चेन्नई में गैस सिलेंडर के विस्फोट से दो बच्चों की मृत्यु, चार घायल
सारांश
Key Takeaways
- गैस सिलेंडर के उपयोग में सावधानी बरतें।
- घटनास्थल पर तुरंत सहायता पहुँचाना आवश्यक है।
- स्थानीय अधिकारियों को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।
- घायलों की चिकित्सा सहायता प्राथमिकता होनी चाहिए।
- विस्फोट के कारणों की जांच करना आवश्यक है।
चेन्नई, १५ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। रविवार को चेन्नई के पास एक घर में खाना पकाने के गैस सिलेंडर के विस्फोट से दो बच्चों की जान चली गई, जबकि चार अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। यह घटना शहर के दक्षिणी बाहरी इलाके में स्थित नवलूर के चामुंडेश्वर नगर की दूसरी गली में घटित हुई।
विस्फोट की तीव्रता इतनी अधिक थी कि घर का एक हिस्सा ढह गया, जिससे दो पड़ोसी घरों को भी नुकसान पहुँचा। मृतकों की पहचान डेढ़ वर्षीय थीरन और चार वर्षीय कृषिका के रूप में हुई है। विस्फोट के समय दोनों बच्चे घर के अंदर थे और गंभीर रूप से घायल हो गए। कई प्रयासों के बाद भी उन्हें बचाया नहीं जा सका।
इस घटना में चार अन्य लोग घायल हुए हैं, जिनका उपचार एक पास के अस्पताल में चल रहा है। घायलों में बच्चों के माता-पिता संजय (३१) और सोनिया (२६), सोनिया की मां चित्रा (४६) और पड़ोस का बच्चा प्रदीप (७) शामिल हैं, जो विस्फोट के समय आसपास मौजूद थे।
डॉक्टरों ने बताया कि कुछ घायलों को जलने और मलबे के गिरने के कारण गंभीर चोटें आई हैं। पुलिस और अग्निशमन विभाग से मिली प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह विस्फोट घर के अंदर घरेलू गैस सिलेंडर के फटने से हुआ। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि इमारत के कुछ हिस्से गिर गए, जिससे घर में रहने वाले लोग मलबे में दब गए और आसपास के घरों को भी नुकसान पहुँचा।
स्थानीय निवासियों ने एक जोरदार विस्फोट की आवाज सुनी, जिसके बाद कई लोग आपातकालीन टीमें पहुंचने से पहले ही पीड़ितों की सहायता के लिए घटनास्थल पर पहुँच गए। अग्निशामक और स्थानीय पुलिस के कर्मी तुरंत मौके पर पहुंचे और बचाव कार्य शुरू किया। दमकलकर्मियों ने मलबा हटाया और घायलों को आपातकालीन चिकित्सा के लिए पास के चिकित्सा केंद्रों में पहुँचाया।
आगे किसी भी खतरे को रोकने के लिए अधिकारियों ने इलाके को घेर लिया है और क्षतिग्रस्त इमारतों की जांच चल रही है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि विस्फोट के सटीक कारण का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक जांच में यह भी संकेत मिलता है कि विस्फोट से पहले गैस रिसाव या सिलेंडर का गलत उपयोग हो सकता है।