भोजपुर में अंधविश्वास से उपजे विवाद में 73 वर्षीय की मौत, छोटा भाई फरार
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के भोजपुर जिले के मिथहा गांव में अंधविश्वास से जुड़े पारिवारिक विवाद ने दर्दनाक रूप ले लिया, जब 73 वर्षीय हीरालाल राम की कथित तौर पर उनके छोटे भाई लालबाबू राम द्वारा की गई बेरहम मारपीट के बाद शुक्रवार सुबह घर पर ही मृत्यु हो गई। पुलिस के अनुसार घटना धांगाई थाना क्षेत्र की है और आरोपी लालबाबू राम घटना के बाद से फरार है।
घटनाक्रम: कैसे हुई हिंसा
परिवार के सदस्यों ने बताया कि गुरुवार की रात हीरालाल राम, लालबाबू राम के घर गए, जहाँ दोनों के बीच कहासुनी हुई। देखते ही देखते यह विवाद हिंसक हो गया और लालबाबू ने कथित तौर पर लाठियों और डंडों से हीरालाल पर हमला कर दिया।
हमले में हीरालाल के सिर के पिछले हिस्से पर गहरी चोटें आईं। उन्हें गंभीर अवस्था में घर लाया गया, जहाँ शुक्रवार सुबह चोटों के कारण उनकी मृत्यु हो गई। मृतक हीरालाल राम, स्वर्गीय रबर राम के पुत्र थे।
अंधविश्वास की जड़ें: विवाद का कारण
परिवार के सदस्यों के अनुसार, यह विवाद ढाई साल पुरानी एक घटना की छाया में था। लालबाबू राम का यह कथित विश्वास था कि उनकी बेटी की मृत्यु का संबंध हीरालाल के तांत्रिक अनुष्ठानों से था।
यह ऐसे समय में आया है जब बिहार सहित कई राज्यों में अंधविश्वास से प्रेरित हिंसा की घटनाएँ सामने आती रही हैं। गौरतलब है कि परिवार के भीतर ऐसे विश्वासों के कारण उत्पन्न तनाव अक्सर दीर्घकालिक होते हैं और कभी-कभी घातक रूप ले लेते हैं।
पुलिस की कार्रवाई और जाँच की स्थिति
सूचना मिलते ही धांगाई थाना पुलिस मौके पर पहुँची और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए आरा सदर अस्पताल भेज दिया। पुलिस अधिकारियों ने पुष्टि की कि आरोपी लालबाबू राम घटना के बाद से फरार चल रहा है।
भोजपुर पुलिस ने बताया कि गिरफ्तारी सहित आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए वे मृतक के परिवार से लिखित शिकायत का इंतजार कर रहे हैं। अधिकारियों ने कहा कि शिकायत दर्ज होते ही विधिसम्मत प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
आगे क्या होगा
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मृत्यु के सटीक कारण की पुष्टि होने की उम्मीद है, जो मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की दिशा तय करेगी। फिलहाल पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी है।