कोटा नाव हादसा: 18 घंटे की तलाश के बाद चारों लापता युवकों के शव बरामद
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान के कोटा जिले की एक नहर में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान नाव पलटने से लापता हुए चार युवकों के शव बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 की सुबह दुर्घटनास्थल से लगभग 100 मीटर आगे बरामद किए गए — हादसे के करीब 18 घंटे बाद। यह दर्दनाक हादसा मंगलवार शाम लगभग 5.30 बजे उसी दिन हुआ जब नहर में पानी छोड़ा गया था।
हादसे का घटनाक्रम
मंगलवार शाम दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान नाव पलटने से सात लोग नहर के पानी में बह गए। इनमें से केवल तीन लोग — दीपक, मान कंवर और नाविक सुरेश — सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहे। बताया गया है कि नाव चालक हादसे के तुरंत बाद मौके से फरार हो गया था।
अंधेरे के कारण बचाव अभियान मंगलवार रात 10.30 बजे तक रोकना पड़ा। बुधवार सुबह 5.30 बजे राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीमों ने तलाशी अभियान फिर से शुरू किया।
शवों की बरामदगी
विकास वर्मा उर्फ सुमन (22) और सूरज सिंह (22) के शव सबसे पहले बरामद किए गए। इसके कुछ घंटों बाद चचेरे भाई आशु जोशी (19) और राहुल जोशी (18) के शव भी मिल गए। अतिरिक्त एसपी सुभाष चंद्र मिश्रा के अनुसार, सभी शव दुर्घटना स्थल से पानी के बहाव की दिशा में 100 मीटर आगे पाए गए।
बचाव अभियान का विस्तार
एसडीआरएफ की प्रभारी एकता हाडा ने बताया कि बचाव कार्य के लिए कुल छह नावें तैनात की गई थीं — तीन NDRF से और तीन SDRF से। तलाशी अभियान को नहर में आगे उमेदगंज तक बढ़ाया गया और नहर के अलग-अलग हिस्सों की छानबीन की गई। स्थानीय मछुआरे भी बचाव कार्य में शामिल हुए।
वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी
हादसे की गंभीरता को देखते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर भी मौके पर पहुँचे। कोटा के जिला कलेक्टर, सिटी पुलिस अधीक्षक, उप-विभागीय मजिस्ट्रेट, अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट और तहसीलदार सहित वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी भी घटनास्थल पर मौजूद रहे।
आगे की कार्रवाई
यह हादसा उस दिन हुआ जब नहर में पानी छोड़ा गया था, जिसने बचाव अभियान को और जटिल बना दिया। गौरतलब है कि धार्मिक अनुष्ठानों के दौरान जल निकायों में सुरक्षा इंतज़ामों की पर्याप्तता पर यह घटना फिर से सवाल खड़े करती है। प्रशासन से अपेक्षा है कि नाविक की गिरफ्तारी और हादसे की विस्तृत जाँच के आदेश शीघ्र जारी होंगे।