करमा पूजा विसर्जन में कोयल नदी का कहर: पलामू में चार युवकों की डूबकर मौत, पाँचवाँ लापता
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड के पलामू जिले में करमा पूजा का त्योहार बुधवार को गहरे शोक में बदल गया, जब चैनपुर थाना क्षेत्र के बोकेया पतरिया गाँव के पाँच युवक पूजा सामग्री के विसर्जन के दौरान कोयल नदी की तेज धार में बह गए। इस दर्दनाक हादसे में चार युवकों की मौत हो गई, जबकि पाँचवाँ युवक अभी भी लापता है और उसकी तलाश में अभियान जारी है।
हादसे का घटनाक्रम
पुलिस के अनुसार, बुधवार सुबह गाँव के पाँच युवक करमा पूजा की सामग्री लेकर कोयल नदी में विसर्जन करने गए। नदी के किनारे से थोड़ा आगे बढ़ते ही वे अचानक गहरे पानी और तेज बहाव की चपेट में आ गए। बहाव इतना प्रबल था कि पाँचों युवक खुद को सँभाल नहीं पाए और देखते-देखते नदी में समा गए।
आसपास मौजूद लोगों ने जब युवकों को डूबते देखा तो शोर मचाया, लेकिन तब तक स्थिति नियंत्रण से बाहर हो चुकी थी। स्थानीय लोगों और गोताखोरों के प्रयास से चार युवकों के शव नदी से बाहर निकाले गए।
मृतकों की पहचान
मृतकों की पहचान नीतीश सिंह (18 वर्ष), अमित ठाकुर (22 वर्ष), राजा सिंह (12 वर्ष) और विशाल पासवान (16 वर्ष) के रूप में हुई है। चारों एक ही मोहल्ले के निवासी बताए जा रहे हैं। पाँचवें युवक की तलाश के लिए एनडीआरएफ (NDRF) और स्थानीय गोताखोरों की टीम लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही है।
पुलिस और प्रशासन की प्रतिक्रिया
घटना की सूचना मिलते ही चैनपुर थाना पुलिस मौके पर पहुँची और शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस समय नदी में जलस्तर सामान्य से अधिक है और बहाव भी तेज है, जो इस हादसे का मुख्य कारण बना।
प्रशासन ने पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया है। गाँव में शोक की गहरी लहर है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
आम जनता पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब करमा पूजा झारखंड के आदिवासी और ग्रामीण समुदायों का एक प्रमुख पर्व है, जिसे बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। एक ही गाँव के चार युवकों की एक साथ मौत ने पूरे इलाके की खुशियाँ छीन ली हैं। गौरतलब है कि विसर्जन के दौरान नदियों में डूबने की घटनाएँ राज्य में पहले भी सामने आती रही हैं, लेकिन सुरक्षा इंतजामों की कमी अब भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।
क्या होगा आगे
एनडीआरएफ की टीम लापता युवक की तलाश में जुटी है। पुलिस ने हादसे की विस्तृत जाँच शुरू कर दी है। प्रशासन की ओर से राहत एवं मुआवजे की प्रक्रिया भी आरंभ किए जाने की संभावना है।