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करमा पूजा विसर्जन बना त्रासदी: कोयल नदी में डूबे पांच युवक, चार की मौत, एक लापता

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करमा पूजा विसर्जन बना त्रासदी: कोयल नदी में डूबे पांच युवक, चार की मौत, एक लापता

सारांश

करमा पूजा का विसर्जन पलामू के बोकेया पतरिया गांव में काल बन गया। कोयल नदी की तेज धारा ने पांच युवकों को लील लिया — चार के शव बाहर निकाले जा चुके हैं, पांचवें की तलाश NDRF कर रही है। 12 से 22 साल के ये युवक एक ही मोहल्ले के थे।

मुख्य बातें

झारखंड के पलामू जिले में बुधवार को करमा पूजा विसर्जन के दौरान कोयल नदी में पांच युवक डूब गए।
मृतकों की पहचान नीतीश सिंह (18) , अमित ठाकुर (22) , राजा सिंह (12) और विशाल पासवान (16) के रूप में हुई।
पांचवां युवक अभी भी लापता है; NDRF और स्थानीय गोताखोरों का सर्च ऑपरेशन जारी।
पुलिस के अनुसार नदी में जलस्तर और बहाव इस समय सामान्य से अधिक था।
चैनपुर थाना पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे; जिला प्रशासन ने पीड़ित परिवारों को सहायता का आश्वासन दिया।

झारखंड के पलामू जिले में करमा पूजा का उत्सव बुधवार को गहरे शोक में बदल गया, जब चैनपुर थाना क्षेत्र के बोकेया पतरिया गांव के पांच युवक पूजा सामग्री के विसर्जन के दौरान कोयल नदी की तेज धारा में बह गए। इस दर्दनाक हादसे में चार युवकों की मृत्यु की पुष्टि हो चुकी है, जबकि पांचवां युवक अभी भी लापता है और उसकी तलाश में सर्च ऑपरेशन जारी है।

घटनाक्रम: कैसे हुआ हादसा

बुधवार सुबह गांव के पांचों युवक करमा पूजा की सामग्री लेकर कोयल नदी के घाट पर विसर्जन के लिए पहुंचे थे। नदी किनारे से थोड़ा आगे बढ़ते ही वे अचानक गहरे पानी और तेज बहाव की चपेट में आ गए। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस समय नदी में जलस्तर सामान्य से अधिक है और धारा भी असामान्य रूप से तेज है।

आसपास खड़े लोगों ने जब युवकों को डूबते देखा तो तुरंत शोर मचाया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। स्थानीय लोगों और गोताखोरों के तत्काल प्रयासों से चार शवों को नदी से निकाला गया।

मृतकों की पहचान

पुलिस के अनुसार, हादसे में जान गंवाने वाले चारों युवकों की पहचान हुई है। मृतकों में नीतीश सिंह (18 वर्ष), अमित ठाकुर (22 वर्ष), राजा सिंह (12 वर्ष) और विशाल पासवान (16 वर्ष) शामिल हैं। बताया जा रहा है कि चारों एक ही मोहल्ले के निवासी थे।

चैनपुर थाना पुलिस ने घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचकर चारों शवों को अपने कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

बचाव अभियान जारी

लापता पांचवें युवक की तलाश में राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और स्थानीय गोताखोरों की संयुक्त टीम लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही है। यह ऐसे समय में आया है जब मानसून के कारण कोयल नदी का जलस्तर अभी भी ऊंचा बना हुआ है, जिससे खोज अभियान में कठिनाइयाँ आ रही हैं।

गांव में शोक की लहर

एक ही गांव और मोहल्ले के चार युवकों की एक साथ मृत्यु से पूरे इलाके में गहरी पीड़ा का माहौल है। परिजन सदमे में हैं और गांव में मातम पसरा हुआ है। गौरतलब है कि करमा पूजा झारखंड का एक प्रमुख पारंपरिक त्योहार है, जिसमें युवा विशेष रूप से उत्साह से भाग लेते हैं।

जिला प्रशासन ने पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया है। अधिकारियों ने नदी के किनारे विसर्जन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था की कमी को लेकर भी सवाल खड़े किए जा रहे हैं। आगे इस दिशा में क्या कदम उठाए जाएंगे, यह प्रशासन की प्राथमिकता होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि त्योहारी विसर्जनों के दौरान बुनियादी सुरक्षा व्यवस्था की पुरानी अनदेखी का नतीजा है। मानसून के बाद नदियों का जलस्तर बढ़ा होने पर भी विसर्जन स्थलों पर न लाइफगार्ड होते हैं, न बैरिकेड। झारखंड में यह पहली ऐसी घटना नहीं है — हर साल पूजा-विसर्जनों में कई जीवन खो जाते हैं, फिर भी प्रशासन की प्रतिक्रिया 'आश्वासन' तक सिमटी रहती है। सवाल यह है कि त्योहारी मौसम में नदी-सुरक्षा को लेकर जवाबदेही कब तय होगी।
RashtraPress
23 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पलामू में करमा पूजा के दौरान कोयल नदी हादसा कब और कहाँ हुआ?
यह हादसा बुधवार, 23 सितंबर 2026 को झारखंड के पलामू जिले के चैनपुर थाना क्षेत्र स्थित बोकेया पतरिया गांव के पास कोयल नदी में हुआ। करमा पूजा की सामग्री विसर्जन के दौरान पांच युवक नदी की तेज धारा में बह गए।
कोयल नदी हादसे में किन-किन युवकों की मौत हुई?
पुलिस के अनुसार चार मृतकों की पहचान नीतीश सिंह (18 वर्ष), अमित ठाकुर (22 वर्ष), राजा सिंह (12 वर्ष) और विशाल पासवान (16 वर्ष) के रूप में हुई है। चारों एक ही मोहल्ले के निवासी बताए जा रहे हैं।
लापता पांचवें युवक की तलाश के लिए क्या प्रयास हो रहे हैं?
NDRF (राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल) और स्थानीय गोताखोरों की संयुक्त टीम लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही है। हालांकि नदी में जलस्तर और बहाव अधिक होने से खोज में कठिनाई आ रही है।
करमा पूजा क्या है और इसमें विसर्जन का क्या महत्व है?
करमा पूजा झारखंड, ओडिशा और छत्तीसगढ़ में मनाया जाने वाला एक प्रमुख आदिवासी-लोक पर्व है, जो प्रकृति और करम वृक्ष की पूजा से जुड़ा है। इस पर्व में युवा विशेष रूप से उत्साह से भाग लेते हैं और पूजा के अंत में सामग्री नदी में विसर्जित की जाती है।
राष्ट्र प्रेस
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