ईडी ने ग्रैंड वेनिस मॉल मालिक सतींदर सिंह भसीन को मनी लॉन्ड्रिंग में गिरफ्तार, ₹44 करोड़ की संपत्ति जब्त
सारांश
मुख्य बातें
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के लखनऊ क्षेत्रीय कार्यालय ने 30 मई 2026 को ग्रेटर नोएडा स्थित ग्रैंड वेनिस मॉल के मालिक सतींदर सिंह भसीन को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया। यह गिरफ्तारी भसीन इन्फोटेक एंड इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड (बीआईआईपीएल) से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में हुई है, जिसमें निवेशकों से करोड़ों रुपये की कथित धोखाधड़ी का आरोप है।
न्यायालय हिरासत और सुप्रीम कोर्ट का आदेश
गाजियाबाद स्थित विशेष पीएमएलए न्यायालय ने सतींदर सिंह भसीन को 6 जून 2026 तक ईडी की हिरासत में भेज दिया है। अधिकारियों के अनुसार, भसीन ईडी द्वारा जारी समनों की अनदेखी करते रहे और जांच में सहयोग नहीं कर रहे थे। इसी पृष्ठभूमि में सर्वोच्च न्यायालय ने 15 मई 2026 के अपने आदेश में ईडी को उन्हें हिरासत में लेने का निर्देश दिया था।
मामले की पृष्ठभूमि और आरोप
ईडी ने उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा बीआईआईपीएल, ग्रैंड वेनिस समूह की संस्थाओं, सतींदर सिंह भसीन, क्विंसी भसीन और अन्य के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी), 1860 की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज एकाधिक एफआईआर के आधार पर यह जांच शुरू की थी। आरोप है कि आरोपियों ने रियल एस्टेट परियोजनाओं में व्यावसायिक इकाइयों की समय पर डिलीवरी का वादा कर निवेशकों से करोड़ों रुपये जुटाए, परंतु ये परियोजनाएँ कभी पूरी नहीं हुईं या खरीदारों को सौंपी नहीं गईं।
धन के गबन का खुलासा
ईडी की जांच में सामने आया कि जनता से एकत्र किए गए धन को वादा की गई परियोजनाओं के निर्माण और विकास में लगाने के बजाय समूह कंपनियों और सहयोगी संस्थाओं के जटिल जाल के ज़रिये कथित तौर पर गबन कर लिया गया। यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में रियल एस्टेट धोखाधड़ी के मामलों पर जांच एजेंसियों का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है।
संपत्ति जब्ती
इस मामले में ईडी ने पश्चिमी दिल्ली के राजौरी गार्डन में सतींदर सिंह भसीन के एक आवासीय मकान को अस्थायी रूप से कुर्क कर लिया है। अधिकारियों के अनुसार इस संपत्ति का वर्तमान बाज़ार मूल्य ₹44.06 करोड़ है। गौरतलब है कि पीएमएलए के तहत अस्थायी कुर्की के बाद मामले की सुनवाई विशेष न्यायालय में होती है, जहाँ संपत्ति को स्थायी रूप से जब्त करने या वापस करने का निर्णय लिया जाता है।
आगे की कार्रवाई
ईडी की हिरासत 6 जून 2026 तक है, जिसके बाद न्यायालय आगे की कार्यवाही तय करेगा। जांच एजेंसी के अनुसार मामले में अन्य आरोपियों और संस्थाओं की भूमिका की भी पड़ताल जारी है। निवेशकों को न्याय दिलाने की दिशा में यह गिरफ्तारी एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।