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मोदी सरकार के 12 साल: योगी और धामी ने गिनाईं कृषि उपलब्धियाँ, 'बीज से बाजार' तक किसान सशक्तिकरण की सराहना

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मोदी सरकार के 12 साल: योगी और धामी ने गिनाईं कृषि उपलब्धियाँ, 'बीज से बाजार' तक किसान सशक्तिकरण की सराहना

सारांश

मोदी सरकार के 12 साल पूरे होने पर यूपी के सीएम योगी और उत्तराखंड के सीएम धामी ने एक्स पर कृषि क्षेत्र की उपलब्धियाँ गिनाईं। पीएम-किसान, फसल बीमा, पीएम-कुसुम और ई-नाम को किसान सशक्तिकरण का आधार बताया। धामी ने हाउस ऑफ हिमालयाज के ज़रिए पर्वतीय उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ने की पहल भी रेखांकित की।

मुख्य बातें

11 जून 2026 को मोदी सरकार के 12 वर्ष पूरे होने पर सीएम योगी आदित्यनाथ और सीएम पुष्कर सिंह धामी ने एक्स पर कृषि उपलब्धियाँ गिनाईं।
योगी ने पीएम-किसान सम्मान निधि , प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना , पीएम-कुसुम और ई-नाम को किसान सशक्तिकरण की धुरी बताया।
धामी ने हाउस ऑफ हिमालयाज के ज़रिए पर्वतीय उत्पादों को राष्ट्रीय व वैश्विक बाजार से जोड़ने की पहल को रेखांकित किया।
पीएम-किसान के तहत पात्र किसान परिवारों को प्रतिवर्ष ₹6,000 की सहायता राशि सीधे खाते में दी जाती है।
दोनों राज्य BJP शासित हैं; दोनों मुख्यमंत्रियों की टिप्पणियाँ सरकार की वर्षगाँठ के अवसर पर आई हैं।

केंद्र में नरेंद्र मोदी सरकार के 12 वर्ष पूरे होने पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 11 जून 2026 को कृषि क्षेत्र में हुए बदलावों की सराहना की। दोनों मुख्यमंत्रियों ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर किसानों के जीवन में आए सकारात्मक परिवर्तन को रेखांकित किया।

योगी आदित्यनाथ का आकलन

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्स पर लिखा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीते 12 वर्षों में देश के किसान के जीवन में 'सम्मान, सुरक्षा और समृद्धि के नए अध्याय जुड़े हैं।' उन्होंने कहा कि 'बीज से बाजार' तक किसान को केंद्र में रखकर बनाई गई नीतियों ने कृषि को नई शक्ति और किसानों को नया आत्मविश्वास प्रदान किया है।

योगी ने विशेष रूप से पीएम-किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, पीएम-कुसुम और ई-नाम डिजिटल प्लेटफॉर्म का उल्लेख किया। उनके अनुसार इन योजनाओं ने क्रमशः आर्थिक संबल, सुरक्षा का भरोसा, ऊर्जा आत्मनिर्भरता और नए बाजारों तक पहुँच सुनिश्चित की है। उन्होंने इन 12 वर्षों को 'किसान समृद्धि से राष्ट्र समृद्धि' की ऐतिहासिक यात्रा का साक्षी बताया।

धामी ने उत्तराखंड की पहलों को गिनाया

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक्स पर लिखा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में 12 वर्षों में भारतीय कृषि क्षेत्र ने 'अभूतपूर्व परिवर्तन' देखा है। उन्होंने पीएम-किसान सम्मान निधि, फसल बीमा, किसान क्रेडिट कार्ड, सिंचाई सुविधाओं और कृषि में तकनीक के बढ़ते उपयोग को किसान सशक्तिकरण का आधार बताया।

धामी ने यह भी बताया कि उत्तराखंड सरकार हाउस ऑफ हिमालयाज के माध्यम से पर्वतीय उत्पादों को राष्ट्रीय और वैश्विक बाजार उपलब्ध करा रही है। इसके अलावा बागवानी, प्राकृतिक खेती, मोटे अनाज (मिलेट्स), कृषि यंत्रीकरण और सीमांत क्षेत्रों के किसानों के लिए बेहतर बाजार सुनिश्चित करने की दिशा में अनेक पहलें जारी हैं।

