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ईडी ने गोपाल कांडा के गुरुग्राम स्थित 3 ठिकानों पर छापा, ₹248.46 करोड़ मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कार्रवाई

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ईडी ने गोपाल कांडा के गुरुग्राम स्थित 3 ठिकानों पर छापा, ₹248.46 करोड़ मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कार्रवाई

सारांश

ईडी ने हरियाणा के पूर्व मंत्री गोपाल कांडा के गुरुग्राम स्थित घर, फार्महाउस और दफ्तरों पर एक साथ छापे मारे। वाटिका लिमिटेड के रियल एस्टेट फ्रॉड में 661 निवेशकों से ₹248.46 करोड़ जमा कराए गए थे — न कब्जा मिला, न सेल डीड। ईडी का आरोप है कि यह रकम कांडा से जुड़ी कंपनियों में डायवर्ट की गई।

मुख्य बातें

ईडी ने 17 सितंबर 2026 को गुरुग्राम में गोपाल कांडा के 3 ठिकानों पर पीएमएलए की धारा 17 के तहत तलाशी ली।
मामला वाटिका लिमिटेड से जुड़े रियल एस्टेट फ्रॉड का है, जिसमें 4 परियोजनाओं में 661 निवेशकों से ₹248.46 करोड़ जमा कराए गए थे।
निवेशकों को समय पर कब्जा, निश्चित रिटर्न और सेल डीड का वादा किया गया था, जो आज तक पूरा नहीं हुआ।
ईडी का दावा है कि डायवर्ट की गई धनराशि गोपाल कांडा से जुड़ी विभिन्न कंपनियों में स्थानांतरित की गई।
कांडा सिरसा से दो बार विधायक और हरियाणा सरकार में पूर्व राज्य मंत्री रह चुके हैं; जुलाई 2023 में गीतिका शर्मा मामले में न्यायालय ने उन्हें बरी किया था।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 17 सितंबर 2026 को गुरुग्राम में हरियाणा के पूर्व राज्य मंत्री गोपाल कांडा से संबंधित तीन ठिकानों — आवास, फार्महाउस और कार्यालयों — पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई ₹248.46 करोड़ के कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जाँच के तहत की गई, जिसमें वाटिका लिमिटेड द्वारा किए गए बड़े पैमाने के रियल एस्टेट फ्रॉड की जाँच शामिल है।

छापेमारी की कानूनी आधारभूमि

ईडी की गुरुग्राम इकाई ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) की धारा 17 के तहत यह तलाशी अभियान अंजाम दिया। एजेंसी का दावा है कि घर खरीदारों से जमा की गई धनराशि को कथित तौर पर डायवर्ट कर गोपाल कांडा से जुड़ी विभिन्न कंपनियों में स्थानांतरित किया गया था। वित्तीय ट्रेल और संदिग्ध फंड डायवर्जन इस जाँच के केंद्र में हैं।

निवेशकों के साथ कथित धोखाधड़ी का स्वरूप

जाँच के दायरे में आए चार व्यावसायिक परियोजनाओं में 661 निवेशकों से कुल ₹248.46 करोड़ जमा कराए गए थे। निवेशकों को कमर्शियल प्रोजेक्ट्स में समय पर कब्जा, निश्चित रिटर्न, लीज रेंटल और सेल डीड पूरा करने का भरोसा दिया गया था। आरोपों के अनुसार, इनमें से कोई भी वादा आज तक पूरा नहीं हुआ — न कब्जा मिला, न सेल डीड निष्पादित हुई।

गोपाल कांडा: राजनीतिक पृष्ठभूमि

गोपाल कांडा हरियाणा सरकार में शहरी स्थानीय निकाय (स्वतंत्र प्रभार), गृह और उद्योग मामलों के पूर्व राज्य मंत्री रह चुके हैं। उन्होंने हरियाणा लोकहित पार्टी के नाम से अपना राजनीतिक दल भी बनाया और हरियाणा के सिरसा विधानसभा क्षेत्र से दो बार विधायक निर्वाचित हुए। यह ऐसे समय में आया है जब हरियाणा में रियल एस्टेट क्षेत्र की विश्वसनीयता पर लंबे समय से सवाल उठते रहे हैं।

