27 जून 2026
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अमित शाह का गांधीनगर दिशा बैठक में निर्देश: हर किसान के पास हों कम से कम 2 पशु

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अमित शाह का गांधीनगर दिशा बैठक में निर्देश: हर किसान के पास हों कम से कम 2 पशु

सारांश

गृह मंत्री अमित शाह ने गांधीनगर में दिशा बैठक में किसानों के लिए पशुधन से लेकर वरिष्ठ नागरिकों के आयुष्मान कार्ड तक — एक साथ कई मोर्चों पर अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। यह बैठक ग्रामीण विकास की ज़मीनी निगरानी का दुर्लभ उदाहरण है।

मुख्य बातें

अमित शाह ने 27 जून 2026 को गांधीनगर में दिशा बैठक की अध्यक्षता की।
निर्देश: जिले के हर किसान के पास कम से कम 2 पशु सुनिश्चित किए जाएं; तत्काल सर्वेक्षण कराया जाए।
वर्षा में कमी की स्थिति के लिए आकस्मिक कार्ययोजना और असिंचित क्षेत्रों की रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश।
बालिकाओं की ड्रॉपआउट दर घटाने के लिए 3-4 गांवों के क्लस्टर में नए स्कूल स्थापित करने का निर्देश।
70 वर्ष से अधिक आयु के सभी वरिष्ठ नागरिकों को आयुष्मान भारत कार्ड युद्धस्तर पर उपलब्ध कराने का आदेश।
मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना में कम से कम 35 घरों वाले उप-क्षेत्रों को शामिल करने का सुझाव।

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने 27 जून 2026 को गांधीनगर में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक की अध्यक्षता करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जिले के प्रत्येक किसान के पास कम से कम दो पशु सुनिश्चित किए जाएं। उनका उद्देश्य पशुधन के माध्यम से किसानों की आर्थिक स्थिति को और सुदृढ़ करना है। इस उच्चस्तरीय बैठक में गुजरात के गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी सहित अनेक जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।

पशुधन और किसान कल्याण

बैठक में अमित शाह ने सभी विभागों की कार्य-प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि जिले का कोई भी किसान पशुधन से वंचित न रहे। इसके लिए तत्काल सर्वेक्षण कर प्रत्येक किसान को कम से कम दो पशु उपलब्ध कराने की योजना तैयार करने के निर्देश दिए गए। यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब ग्रामीण अर्थव्यवस्था में पशुपालन को आय के पूरक स्रोत के रूप में बढ़ावा देने की राष्ट्रीय नीति पर ज़ोर दिया जा रहा है।

वर्षा और सिंचाई की आकस्मिक तैयारी

गृह मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि यदि वर्षा में कमी या बारिश रुकने जैसी स्थिति उत्पन्न होती है, तो उससे निपटने के लिए तत्काल आकस्मिक कार्ययोजना तैयार की जाए। साथ ही, असिंचित क्षेत्रों का सर्वे कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिए गए। गौरतलब है कि गुजरात के कई जिलों में मानसून की अनिश्चितता कृषि उत्पादकता के लिए एक स्थायी चुनौती बनी रहती है।

शिक्षा, पुस्तकालय और बुनियादी सुविधाएं

केंद्रीय मंत्री ने बालिकाओं के माध्यमिक शिक्षा स्तर पर ड्रॉपआउट दर कम करने के लिए तीन से चार गांवों का क्लस्टर बनाकर नए स्कूल स्थापित करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिले में नव-निर्मित पुस्तकालयों के प्रति विद्यार्थियों में जागरूकता बढ़ाने और उन्हें जिला स्तरीय मुख्य पुस्तकालय से जोड़ने पर भी बल दिया। इसके अतिरिक्त, ऐसे गांवों का तत्काल सर्वेक्षण करने के निर्देश दिए गए जहाँ अब तक घरेलू गैस कनेक्शन, शौचालय, पेयजल, सिंचाई सुविधा या बिजली उपलब्ध नहीं है।

