15 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

ईडी ने ग्रैंड वेनिस मॉल मालिक सतींदर सिंह भसीन को मनी लॉन्ड्रिंग में गिरफ्तार, ₹44 करोड़ की संपत्ति जब्त

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
ईडी ने ग्रैंड वेनिस मॉल मालिक सतींदर सिंह भसीन को मनी लॉन्ड्रिंग में गिरफ्तार, ₹44 करोड़ की संपत्ति जब्त

सारांश

ईडी ने ग्रेटर नोएडा के ग्रैंड वेनिस मॉल के मालिक सतींदर सिंह भसीन को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया — वह सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद पकड़े गए। निवेशकों से करोड़ों ठगी और ₹44.06 करोड़ की संपत्ति जब्त, 6 जून तक ईडी हिरासत।

मुख्य बातें

ईडी ने 30 मई 2026 को ग्रेटर नोएडा के ग्रैंड वेनिस मॉल मालिक सतींदर सिंह भसीन को पीएमएलए, 2002 के तहत गिरफ्तार किया।
गाजियाबाद की विशेष पीएमएलए न्यायालय ने भसीन को 6 जून 2026 तक ईडी हिरासत में भेजा।
सर्वोच्च न्यायालय ने 15 मई 2026 को ईडी को हिरासत में लेने का निर्देश दिया था, क्योंकि भसीन समनों से बच रहे थे।
आरोप: रियल एस्टेट परियोजनाओं में निवेशकों से करोड़ों रुपये जुटाए, परंतु वादा की गई डिलीवरी कभी नहीं हुई।
ईडी ने राजौरी गार्डन, दिल्ली में भसीन का आवासीय मकान अस्थायी रूप से कुर्क किया; मूल्य ₹44.06 करोड़ ।
मामले में क्विंसी भसीन और बीआईआईपीएल समूह की अन्य संस्थाओं की भूमिका की भी जांच जारी।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के लखनऊ क्षेत्रीय कार्यालय ने 30 मई 2026 को ग्रेटर नोएडा स्थित ग्रैंड वेनिस मॉल के मालिक सतींदर सिंह भसीन को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया। यह गिरफ्तारी भसीन इन्फोटेक एंड इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड (बीआईआईपीएल) से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में हुई है, जिसमें निवेशकों से करोड़ों रुपये की कथित धोखाधड़ी का आरोप है।

न्यायालय हिरासत और सुप्रीम कोर्ट का आदेश

गाजियाबाद स्थित विशेष पीएमएलए न्यायालय ने सतींदर सिंह भसीन को 6 जून 2026 तक ईडी की हिरासत में भेज दिया है। अधिकारियों के अनुसार, भसीन ईडी द्वारा जारी समनों की अनदेखी करते रहे और जांच में सहयोग नहीं कर रहे थे। इसी पृष्ठभूमि में सर्वोच्च न्यायालय ने 15 मई 2026 के अपने आदेश में ईडी को उन्हें हिरासत में लेने का निर्देश दिया था।

मामले की पृष्ठभूमि और आरोप

ईडी ने उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा बीआईआईपीएल, ग्रैंड वेनिस समूह की संस्थाओं, सतींदर सिंह भसीन, क्विंसी भसीन और अन्य के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी), 1860 की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज एकाधिक एफआईआर के आधार पर यह जांच शुरू की थी। आरोप है कि आरोपियों ने रियल एस्टेट परियोजनाओं में व्यावसायिक इकाइयों की समय पर डिलीवरी का वादा कर निवेशकों से करोड़ों रुपये जुटाए, परंतु ये परियोजनाएँ कभी पूरी नहीं हुईं या खरीदारों को सौंपी नहीं गईं।

धन के गबन का खुलासा

ईडी की जांच में सामने आया कि जनता से एकत्र किए गए धन को वादा की गई परियोजनाओं के निर्माण और विकास में लगाने के बजाय समूह कंपनियों और सहयोगी संस्थाओं के जटिल जाल के ज़रिये कथित तौर पर गबन कर लिया गया। यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में रियल एस्टेट धोखाधड़ी के मामलों पर जांच एजेंसियों का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है।