पुराना विवाद और न्यायिक फैसला

गौरतलब है कि कांडा ने 2012 में एयर होस्टेस गीतिका शर्मा को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपों के बाद मंत्री पद से इस्तीफा दिया था। हालाँकि, जुलाई 2023 में न्यायालय ने उन्हें उस मामले के सभी आरोपों से बरी कर दिया था। वर्तमान मामला उस विवाद से अलग, रियल एस्टेट धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग से संबंधित है।

आगे की जाँच की दिशा

ईडी अब तलाशी में मिले दस्तावेज़ों और डिजिटल साक्ष्यों की जाँच करेगी। एजेंसी का ध्यान उन वित्तीय लेन-देन पर है जो निवेशकों की रकम को कांडा से संबद्ध कंपनियों तक ले जाते हैं। इस मामले में आगे गिरफ्तारी या संपत्ति कुर्की की कार्रवाई भी हो सकती है, हालाँकि एजेंसी ने अभी तक इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी नियामकीय तंत्र इतनी देर से क्यों सक्रिय हुआ। पीएमएलए के तहत तलाशी एक प्रारंभिक कदम है — कुर्की और चार्जशीट तक पहुँचने में लंबा वक्त लगता है, जो प्रभावित निवेशकों के लिए वास्तविक राहत को और दूर करता है।
RashtraPress
17 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईडी ने गोपाल कांडा के ठिकानों पर छापा क्यों मारा?
ईडी ने ₹248.46 करोड़ के कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पीएमएलए की धारा 17 के तहत यह तलाशी की। जाँच का केंद्र वाटिका लिमिटेड से जुड़ा रियल एस्टेट फ्रॉड है, जिसमें निवेशकों की रकम को कांडा से संबद्ध कंपनियों में कथित तौर पर डायवर्ट किया गया।
इस मामले में कितने निवेशक प्रभावित हुए हैं?
जाँच के दायरे में आई चार कमर्शियल परियोजनाओं में कुल 661 निवेशकों से ₹248.46 करोड़ जमा कराए गए थे। इन सभी निवेशकों को समय पर कब्जा, निश्चित रिटर्न और सेल डीड का वादा किया गया था, जो आज तक पूरा नहीं हुआ।
गोपाल कांडा कौन हैं और उनकी राजनीतिक पृष्ठभूमि क्या है?
गोपाल कांडा हरियाणा सरकार में शहरी स्थानीय निकाय, गृह और उद्योग मामलों के पूर्व राज्य मंत्री हैं। वे सिरसा विधानसभा क्षेत्र से दो बार विधायक रहे हैं और उन्होंने हरियाणा लोकहित पार्टी की भी स्थापना की थी।
गीतिका शर्मा मामले से इस छापेमारी का क्या संबंध है?
वर्तमान ईडी कार्रवाई गीतिका शर्मा मामले से अलग है। जुलाई 2023 में न्यायालय ने कांडा को उस आत्महत्या उकसावे के मामले में सभी आरोपों से बरी कर दिया था। मौजूदा जाँच विशुद्ध रूप से रियल एस्टेट फ्रॉड और मनी लॉन्ड्रिंग से संबंधित है।
ईडी की इस जाँच में आगे क्या हो सकता है?
तलाशी में जब्त दस्तावेज़ों और डिजिटल साक्ष्यों की जाँच के बाद ईडी संपत्ति कुर्की या गिरफ्तारी की दिशा में कदम उठा सकती है। हालाँकि एजेंसी ने अभी तक इस पर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है।
राष्ट्र प्रेस
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