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क्या फौजा सिंह को टक्कर मारने वाली फॉर्च्यूनर की पहचान हो गई?

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क्या फौजा सिंह को टक्कर मारने वाली फॉर्च्यूनर की पहचान हो गई?

सारांश

फौजा सिंह के निधन के बाद उनकी कुशलता और जीवन की कहानी को जानने की जिज्ञासा बनी हुई है। पुलिस ने उनकी टक्कर मारने वाली फॉर्च्यूनर की पहचान कर ली है। क्या पुलिस जल्द ही आरोपी को पकड़ पाएगी? जानिए पूरी जानकारी इस रिपोर्ट में।

मुख्य बातें

फौजा सिंह का अचानक निधन समाज के लिए एक बड़ा नुकसान है।
पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच शुरू की है।
फौजा सिंह ने अपने जीवन में ब्रांडेड कपड़े पहनने का शौक रखा।
पुलिस जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर सकती है।
समाज के लिए फौजा सिंह एक प्रेरणा थे।

जालंधर, 15 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। प्रसिद्ध एथलीट फौजा सिंह का सोमवार को 114 वर्ष की आयु में एक सड़क दुर्घटना में निधन हो गया। जालंधर-पठानकोट नेशनल हाईवे पर टहलते समय एक सफेद रंग की अज्ञात कार ने उन्हें टक्कर मारी। इस दुर्घटना के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।

फौजा सिंह की सड़क दुर्घटना से संबंधित सीसीटीवी फुटेज पुलिस को प्राप्त हुई है, जिसमें स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि वह गांव से अकेले ही नेशनल हाईवे की ओर टहलने जा रहे थे, तभी एक तेज रफ्तार कार ने उन्हें टक्कर मारी। इसके बाद कार चालक मौके से फरार हो गया।

सीसीटीवी फुटेज में फौजा सिंह को टक्कर मारने वाली फॉर्च्यूनर की पहचान हो गई है। पुलिस को सीसीटीवी फुटेज और गाड़ी की हेडलाइट के टुकड़ों से महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। इसके आधार पर पुलिस ने जांच आरंभ कर दी है। पुलिस फॉर्च्यूनर चालक की तलाश में एक विशेष टीम का गठन कर चुकी है।

सीसीटीवी फुटेज पर फौजा सिंह के छोटे बेटे हरविंदर सिंह ने कहा कि अभी एक सीसीटीवी फुटेज सामने आई है, जिसमें बापू अकेले सैर करते हुए दिखाई दे रहे हैं। मुझे उम्मीद है कि जल्द ही पुलिस इस मामले का खुलासा करेगी। पुलिस सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है।

उन्होंने कहा कि हमारे बापू कपड़े पहनने के मामले में विशेष ध्यान रखते थे। वह हमेशा ब्रांडेड कपड़े और जूते पहनते थे। जब वह कहते थे कि यह जूते इतने पाउंड के हैं, तो हम उसे भारतीय मुद्रा के अनुसार जोड़ते थे।

हरविंदर सिंह ने बताया कि उनके पिता के निधन पर स्मारक बनाने के संबंध में गांव वालों के साथ विचार-विमर्श करेंगे और इसे प्रशासन के सामने रखेंगे। उनके पिता की अंतिम इच्छा थी कि वह अपनी जिंदगी के आखिरी पल अपने गांव में बिताएं।

वहीं, एसएसपी हरविंदर सिंह विर्क ने जानकारी दी कि आदमपुर थाने के अंतर्गत ब्यास गांव के निवासी फौजा सिंह 14 जुलाई को सैर करने निकले थे। इसी दौरान जालंधर-पठानकोट नेशनल हाईवे पर कार ने उन्हें टक्कर मार दी और वह घायल हो गए। उन्हें नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।

उन्होंने आगे बताया कि इस मामले में मृतक फौजा सिंह के बेटे के बयानों पर मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस की अलग-अलग टीमों द्वारा मामले की जांच की जा रही है। मौके पर गाड़ी के बंपर टूटने के कुछ पार्ट पुलिस को मिले हैं। जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

हमें यह समझना होगा कि इस मामले का सामाजिक और कानूनी पहलू कितना महत्वपूर्ण है। फौजा सिंह जैसे व्यक्ति का अचानक निधन समाज के लिए एक बड़ा नुकसान है। पुलिस की कार्रवाई और न्याय की प्रक्रिया पर नजर रखना आवश्यक है।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

फौजा सिंह का निधन कैसे हुआ?
फौजा सिंह का निधन एक सड़क दुर्घटना में हुआ जब उन्हें एक तेज रफ्तार कार ने टक्कर मारी।
पुलिस ने क्या कदम उठाए हैं?
पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच शुरू कर दी है और फॉर्च्यूनर चालक की तलाश कर रही है।
फौजा सिंह का जीवन कैसा था?
फौजा सिंह ने 114 वर्ष की आयु में भी जीवन को पूरी तरह से जिया और वे समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत थे।
राष्ट्र प्रेस
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