संपत्ति जब्ती

इस मामले में ईडी ने पश्चिमी दिल्ली के राजौरी गार्डन में सतींदर सिंह भसीन के एक आवासीय मकान को अस्थायी रूप से कुर्क कर लिया है। अधिकारियों के अनुसार इस संपत्ति का वर्तमान बाज़ार मूल्य ₹44.06 करोड़ है। गौरतलब है कि पीएमएलए के तहत अस्थायी कुर्की के बाद मामले की सुनवाई विशेष न्यायालय में होती है, जहाँ संपत्ति को स्थायी रूप से जब्त करने या वापस करने का निर्णय लिया जाता है।

आगे की कार्रवाई

ईडी की हिरासत 6 जून 2026 तक है, जिसके बाद न्यायालय आगे की कार्यवाही तय करेगा। जांच एजेंसी के अनुसार मामले में अन्य आरोपियों और संस्थाओं की भूमिका की भी पड़ताल जारी है। निवेशकों को न्याय दिलाने की दिशा में यह गिरफ्तारी एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिन्होंने मध्यम वर्गीय निवेशकों की बचत को कथित तौर पर हड़पा। उल्लेखनीय यह है कि सर्वोच्च न्यायालय को स्वयं हस्तक्षेप कर ईडी को हिरासत का आदेश देना पड़ा — यह दर्शाता है कि जांच प्रक्रिया में पहले कहीं चूक हुई। असली सवाल यह है कि जब्त ₹44 करोड़ की संपत्ति उन हज़ारों निवेशकों को कितनी राहत दे पाएगी, जिनकी पूंजी दशकों से फँसी है। बिना त्वरित पीड़ित-मुआवज़ा तंत्र के, यह गिरफ्तारी न्याय की शुरुआत तो है, पर अंत नहीं।
RashtraPress
15 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सतींदर सिंह भसीन को ईडी ने किस मामले में गिरफ्तार किया?
सतींदर सिंह भसीन को भसीन इन्फोटेक एंड इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड (बीआईआईपीएल) और ग्रैंड वेनिस समूह से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पीएमएलए, 2002 के तहत गिरफ्तार किया गया। आरोप है कि रियल एस्टेट परियोजनाओं में निवेशकों से करोड़ों रुपये जुटाए गए, जो कभी पूरी नहीं हुईं।
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में क्या भूमिका निभाई?
सर्वोच्च न्यायालय ने 15 मई 2026 के अपने आदेश में ईडी को सतींदर सिंह भसीन को हिरासत में लेने का निर्देश दिया, क्योंकि वह ईडी के समनों से बचते रहे थे और जांच में सहयोग नहीं कर रहे थे।
ईडी ने इस मामले में कौन-सी संपत्ति जब्त की है?
ईडी ने पश्चिमी दिल्ली के राजौरी गार्डन में सतींदर सिंह भसीन के एक आवासीय मकान को अस्थायी रूप से कुर्क किया है, जिसका वर्तमान बाज़ार मूल्य ₹44.06 करोड़ बताया गया है।
भसीन कितने समय की ईडी हिरासत में हैं?
गाजियाबाद की विशेष पीएमएलए न्यायालय ने सतींदर सिंह भसीन को 6 जून 2026 तक ईडी की हिरासत में भेजा है। इसके बाद न्यायालय आगे की कार्यवाही का निर्धारण करेगा।
ग्रैंड वेनिस मॉल मामले में निवेशकों के साथ क्या हुआ?
आरोप के अनुसार, ग्रैंड वेनिस समूह ने रियल एस्टेट परियोजनाओं में व्यावसायिक इकाइयों की समय पर डिलीवरी का वादा कर निवेशकों से करोड़ों रुपये एकत्र किए। जांच में सामने आया कि यह धन परियोजना निर्माण में न लगाकर कथित तौर पर समूह कंपनियों के जाल के ज़रिये गबन कर लिया गया।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 महीने पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 6 महीने पहले
  4. 6 महीने पहले
  5. 6 महीने पहले
  6. 6 महीने पहले
  7. 8 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले