क्या झारखंड के खूंटी में जादू-टोना के अंधविश्वास में 7 वर्षीय बच्चे की हत्या हुई?
सारांश
Key Takeaways
- जादू-टोना के अंधविश्वास से जुड़ी यह घटना गंभीरता को दर्शाती है।
- पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया।
- मृत बच्चे की पहचान विष्णु मुंडा के रूप में हुई है।
- इस घटना ने समाज में जागरूकता फैलाने की आवश्यकता को इंगित किया है।
खूंटी, 25 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। झारखंड के खूंटी जिले के मारंगहादा थाना क्षेत्र के सलगाजोला गांव में जादू-टोना के अंधविश्वास के कारण एक सात वर्षीय बच्चे की बेरहमी से हत्या कर दी गई। मृतक बच्चे का नाम विष्णु मुंडा था, जो गांव के निवासी लक्ष्मण मुंडा का पुत्र था। उसका शव गांव के निकट के जंगल से बरामद किया गया। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए रविवार को दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
पुलिस के अनुसार, लगभग दो-तीन महीने पहले लांदूप गांव के भीमाटोली निवासी रघु मुंडा के पोते की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हो गई थी। इसके पश्चात, रघु मुंडा ने सलगाजोला गांव के लक्ष्मण मुंडा की पत्नी पर डायन होने का आरोप लगाया और उसे अपने पोते की मृत्यु के लिए जिम्मेदार ठहराया। उसने लक्ष्मण मुंडा के घर जाकर कथित रूप से धमकी दी कि वह उसके बेटे की भी हत्या करवा देगा। इसके बाद 22 जनवरी को लक्ष्मण मुंडा का बेटा विष्णु अचानक लापता हो गया।
विष्णु की तलाश शुरू हुई तो शाम को जानकारी मिली कि गांव के निकट के जंगल में एक बच्चे का शव पड़ा है। परिजन तुरन्त जंगल पहुंचे, जहां एक झाड़ी के पास उसका शव खून से सना पाया गया। बाद में पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को बरामद किया। मृतक के पिता लक्ष्मण मुंडा ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि घटना के दिन उनका बेटा विष्णु घर के बाहर खेत में खेल रहा था।
इसी दौरान जगन्नाथ मुंडा उर्फ जगर मुंडा नामक व्यक्ति ने उसे बहलाकर अपने साथ लोदोलता जंगल ले गया, जहां उसकी बेरहमी से हत्या कर दी गई। पुलिस ने जांच के दौरान हत्या में प्रयुक्त कुदाल, घटनास्थल से खून लगी मिट्टी और मृत बच्चे की चप्पल बरामद की है।
पुलिस ने इस मामले में आरोपी जगन्नाथ मुंडा उर्फ जगर मुंडा और रघु मुंडा को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों ने पूछताछ के दौरान अपने अपराध में संलिप्तता स्वीकार की है।