20 अक्टूबर 2026
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कोटा में दुर्गा विसर्जन के दौरान नाव पलटी, चार बच्चे लापता; SDRF-NDRF का तलाशी अभियान जारी

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कोटा में दुर्गा विसर्जन के दौरान नाव पलटी, चार बच्चे लापता; SDRF-NDRF का तलाशी अभियान जारी

सारांश

राजस्थान के कोटा में दुर्गा विसर्जन के दौरान चंबल नहर में लकड़ी की नाव पलटने से चार बच्चे — केशू, गोलू, सुरेश और राहुल — लापता हो गए। तीन वयस्क तैरकर बचे। SDRF, NDRF और गोताखोर रात तक तलाश में जुटे रहे।

मुख्य बातें

20 अक्टूबर 2026 को कोटा में चंबल नदी की दाहिनी मुख्य नहर में दुर्गा विसर्जन के दौरान नाव पलटी।
चार बच्चे — केशू , गोलू , सुरेश और राहुल — तेज धारा में बह गए, डूबने की आशंका।
माला कंवर , दीपक और नाविक तैरकर सुरक्षित बचे; सात लोग नाव में सवार थे।
SDRF , NDRF , नगर निगम और स्थानीय गोताखोर तीन नावों से तलाशी अभियान चला रहे हैं।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने दुख जताया और प्रशासन को बचाव कार्य तेज़ करने का निर्देश दिया।
जिला कलेक्टर पीयूष समरिया समेत वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर मौजूद।

कोटा (राजस्थान) में मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 की शाम चंबल नदी की दाहिनी मुख्य नहर में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान एक नाव पलट जाने से चार बच्चों के डूबने की आशंका है। बचावकर्मियों ने नाविक सहित तीन लोगों को सुरक्षित निकाल लिया है, जबकि लापता बच्चों की खोज के लिए व्यापक अभियान जारी है।

घटनाक्रम: कैसे पलटी नाव

अधिकारियों के अनुसार, यह समूह विज्ञान नगर के संजय नगर इलाके से दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के लिए बोरखेड़ा थाना क्षेत्र में स्थित नहर तक पहुँचा था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक छोटी लकड़ी की नाव में सात लोग सवार थे — तीन-तीन दोनों तरफ, और बीच में दुर्गा प्रतिमा रखी हुई थी। नाव जब नहर के बीचोंबीच पहुँची, तभी वह पलट गई और सभी सवार पानी में जा गिरे।

माला कंवर, दीपक और नाविक तैरकर सुरक्षित किनारे पर पहुँचने में सफल रहे। लेकिन चारों बच्चे — केशू, गोलू, सुरेश और राहुल — तेज धारा में बह गए। इस हादसे की खबर फैलते ही परिजन घटनास्थल पर पहुँच गए और नहर के किनारे भारी भीड़ जमा हो गई।

बचाव अभियान: कौन-कौन तैनात

राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की टीमें, नगर निगम की बचाव इकाइयाँ तथा स्थानीय गोताखोर नहर में तलाशी में जुटे हैं। अभियान में तीन नावों का उपयोग किया जा रहा है। बचाव कार्य देर रात तक जारी रहा।

प्रशासनिक स्तर पर जिला कलेक्टर पीयूष समरिया, नगर पुलिस अधीक्षक तेजस्विनी गौतम, मंत्रिमंडल मंत्री मदन दिलावर और अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट रवि वर्मा समेत कई वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर पहुँचकर बचाव कार्यों की निगरानी कर रहे हैं।

लोकसभा अध्यक्ष की प्रतिक्रिया

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला — जो कोटा से ही सांसद हैं — ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया और प्रशासन को खोज एवं बचाव कार्य में अत्यंत तत्परता बरतने का निर्देश दिया। उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जताते हुए लापता बच्चों के सुरक्षित मिलने की आशा व्यक्त की।

पृष्ठभूमि और व्यापक संदर्भ

यह घटना ऐसे समय में हुई है जब पूरे देश में नवरात्रि के समापन पर दुर्गा विसर्जन का आयोजन चल रहा है। गौरतलब है कि हर वर्ष विसर्जन के दौरान नदियों और नहरों में नाव दुर्घटनाओं की खबरें आती हैं, जो अक्सर नावों की क्षमता से अधिक भार और अपर्याप्त सुरक्षा इंतज़ामों का नतीजा होती हैं। प्रशासन की प्राथमिकता अभी चारों लापता बच्चों का पता लगाना है और तलाशी अभियान जारी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

क्षमता से अधिक भरी नावें, कोई जीवन-रक्षक जैकेट नहीं, और नहरों-नदियों पर कोई प्रभावी निगरानी नहीं। सवाल यह है कि जब विसर्जन की तारीखें और स्थान पहले से तय होते हैं, तो प्रशासन सुरक्षा उपाय पहले से क्यों नहीं करता? लोकसभा अध्यक्ष का निर्देश और अधिकारियों का घटनास्थल पर पहुँचना घटना के बाद की प्रतिक्रिया है, जबकि असली जवाबदेही पहले की तैयारी में होनी चाहिए थी। जब तक विसर्जन आयोजनों के लिए अनिवार्य नाव-सुरक्षा मानक और पर्यवेक्षण सुनिश्चित नहीं होते, ऐसे हादसे हर साल की सुर्खी बनते रहेंगे।
RashtraPress
20 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कोटा नाव दुर्घटना में कितने लोग लापता हैं और उनकी पहचान क्या है?
चार बच्चे लापता हैं जिनके डूबने की आशंका है। उनकी पहचान केशू, गोलू, सुरेश और राहुल के रूप में हुई है। ये सभी विज्ञान नगर के संजय नगर इलाके के निवासी बताए जा रहे हैं।
कोटा में नाव दुर्घटना कैसे हुई?
20 अक्टूबर 2026 की शाम दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के लिए सात लोग एक छोटी लकड़ी की नाव में सवार हुए थे। नाव के बीच में प्रतिमा रखी थी और दोनों तरफ तीन-तीन लोग बैठे थे। चंबल नदी की दाहिनी मुख्य नहर के बीचोंबीच नाव पलट गई और सभी पानी में जा गिरे।
क्या सभी फँसे लोगों को बचाया जा सका?
नहीं। माला कंवर, दीपक और नाविक तैरकर सुरक्षित बाहर निकल आए। चारों बच्चे — केशू, गोलू, सुरेश और राहुल — तेज धारा में बह गए और उनकी तलाश जारी है।
बचाव अभियान में कौन-सी एजेंसियाँ शामिल हैं?
राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF), राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), नगर निगम की बचाव टीमें और स्थानीय गोताखोर तलाशी में लगे हैं। अभियान में तीन नावों का उपयोग हो रहा है।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने इस घटना पर क्या कहा?
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने गहरा दुख जताया और प्रशासन को बचाव कार्य में अत्यंत तत्परता बरतने का निर्देश दिया। उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और लापता बच्चों के सुरक्षित मिलने की आशा जताई।
राष्ट्र प्रेस
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