फरीदा जलाल और राजेश खन्ना: पर्दे पर रोमांस, सेट पर तनाव
सारांश
Key Takeaways
- फरीदा जलाल और राजेश खन्ना का करियर एक साथ शुरू हुआ।
- दोनों ने फिल्मफेयर के टैलेंट हंट में भाग लिया था।
- पर्दे पर उनका रोमांस मशहूर हुआ, लेकिन सेट पर तनावपूर्ण माहौल था।
- फिल्म 'आराधना' ने उनके करियर को नया मोड़ दिया।
- दोनों की दोस्ती फिल्म की सफलता के बाद बनी।
मुंबई, 13 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। हिंदी सिनेमा में कदम रखने से पहले हर व्यक्ति का सपना होता है कि वह पर्दे पर मुख्य अभिनेत्री के रूप में उभरे और बड़े सुपरस्टार के साथ काम करे, लेकिन हमेशा ऐसा नहीं होता।
किसी के भाग्य का रास्ता क्या होगा, यह कहना मुश्किल है और ऐसा ही कुछ हुआ 60 के दशक से लेकर आज तक हिंदी सिनेमा में अपनी प्यारी मुस्कान से राज करने वाली फरीदा जलाल के साथ। उन्होंने राजेश खन्ना के साथ अपने करियर की शुरुआत की, लेकिन वह वह पहचान नहीं बना पाईं, जो एक मुख्य अभिनेत्री को मिलती है।
14 मार्च
राजेश खन्ना को 'खत' फिल्म मिली और फरीदा जलाल को 'तकदीर'। दोनों ने अलग-अलग फिल्मों से अपने करियर की शुरुआत की, लेकिन डायमंड जुबली फिल्म 'आराधना' में राजेश खन्ना और फरीदा जलाल के रोमांस ने पर्दे पर एक नया आयाम गढ़ा। फिल्म का गाना 'बागों में बहार है' आइकॉनिक गानों में से एक है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि पर्दे पर रोमांस करने वाले अरुण और रेनू सेट पर एक-दूसरे से बात भी नहीं करते थे?
फरीदा जलाल ने एक इंटरव्यू में बताया कि उस समय राजेश खन्ना की सफलता का नशा था और वह किसी नए कलाकार के साथ काम करने को तैयार नहीं थे। वह सेट पर संवाद में गलतियों के लिए फरीदा को डांटते थे। उन्होंने कहा कि राजेश खन्ना के साथ काम करना आसान नहीं था, लेकिन फिल्म की रिलीज और इसकी सफलता के बाद उनकी बातचीत हुई और देखते ही देखते कड़वाहट दोस्ती में बदल गई।
आलम यह था कि राजेश खन्ना फरीदा जलाल को छोटी कहकर बुलाने लगे। दोनों ने 1969 में आई 'भोला-भाला' और 'तलाश' में भी काम किया। उनका रिश्ता इतना गहरा हो गया कि वह सेट पर उन्हें परेशान करने लगीं। अभिनेता को सफेद कुर्ता-पजामा पहनने का बहुत शौक था और वह नहीं चाहते थे कि उनके कपड़ों पर दाग या सिलवट पड़ें, इसलिए वह किसी को अपने पास भटकने नहीं देते थे। हालांकि, फरीदा जलाल उनके बालों के हेयरस्टाइल को खराब कर देती थीं और वह कुछ नहीं कह पाते थे।