क्या एक करोड़ रुपए से पसीना वाले हनुमान मंदिर का कायाकल्प होगा, फिरोजाबाद बनेगा प्रमुख धार्मिक पर्यटन केंद्र?

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क्या एक करोड़ रुपए से पसीना वाले हनुमान मंदिर का कायाकल्प होगा, फिरोजाबाद बनेगा प्रमुख धार्मिक पर्यटन केंद्र?

सारांश

उत्तर प्रदेश सरकार ने फिरोजाबाद के पसीना वाले हनुमान मंदिर के पर्यटन विकास के लिए एक करोड़ रुपए खर्च करने का निर्णय लिया है। यह मंदिर, जो लगभग 2000 वर्ष पुराना है, श्रद्धालुओं के लिए एक अद्वितीय अनुभव प्रदान करेगा।

Key Takeaways

  • फिरोजाबाद में पसीना वाले हनुमान मंदिर का विकास किया जाएगा।
  • परियोजना की लागत एक करोड़ रुपए है।
  • यह मंदिर लगभग 2000 वर्ष पुराना है।
  • धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
  • स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

लखनऊ, 14 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश सरकार ने फिरोजाबाद जिले के प्रसिद्ध और बहुचर्चित पसीना वाले हनुमान मंदिर के समग्र पर्यटन विकास का निर्णय लिया है। इस ऐतिहासिक और आस्था के केंद्र का लगभग 2000 वर्ष पुराना होने का अनुमान है, और इसका सौंदर्यीकरण एक करोड़ रुपए की लागत से किया जाएगा।

पर्यटन विभाग द्वारा तैयार की गई कार्ययोजना को शासन स्तर पर अनुमोदन मिल चुका है। प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि यह परियोजना फिरोजाबाद को धार्मिक पर्यटन के मानचित्र पर मजबूती से स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यमुना नदी के किनारे, जिला मुख्यालय से कुछ किलोमीटर की दूरी पर स्थित पसीना वाले हनुमान मंदिर का विकास श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए किया जाएगा।

इस परियोजना के अंतर्गत मंदिर परिसर का व्यापक सौंदर्यीकरण, आधुनिक प्रकाश व्यवस्था, पर्यटक सूचना केंद्र की स्थापना, स्वच्छ शौचालय, पेयजल सुविधा तथा श्रद्धालुओं के लिए विश्राम स्थलों का निर्माण प्रस्तावित है। इन सुविधाओं के विकसित होने से न केवल दर्शनार्थियों को बेहतर अनुभव मिलेगा, बल्कि क्षेत्रीय पर्यटन को भी नई गति मिलेगी। पसीना वाले हनुमान मंदिर को लेकर मान्यता है कि यहां आस्था तर्क से आगे निकल जाती है।

मंदिर में स्थापित हनुमान जी की प्रतिमा से वर्ष भर पसीना निकलता रहता है। यहां तक कि सर्दियों में भी प्रतिमा पर पसीने की बूंदें दिखाई देती हैं, जिसे श्रद्धालु चमत्कारी मानते हैं। इसी विशिष्टता के कारण देश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं।

पर्यटन मंत्री ने बताया कि पर्यटन की दृष्टि से फिरोजाबाद एक महत्वपूर्ण जनपद के रूप में तेजी से उभर रहा है। लखनऊ और आगरा जैसे प्रमुख पर्यटन मार्गों से जुड़े होने के कारण यहां पर्यटकों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। वर्ष 2023 में जहां 4.44 लाख से अधिक पर्यटक जिले में पहुंचे, वहीं 2024 में यह संख्या बढ़कर 6.48 लाख के पार पहुंच गई। वर्ष 2025 के जनवरी से जून के बीच ही 4.06 लाख से अधिक पर्यटकों ने फिरोजाबाद का भ्रमण किया है। विभाग का अनुमान है कि 2025 के अंत तक यह आंकड़ा 7 लाख से अधिक हो सकता है।

उन्होंने कहा कि बढ़ते पर्यटक आगमन से स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है और रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं। फिरोजाबाद अब केवल कांच नगरी के रूप में ही नहीं, बल्कि आस्था, ऐतिहासिक विरासत और ईको-टूरिज्म के संगम वाले जिले के रूप में अपनी अलग पहचान बना रहा है। जिले में जैन मंदिर, वैष्णो देवी मंदिर और माता टीला मंदिर जैसे प्रमुख धार्मिक स्थल, कोटला का किला, चंदवार गेट और फिरोज शाह का मकबरा जैसी ऐतिहासिक धरोहरें पर्यटकों को आकर्षित कर रही हैं।

वहीं ईको टूरिज्म विकास बोर्ड द्वारा विकसित रपड़ी ईको स्पॉट और रूरिया स्वरूपपुर क्षेत्र प्रकृति प्रेमियों के बीच खासा लोकप्रिय हो रहे हैं। इन सभी प्रयासों से फिरोजाबाद का पर्यटन मानचित्र पर कद लगातार मजबूत हो रहा है।

Point of View

जिससे न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। यह परियोजना प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर को संजोते हुए पर्यटन को नए आयाम प्रदान करेगी।
NationPress
14/01/2026

Frequently Asked Questions

पसीना वाले हनुमान मंदिर की विशेषता क्या है?
इस मंदिर में स्थापित हनुमान जी की प्रतिमा से वर्ष भर पसीना निकलता है, जिसे श्रद्धालु चमत्कारी मानते हैं।
फिरोजाबाद में पर्यटन विकास का क्या उद्देश्य है?
इसका उद्देश्य फिरोजाबाद को धार्मिक पर्यटन के मानचित्र पर स्थापित करना और स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाना है।
यह परियोजना कब शुरू होगी?
परियोजना की कार्ययोजना शासन स्तर पर अनुमोदित हो चुकी है, और इसे जल्द ही लागू किया जाएगा।
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