अमित शाह का गांधीनगर दिशा बैठक में निर्देश: हर किसान के पास हों कम से कम दो पशु
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने 28 जून 2025 को गांधीनगर में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक की अध्यक्षता करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि जिले के प्रत्येक किसान के पास कम से कम दो पशु सुनिश्चित किए जाएं। उनका कहना था कि पशुधन किसानों की आर्थिक स्थिरता की रीढ़ है और कोई भी किसान इससे वंचित न रहे।
मुख्य घटनाक्रम
इस उच्चस्तरीय बैठक में गुजरात के गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी, गांधीनगर के सांसद हसमुखभाई पटेल, हरीभाई पटेल, विधायक रीताबेन पटेल, अल्पेशभाई ठाकोर, बलराजसिंह चौहान और जयंतीभाई पटेल, गांधीनगर महानगरपालिका की महापौर मीराबेन पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष राजेशभाई पटेल तथा जिला विकास अधिकारी हसरत जस्मिन सहित अनेक जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में केंद्र सरकार की प्रमुख योजनाओं की प्रगति और जिले के विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई।
पशुधन और कृषि पर निर्देश
शाह ने अधिकारियों को तत्काल सर्वेक्षण कर यह सुनिश्चित करने को कहा कि जिले का कोई भी किसान पशुधन से वंचित न रहे। उन्होंने प्रत्येक किसान को कम से कम दो पशु उपलब्ध कराने की योजना तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही, वर्षा में कमी या सूखे जैसी स्थिति उत्पन्न होने पर तत्काल आकस्मिक कार्ययोजना बनाने और असिंचित क्षेत्रों का सर्वे कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए।
शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं पर जोर
शाह ने बालिकाओं के माध्यमिक शिक्षा स्तर पर ड्रॉपआउट दर घटाने के लिए तीन से चार गांवों का क्लस्टर बनाकर नए स्कूल स्थापित करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिले में नव-निर्मित पुस्तकालयों के प्रति विद्यार्थियों में जागरूकता बढ़ाने और उन्हें जिला स्तरीय मुख्य पुस्तकालय से जोड़ने पर भी बल दिया। इसके अलावा, जिन गांवों में अब तक घरेलू गैस कनेक्शन, शौचालय, पेयजल, सिंचाई सुविधा या बिजली उपलब्ध नहीं है, उनका तत्काल सर्वेक्षण कर रिपोर्ट तैयार करने को कहा गया।
सड़क और आयुष्मान भारत योजना पर निर्देश
केंद्रीय मंत्री ने मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 'गांव' की परिभाषा स्पष्ट करने और कम से कम 35 घरों तथा बिजली कनेक्शन वाले उप-क्षेत्रों को भी योजना के मानकों में शामिल करने का सुझाव दिया। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि जिले के 70 वर्ष से अधिक आयु के सभी वरिष्ठ नागरिकों को बिना किसी देरी के आयुष्मान भारत योजना के तहत कार्ड उपलब्ध कराए जाएं और इस कार्य को युद्धस्तर पर पूरा किया जाए।
आगे की राह
यह बैठक ऐसे समय में आई है जब गुजरात में खरीफ सीजन की शुरुआत हो रही है और मानसून की अनिश्चितता किसानों की चिंता बढ़ा रही है। गौरतलब है कि दिशा समिति की बैठकें केंद्रीय योजनाओं के ज़मीनी क्रियान्वयन की निगरानी के लिए होती हैं। अधिकारियों से अपेक्षा है कि वे शाह के निर्देशों के अनुसार सर्वेक्षण रिपोर्ट और कार्ययोजना शीघ्र प्रस्तुत करें।