बेंगलुरु: फोर्टिस अस्पताल ने मृत मरीज की ₹1.80 लाख की राडो घड़ी गायब होने के आरोपों से किया इनकार
सारांश
मुख्य बातें
फोर्टिस अस्पताल, नगरभावी (बेंगलुरु) ने शुक्रवार, 22 मई 2026 को एक आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी कर उन आरोपों को खारिज किया, जिनमें कहा गया था कि सामाजिक कार्यकर्ता के. रामैया के इलाज के दौरान उनकी ₹1.80 लाख की राडो घड़ी और एक आधी आस्तीन का स्वेटर कथित तौर पर गायब हो गए। यह बयान तब आया जब रामैया की बेटी अनीता रामैया ने एक भावुक वीडियो जारी कर घड़ी वापस लौटाने की अपील की और पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर ली।
मामले की पृष्ठभूमि
अनीता रामैया के अनुसार, उनके पिता के. रामैया 15 जनवरी 2026 को अचानक बेहोश हो गए थे। पहले उन्हें एक अन्य निजी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ कथित तौर पर प्राथमिक उपचार देने से इनकार किया गया, जिसके बाद उन्हें फोर्टिस अस्पताल, नगरभावी लाया गया। अनीता का कहना है कि उस समय उनके पिता के पास राडो घड़ी और एक आधी आस्तीन का स्वेटर था, लेकिन उनकी मृत्यु के बाद शव सौंपे जाने पर ये दोनों चीजें नदारद थीं।
अस्पताल का स्पष्टीकरण
अस्पताल प्रशासन ने दिवंगत के. रामैया के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि उसने मामले की आंतरिक जांच की है और उपलब्ध सभी जानकारी परिवार तथा पुलिस के साथ साझा की है। अस्पताल ने बताया कि 15 जनवरी 2026 को शव सौंपे जाने के समय परिवार की ओर से किसी भी कीमती सामान के गायब होने की कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई थी।
अस्पताल ने कहा, 'घड़ी और स्वेटर के गायब होने की औपचारिक शिकायत दो महीने से अधिक बाद, 24 अप्रैल 2026 को दी गई, जबकि अस्पताल की 30 दिन की सीसीटीवी डेटा रिटेंशन नीति के कारण उस समय तक संबंधित रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं था।' अस्पताल ने यह भी स्पष्ट किया कि रामैया पहले किसी अन्य स्वास्थ्य संस्थान में गए थे और उसके बाद उन्हें नगरभावी लाया गया था।
परिवार की पीड़ा
अनीता रामैया ने वीडियो में कहा, 'मुझे बस अपने पिता की घड़ी वापस चाहिए। यह कीमत की बात नहीं है, यह यादों की बात है। मैं अभी भी अपने पिता की मौत के सदमे से उबर नहीं पाई हूँ।' उन्होंने आरोप लगाया कि उन्होंने कई बार अस्पताल और पुलिस से सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध कराने और जांच में तेजी लाने की माँग की, परंतु संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
पुलिस जांच
गोविंदराजनगर पुलिस ने अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 303(2) के तहत एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने पुष्टि की है कि मामले की आगे जांच जारी है।
अस्पताल की चेतावनी और आगे की स्थिति
फोर्टिस अस्पताल ने कहा कि मामला फिलहाल पुलिस जांच के अधीन है और वह पूरी तरह सहयोग कर रहा है। अस्पताल ने 'अनुमानित और बिना पुष्टि वाले आरोपों' से बचने की अपील करते हुए चेतावनी दी कि ऐसे दावे मानहानि की श्रेणी में आ सकते हैं। पुलिस जांच के नतीजे ही यह तय करेंगे कि घड़ी और स्वेटर कहाँ गए और इसकी ज़िम्मेदारी किस पर है।