ग्राम सड़क योजना और आयुष्मान भारत

शाह ने मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 'गांव' की परिभाषा स्पष्ट करने और कम से कम 35 घरों तथा बिजली कनेक्शन वाले उप-क्षेत्रों को भी योजना के मानकों में शामिल करने का सुझाव दिया। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि जिले के 70 वर्ष से अधिक आयु के सभी वरिष्ठ नागरिकों को बिना किसी देरी के आयुष्मान भारत योजना के तहत कार्ड उपलब्ध कराए जाएं और इस कार्य को युद्धस्तर पर पूरा किया जाए।

बैठक में उपस्थित प्रमुख जन-प्रतिनिधि

इस बैठक में गांधीनगर के सांसद हसमुखभाई पटेल, हरीभाई पटेल, विधायक रीताबेन पटेल, अल्पेशभाई ठाकोर, बलराजसिंह चौहान और जयंतीभाई पटेल, गांधीनगर महानगरपालिका की महापौर मीराबेन पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष राजेशभाई पटेल, विभिन्न तालुका पंचायत एवं नगरपालिकाओं के अध्यक्ष, नगर आयुक्त तथा जिला विकास अधिकारी हसरत जस्मिन सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। आगामी सप्ताहों में इन निर्देशों के क्रियान्वयन की प्रगति रिपोर्ट अधिकारियों से माँगे जाने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि सर्वेक्षण से लेकर पशु वितरण तक की प्रक्रिया में पारदर्शिता और समयसीमा कैसे तय होगी। आयुष्मान कार्ड को 'युद्धस्तर' पर देने की बात वर्षों से सुनाई देती रही है — इस बार क्रियान्वयन की निगरानी ही असली कसौटी होगी।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमित शाह ने गांधीनगर दिशा बैठक में किसानों के लिए क्या निर्देश दिए?
अमित शाह ने निर्देश दिया कि जिले के प्रत्येक किसान के पास कम से कम दो पशु सुनिश्चित किए जाएं। इसके लिए तत्काल सर्वेक्षण कर योजना तैयार करने को कहा गया ताकि कोई भी किसान पशुधन से वंचित न रहे।
दिशा बैठक क्या होती है और इसकी अध्यक्षता कौन करता है?
दिशा (जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति) केंद्र सरकार की योजनाओं की जिला स्तर पर प्रगति की समीक्षा करने वाली समिति है। इसकी अध्यक्षता आमतौर पर संबंधित क्षेत्र के सांसद या केंद्रीय मंत्री करते हैं।
बैठक में वरिष्ठ नागरिकों के लिए क्या निर्देश दिए गए?
शाह ने निर्देश दिया कि जिले के 70 वर्ष से अधिक आयु के सभी वरिष्ठ नागरिकों को बिना किसी देरी के आयुष्मान भारत योजना के तहत कार्ड उपलब्ध कराए जाएं। इस कार्य को युद्धस्तर पर पूरा करने पर जोर दिया गया।
बालिकाओं की ड्रॉपआउट दर घटाने के लिए क्या योजना बनाई गई?
माध्यमिक शिक्षा स्तर पर बालिकाओं का ड्रॉपआउट कम करने के लिए तीन से चार गांवों का क्लस्टर बनाकर नए स्कूल स्थापित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही नव-निर्मित पुस्तकालयों को जिला स्तरीय मुख्य पुस्तकालय से जोड़ने पर भी बल दिया गया।
मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना में क्या बदलाव का सुझाव दिया गया?
शाह ने सुझाव दिया कि 'गांव' की परिभाषा स्पष्ट की जाए और कम से कम 35 घरों तथा बिजली कनेक्शन वाले उप-क्षेत्रों को भी योजना के मानकों में शामिल किया जाए। इससे छोटी बस्तियाँ भी सड़क योजना का लाभ उठा सकेंगी।
राष्ट्र प्रेस
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