प्रमुख केंद्रीय योजनाओं का प्रभाव

दोनों मुख्यमंत्रियों ने जिन केंद्रीय योजनाओं का उल्लेख किया, उनमें पीएम-किसान सम्मान निधि सर्वाधिक चर्चित रही — इस योजना के तहत पात्र किसान परिवारों को प्रतिवर्ष ₹6,000 की सहायता राशि सीधे बैंक खाते में हस्तांतरित की जाती है। पीएम-कुसुम योजना के अंतर्गत सौर ऊर्जा चालित पंपों के माध्यम से सिंचाई को बढ़ावा दिया जा रहा है, जबकि ई-नाम प्लेटफॉर्म किसानों को ऑनलाइन मंडी से जोड़ता है।

गौरतलब है कि ये दोनों राज्य — उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड — भारतीय जनता पार्टी (BJP) शासित हैं, और दोनों मुख्यमंत्रियों की टिप्पणियाँ मोदी सरकार की वर्षगाँठ के अवसर पर आई हैं।

आगे की राह

मुख्यमंत्री धामी ने स्पष्ट किया कि उत्तराखंड सरकार कृषि को राज्य की अर्थव्यवस्था का 'मजबूत आधार' बनाने के लिए संकल्पबद्ध है। यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य की समीक्षा कर रही है और कृषि निर्यात को बढ़ावा देने की नीतियों पर काम जारी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि BJP की आंतरिक कथा-निर्माण का हिस्सा हैं। असली सवाल यह है कि पीएम-किसान की ₹6,000 वार्षिक राशि क्या वास्तव में किसान की आय दोगुनी करने के लक्ष्य के अनुरूप है — जो 2022 तक हासिल होना था। ई-नाम और पीएम-कुसुम जैसी योजनाओं का क्रियान्वयन राज्यों में असमान रहा है, और उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्यों में सीमांत किसानों तक पहुँच अभी भी एक चुनौती है। हाउस ऑफ हिमालयाज एक सकारात्मक पहल है, लेकिन इसका पैमाना और बाजार पहुँच अभी सीमित है।
RashtraPress
27 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मोदी सरकार के 12 साल में कृषि क्षेत्र में क्या बड़े बदलाव आए?
मोदी सरकार के 12 वर्षों में पीएम-किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, पीएम-कुसुम और ई-नाम जैसी प्रमुख योजनाएँ लागू हुईं। इनका उद्देश्य किसानों को आर्थिक सहायता, सुरक्षा, सौर ऊर्जा और डिजिटल बाजार से जोड़ना था।
पीएम-किसान सम्मान निधि के तहत किसानों को कितनी राशि मिलती है?
पीएम-किसान सम्मान निधि के तहत पात्र किसान परिवारों को प्रतिवर्ष ₹6,000 की सहायता राशि तीन किस्तों में सीधे बैंक खाते में हस्तांतरित की जाती है। यह योजना 2019 में शुरू हुई थी।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने मोदी सरकार की कृषि नीतियों पर क्या कहा?
सीएम योगी आदित्यनाथ ने एक्स पर लिखा कि 'बीज से बाजार' तक किसान को केंद्र में रखकर बनाई गई नीतियों ने कृषि को नई शक्ति और किसानों को नया आत्मविश्वास दिया है। उन्होंने इन 12 वर्षों को 'किसान समृद्धि से राष्ट्र समृद्धि' की ऐतिहासिक यात्रा बताया।
उत्तराखंड में हाउस ऑफ हिमालयाज क्या है?
हाउस ऑफ हिमालयाज उत्तराखंड सरकार की एक पहल है जिसके माध्यम से पर्वतीय क्षेत्रों के कृषि उत्पादों को राष्ट्रीय और वैश्विक बाजार तक पहुँचाया जाता है। सीएम धामी ने इसे उत्तराखंड के किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
ई-नाम प्लेटफॉर्म किसानों की कैसे मदद करता है?
ई-नाम (इलेक्ट्रॉनिक नेशनल एग्रीकल्चर मार्केट) एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है जो किसानों को ऑनलाइन मंडी से जोड़ता है और उन्हें अपनी उपज के लिए बेहतर मूल्य खोजने में सक्षम बनाता है। यह बिचौलियों की भूमिका कम करने और पारदर्शी व्यापार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू किया गया था।
राष्ट्र प्रेस
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