सागर अदाणी: विद्युतीकरण की रफ्तार बढ़ाना ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक विकास के लिए अनिवार्य
सारांश
मुख्य बातें
अदाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (AGEL) के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर सागर अदाणी ने 27 जून 2026 को लंदन में आयोजित पहले अदाणी ग्रीन एनर्जी डायलॉग में स्पष्ट रूप से कहा कि तेज़ विद्युतीकरण (इलेक्ट्रिफिकेशन) अब किसी देश के लिए विकल्प नहीं, बल्कि अनिवार्यता बन चुका है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि ऊर्जा भंडारण तकनीकों के साथ जुड़ी नवीकरणीय ऊर्जा ही भविष्य में चौबीसों घंटे भरोसेमंद और किफायती स्वच्छ बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित करने की सबसे प्रभावी कुंजी है।
संवाद का मंच और संदर्भ
यह कार्यक्रम लंदन क्लाइमेट एक्शन वीक के दौरान लंदन के साइंस म्यूजियम में AGEL और एनर्जी ट्रांजिशन्स कमीशन (ETC) की संयुक्त साझेदारी में आयोजित किया गया। इसमें नीति निर्माता, निवेशक, उद्योग जगत के प्रतिनिधि और जलवायु विशेषज्ञ एक साथ आए — और स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन को तेज़ करने के लिए आवश्यक नीतियों, निवेश एवं बुनियादी ढाँचे पर गहन चर्चा हुई। लंदन क्लाइमेट एक्शन वीक दुनिया के सबसे बड़े स्वतंत्र जलवायु आयोजनों में गिना जाता है।
सागर अदाणी का मुख्य संदेश
सागर अदाणी ने कहा, 'विद्युतीकरण ऊर्जा सुरक्षा, किफायतीपन और स्थिरता — इन तीनों चुनौतियों का एकसाथ समाधान करने का सबसे प्रभावी तरीका बनकर उभर रहा है। जो देश मजबूत आर्थिक विकास और ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता चाहते हैं, उनके लिए तेज़ी से विद्युतीकरण अब विकल्प नहीं, बल्कि आवश्यकता बन चुका है।'
उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि नवीकरणीय ऊर्जा की वास्तविक क्षमता तब सामने आती है जब उसे बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) और पंप्ड स्टोरेज प्रोजेक्ट (PSP) जैसी ऊर्जा भंडारण तकनीकों के साथ एकीकृत किया जाए। सागर अदाणी ने कहा, 'AGEL इसी दिशा में काम कर रही है और 2030 तक 50 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता हासिल करने के लक्ष्य पर अग्रसर है। गुजरात के खावड़ा में दुनिया का सबसे बड़ा नवीकरणीय ऊर्जा संयंत्र विकसित किया जा रहा है, जहाँ बड़े पैमाने पर ऊर्जा भंडारण के साथ स्वच्छ ऊर्जा को जोड़ा जा रहा है।'
वैश्विक विशेषज्ञों की राय
एनर्जी ट्रांजिशन्स कमीशन के सह-अध्यक्ष लॉर्ड अडेयर टर्नर ने कहा कि शून्य-उत्सर्जन अर्थव्यवस्था बनाने और ग्लोबल वार्मिंग को नियंत्रित रखने के लिए स्वच्छ विद्युतीकरण सबसे महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा, 'सड़क परिवहन, भवनों की हीटिंग और कम तापमान वाली औद्योगिक प्रक्रियाओं में विद्युतीकरण पहले से ही आर्थिक रूप से लाभदायक साबित हो रहा है। नई तकनीकों की बदौलत अब भारी उद्योगों में भी उच्च तापमान वाली प्रक्रियाओं का विद्युतीकरण संभव होता जा रहा है।'
एम्बिशन लूप के सह-संस्थापक और यूके क्लाइमेट चेंज कमेटी के अध्यक्ष नाइजेल टॉपिंग ने कहा कि बिजली उत्पादन को कार्बन मुक्त बनाने में निवेश बढ़ रहा है, लेकिन वास्तविक आर्थिक और पर्यावरणीय लाभ तब मिलेगा जब अर्थव्यवस्था के वे क्षेत्र भी विद्युतीकृत होंगे जो अभी जीवाश्म ईंधन पर निर्भर हैं। उन्होंने कहा, 'तकनीक की घटती लागत और आधुनिक बिजली ग्रिड में लचीलेपन (फ्लेक्सिबिलिटी) की स्पष्ट समझ बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित करने के लिए बेहद जरूरी है।'
अदाणी समूह की व्यापक प्रतिबद्धता
अदाणी समूह ने ऊर्जा परिवर्तन और संबंधित बुनियादी ढाँचे के विकास के लिए 100 अरब डॉलर से अधिक निवेश का संकल्प लिया है, जो इस क्षेत्र में दुनिया के सबसे बड़े निजी निवेशों में से एक माना जा रहा है। समूह बिजली ट्रांसमिशन, ऊर्जा भंडारण, ग्रीन हाइड्रोजन, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और नई औद्योगिक तकनीकों में भी निरंतर निवेश कर रहा है।
इस सप्ताह की शुरुआत में आयोजित अदाणी समूह की वार्षिक आम बैठक (AGM) में चेयरमैन गौतम अदाणी ने भारत की बढ़ती ऊर्जा ज़रूरतों को पूरा करने के लिए नवीकरणीय ऊर्जा, ग्रीन हाइड्रोजन, ऊर्जा भंडारण, ट्रांसमिशन, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और परमाणु ऊर्जा पर आधारित विविध ऊर्जा पोर्टफोलियो बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने 10 गीगावाट तक परमाणु ऊर्जा क्षमता विकसित करने की योजना की भी घोषणा की, और कहा कि परमाणु ऊर्जा, नवीकरणीय ऊर्जा और ऊर्जा भंडारण मिलकर बड़े पैमाने पर भरोसेमंद, किफायती और कम-कार्बन बिजली उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगे।
आगे की राह
यह संवाद ऐसे समय में आया है जब भारत समेत दुनिया के कई देश ऊर्जा सुरक्षा और जलवायु लक्ष्यों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश में हैं। खावड़ा जैसी परियोजनाएँ और समूह की विविध ऊर्जा रणनीति यह संकेत देती हैं कि भारत का निजी क्षेत्र वैश्विक ऊर्जा परिवर्तन में अग्रणी भूमिका निभाने की तैयारी में है।