्र को नई दिशा, नई गति और नई ऊर्जा देने वाले सिद्ध हुए हैं। उन्होंने कहा कि आज सहकारिता विकसित भारत और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण का सशक्त माध्यम बनकर करोड़ों किसानों और ग्रामीण परिवारों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला रही है।

प्रमुख पहलें जिनका उल्लेख किया गया

सीएम धामी ने अपनी पोस्ट में कई ऐतिहासिक पहलों का उल्लेख किया — जिनमें पीएसीएस (PACS) का कंप्यूटरीकरण, बहुउद्देशीय पीएसीएस का विस्तार, एनसीईएल (NCEL), एनसीओएल (NCOL) और बीबीएसएसएल (BBSSL) जैसी संस्थाओं का गठन, तथा विश्व के सबसे बड़े अनाज भंडारण कार्यक्रम की शुरुआत शामिल हैं। उनके अनुसार इन प्रयासों से किसानों को बेहतर अवसर, पारदर्शी व्यवस्था और आर्थिक सशक्तीकरण का नया आधार मिला है।

अमित शाह का संबोधन

नई दिल्ली में आयोजित समारोह में सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि सहकारिता मंत्रालय गत 5 वर्षों से 'सहकार से समृद्धि' के मंत्र पर चलकर करोड़ों लोगों के जीवन में बदलाव ला रहा है। उन्होंने पशुपालकों, छोटे किसानों और सहकारी आंदोलन से जुड़े सभी लोगों की ओर से प्रधानमंत्री का अभिनंदन किया। शाह ने यह भी कहा कि सहकारिता मंत्रालय की स्थापना से इस क्षेत्र को 'प्राणवायु' मिली है।

श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती का संदर्भ

इस अवसर पर सहकारिता मंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि यह दिन डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती भी है। उन्होंने कहा कि मुखर्जी ने अपना पूरा जीवन करोड़ों कार्यकर्ताओं में भारतीयता और भारतीय संस्कृति के प्रति श्रद्धा स्थापित करने में समर्पित किया।

आगे की राह

गौरतलब है कि सहकारिता मंत्रालय की स्थापना 2021 में की गई थी, जो इस क्षेत्र के लिए एक स्वतंत्र केंद्रीय मंत्रालय का पहला प्रयोग था। अगले चरण में पीएसीएस के और अधिक डिजिटलीकरण और बहुउद्देशीय विस्तार की योजनाओं पर काम जारी है, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को और सुदृढ़ करने की दिशा में निर्णायक साबित हो सकती हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इनके वास्तविक लाभार्थियों की संख्या और किसानों की आय पर मापनीय असर का स्वतंत्र सत्यापन अभी भी सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध नहीं है। यह ऐसे समय में आया है जब ग्रामीण सहकारी क्षेत्र में वित्तीय अनियमितताओं की शिकायतें भी सामने आती रही हैं। असली कसौटी यह होगी कि अगले 5 वर्षों में इन पहलों के परिणाम जमीनी स्तर पर कितने मापनीय और पारदर्शी रूप से सामने आते हैं।
RashtraPress
6 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'सहकार से समृद्धि' योजना क्या है?
'सहकार से समृद्धि' केंद्र सरकार का वह नीतिगत संकल्प है जिसके तहत सहकारिता क्षेत्र को मजबूत कर किसानों और ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति सुधारने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अंतर्गत पीएसीएस कंप्यूटरीकरण, बहुउद्देशीय पीएसीएस विस्तार और नई सहकारी संस्थाओं का गठन किया गया है।
सहकारिता मंत्रालय की स्थापना कब हुई थी?
सहकारिता मंत्रालय की स्थापना 2021 में की गई थी, जो भारत में इस क्षेत्र के लिए पहला स्वतंत्र केंद्रीय मंत्रालय था। इसके गठन के 5 वर्ष 6 जुलाई 2026 को पूर्ण हुए।
पीएसीएस कंप्यूटरीकरण से किसानों को क्या फायदा होगा?
पीएसीएस (प्राथमिक कृषि ऋण समितियों) के कंप्यूटरीकरण से ग्रामीण स्तर पर सहकारी लेनदेन में पारदर्शिता आती है और किसानों को ऋण, बीमा व खरीद सेवाएँ डिजिटल माध्यम से सुलभ होती हैं। सरकार के अनुसार इससे भ्रष्टाचार कम होने और समय पर सेवाएँ मिलने की उम्मीद है।
विश्व का सबसे बड़ा अनाज भंडारण कार्यक्रम क्या है?
यह केंद्र सरकार की वह पहल है जिसके तहत सहकारी समितियों के माध्यम से विकेंद्रीकृत अनाज भंडारण क्षमता का निर्माण किया जा रहा है। दावा किया जाता है कि यह अपनी तरह का विश्व का सबसे बड़ा भंडारण कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य किसानों को उचित मूल्य और भंडारण सुविधा उपलब्ध कराना है।
सीएम धामी ने एक्स पर यह पोस्ट किस संदर्भ में किया?
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 6 जुलाई 2026 को सहकारिता मंत्रालय की 5वीं वर्षगाँठ के अवसर पर नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम की पृष्ठभूमि में यह पोस्ट किया। इसमें उन्होंने PM मोदी और अमित शाह के नेतृत्व में सहकारी क्षेत्र की उपलब्धियों को रेखांकित किया।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 घंटा पहले
  2. 2 दिन पहले
  3. 3 सप्ताह पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 6 महीने पहले
  6. 7 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 1 साल पहले