फडणवीस ने वर्धा में एआईएचईआर दीक्षांत समारोह में कहा, उच्च शिक्षा को नवाचार का असली केंद्र बनना होगा
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 17 अक्टूबर 2026 को वर्धा के सावंगी (मेघे) स्थित अदाणी इंस्टीट्यूट ऑफ हायर एजुकेशन एंड रिसर्च (एआईएचईआर) के 17वें दीक्षांत समारोह में उच्च शिक्षा की परिवर्तनकारी भूमिका पर जोरदार संबोधन दिया। उन्होंने कहा कि देश के विश्वविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों को तब तक नवाचार को आत्मसात करते रहना होगा, जब तक वे अत्याधुनिक अनुसंधान के सच्चे केंद्र न बन जाएँ।
नवाचार और प्रौद्योगिकी पर ज़ोर
मुख्यमंत्री फडणवीस ने प्रतिष्ठित शिक्षाविदों, संस्थान के नेतृत्व और स्नातक छात्रों की उपस्थिति में बहुविषयक शिक्षा, रणनीतिक नवाचार और लक्षित चिकित्सा अनुसंधान के माध्यम से महाराष्ट्र की ज्ञान अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने की परिकल्पना सामने रखी। उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), सेमीकंडक्टर और क्वांटम कंप्यूटिंग को आधुनिक जीवन के हर क्षेत्र को नया आकार देने वाले प्रमुख उत्प्रेरक बताया।
उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि वैश्विक तकनीकी प्रगति के साथ कदम मिलाने के लिए उच्च शिक्षा संस्थानों का निरंतर विकास अनिवार्य है। फडणवीस ने शैक्षिक बुनियादी ढाँचे को मज़बूत करने के लिए सार्वजनिक-निजी भागीदारी का स्पष्ट आह्वान किया।
स्वास्थ्य अनुसंधान की ज़रूरत
स्वास्थ्य सेवा पर विशेष ध्यान देते हुए फडणवीस ने गैर-संक्रामक रोगों के वैश्विक प्रसार से निपटने के लिए चिकित्सा अनुसंधान और नवाचार की तत्काल आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कैंसर और मधुमेह के बढ़ते मामलों को एक बड़ी सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती बताया और इन बीमारियों पर लक्षित शोध के लिए सशक्त तर्क प्रस्तुत किए।
मुख्यमंत्री ने मेडिकल स्नातकों को याद दिलाया कि रोगी देखभाल में तकनीकी दक्षता के साथ-साथ सहानुभूति और मानवीय करुणा का होना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने उन्नत चिकित्सा प्रौद्योगिकियों के एकीकरण और देखभाल में मानवीय मूल्यों को बनाए रखने पर जोर दिया।
महिला उत्कृष्टता का उल्लेखनीय प्रदर्शन
इस दीक्षांत समारोह में एक महत्वपूर्ण तथ्य उभरा — पदक विजेताओं में लगभग 80 प्रतिशत महिला छात्राएँ थीं। मुख्यमंत्री फडणवीस ने इस उपलब्धि को उल्लेखनीय बताते हुए कहा कि महिलाओं का नेतृत्व और उत्कृष्टता देश के विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को साकार करने में आधारशिला साबित होगी। यह ऐसे समय में आया है जब उच्च शिक्षा में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर राष्ट्रीय नीति-विमर्श तेज़ हो रहा है।
मानद उपाधि और संस्थान की सराहना
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को उनकी सार्वजनिक सेवा और शासन के सम्मान में मानद डॉक्टर ऑफ लेटर्स (D.Litt.) की उपाधि से औपचारिक रूप से सम्मानित किया गया। फडणवीस ने ग्रामीण विदर्भ से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक उच्च गुणवत्ता की शिक्षा, चिकित्सा अनुसंधान और व्यावसायिक अवसर प्रदान करने की एआईएचईआर की विरासत की सराहना की। गौरतलब है कि सावंगी (मेघे) स्थित यह संस्थान ग्रामीण महाराष्ट्र में उच्च शिक्षा की पहुँच बढ़ाने के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है।
आने वाले वर्षों में एआईएचईआर की AI-केंद्रित पाठ्यक्रम पहल और चिकित्सा अनुसंधान कार्यक्रम यह तय करेंगे कि मुख्यमंत्री की नवाचार-केंद्रित शिक्षा की परिकल्पना ज़मीन पर कितना असर दिखाती है।