छत्तीसगढ़: दुर्ग में सिलेंडर विस्फोट से एक परिवार के 4 लोगों की मौत, CM साय ने ₹5 लाख मुआवजे का ऐलान
सारांश
मुख्य बातें
छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के कुम्हारी थाना क्षेत्र में मंगलवार, 12 मई को घरेलू रसोई गैस सिलेंडर फटने से एक ही परिवार के चार सदस्यों की जिंदा जलकर मौत हो गई। मृतकों में डेढ़ साल की बच्ची गोपिका भी शामिल है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शोक व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवार को ₹5 लाख की अतिरिक्त आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
घटनाक्रम: कैसे हुआ हादसा
यह दर्दनाक हादसा वार्ड नंबर चार, कुम्हारी क्षेत्र में एक आवासीय मकान के भीतर हुआ। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, विस्फोट अचानक हुआ और धमाका इतना जोरदार था कि घर में तत्काल भीषण आग भड़क उठी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आग इतनी तेज़ी से फैली कि अंदर मौजूद लोग बाहर निकलने में असमर्थ रहे।
पड़ोसियों ने बचाव की कोशिश की, लेकिन आग की तेज़ लपटों के कारण कोई भी मकान के भीतर प्रवेश नहीं कर सका। सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुँचीं। आग बुझाने के बाद घर के अंदर से चार शव बरामद किए गए।
मृतकों की पहचान
मृतकों की पहचान 45 वर्षीय अनिल वैष्णव, 20 वर्षीय लक्ष्मी वैष्णव, 18 वर्षीय वैष्णव और डेढ़ साल की बच्ची गोपिका के रूप में हुई है। सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। घटना के बाद पूरे इलाके में गहरे शोक का माहौल है।
सरकार की प्रतिक्रिया और मुआवजा
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सोशल मीडिया पर इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि दुर्ग जिले के कुम्हारी थाना क्षेत्र में शॉर्ट सर्किट और सिलेंडर विस्फोट के कारण एक ही परिवार के चार लोगों की मौत बेहद दुखद है। उन्होंने शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।
सीएम साय ने घोषणा की कि पीड़ित परिवार को सरकारी नियमों के तहत मिलने वाले ₹4 लाख के अतिरिक्त ₹5 लाख की अतिरिक्त सहायता दी जाएगी। साथ ही, प्रभावित परिवार के रहने और अन्य ज़रूरी सुविधाओं की व्यवस्था करने तथा घटना की जाँच के आदेश भी दिए गए हैं।
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव और सांसद विजय बघेल ने भी घटना पर संज्ञान लिया और मौके का दौरा किया।
जाँच जारी: क्या थी विस्फोट की वजह
पुलिस ने विस्फोट के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए जाँच शुरू कर दी है। यह भी जाँचा जा रहा है कि गैस कनेक्शन में कोई तकनीकी खामी तो नहीं थी। मुख्यमंत्री के बयान में शॉर्ट सर्किट को भी संभावित कारण बताया गया है, हालाँकि अधिकारिक जाँच रिपोर्ट अभी आनी बाकी है।
आगे क्या
घटना की जाँच रिपोर्ट आने के बाद स्पष्ट होगा कि विस्फोट शॉर्ट सर्किट से हुआ या गैस लीकेज से। गौरतलब है कि देश भर में घरेलू गैस सिलेंडर से जुड़ी दुर्घटनाएँ समय-समय पर सामने आती रहती हैं, जो रखरखाव और सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल उठाती हैं। प्रशासन ने पीड़ित परिवार के पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू कर दी है।