बेंगलुरु: फोर्टिस अस्पताल में पिता की ₹1.80 लाख की राडो घड़ी गायब, बेटी ने दर्ज कराई FIR
सारांश
मुख्य बातें
बेंगलुरु की अनीता रमैया ने आरोप लगाया है कि उनके दिवंगत पिता के. रमैया की ₹1.80 लाख मूल्य की राडो कलाई घड़ी और एक हाफ-स्लीव स्वेटर फोर्टिस अस्पताल, बेंगलुरु परिसर से चोरी हो गए। गोविंदराजनगर पुलिस स्टेशन में इस संबंध में एफआईआर दर्ज कर ली गई है और जाँच जारी है। अनीता ने कहा है कि यह घड़ी उनके पिता की आखिरी यादों में से एक है और इसकी कीमत नहीं, बल्कि भावनात्मक महत्व उनके लिए सर्वोपरि है।
घटनाक्रम: कैसे हुई घड़ी गायब
बसवेश्वरनगर निवासी अनीता रमैया की शिकायत के अनुसार, उनके पिता के. रमैया — जो एक समाज सेवक थे — 15 जनवरी को अचानक गंभीर रूप से बीमार पड़ गए। उस समय उन्होंने ₹1.80 लाख की राडो घड़ी और हाफ-स्लीव स्वेटर पहना हुआ था।
अनीता ने बताया कि एक निजी अस्पताल द्वारा कथित तौर पर प्राथमिक उपचार देने से इनकार किए जाने के बाद परिवार उन्हें कार से एक अन्य प्रतिष्ठित निजी अस्पताल ले गया। यात्रा के दौरान के. रमैया पिछली सीट पर अनीता की गोद में लेटे हुए थे।
अस्पताल पहुँचने पर दो सहायकों ने उन्हें कार से निकाला और अंदर ले गए। अनीता के अनुसार, लगभग 30 मिनट बाद डॉक्टरों ने उनके पिता को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिवार को पता चला कि राडो घड़ी और स्वेटर दोनों गायब हो चुके हैं।
अस्पताल और पुलिस की प्रतिक्रिया
अनीता ने आरोप लगाया कि 15 मार्च को उन्हें एक संदेश मिला जिसमें बताया गया कि उनकी शिकायत बंद कर दी गई है। इसके बाद उन्होंने फोर्टिस अस्पताल के अधिकारियों से आंतरिक जाँच और सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध कराने की माँग की।
उनके अनुसार, अस्पताल ने दो दिन बाद एक शोक संदेश भेजा जिसमें कहा गया कि लापता वस्तुएँ नहीं मिलीं। जब वे दोबारा गोविंदराजनगर पुलिस स्टेशन पहुँचीं, तो पुलिस इंस्पेक्टर ने स्टाफ को अस्पताल को नोटिस जारी करने का निर्देश दिया।
परिवार ने यह भी आरोप लगाया है कि पुलिस से पहले संपर्क करने के बावजूद एफआईआर दर्ज करने में देरी हुई। सूत्रों के अनुसार, एफआईआर औपचारिक रूप से हाल ही में दर्ज की गई है और अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध नहीं
अनीता ने बताया कि घटना के लगभग दो सप्ताह बाद फोर्टिस अस्पताल के अधिकारियों ने उन्हें सूचित किया कि उस घटना से संबंधित सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध नहीं है। यह जानकारी जाँच के लिए एक बड़ी बाधा बन सकती है।
बेटी की भावुक अपील
अनीता ने शुक्रवार को एक वीडियो बयान जारी किया जिसमें उन्होंने कहा, 'मुझे बस उम्मीद है कि मुझे मेरे पिताजी की घड़ी वापस मिल जाए। यह कीमत की बात नहीं है, यह यादों की बात है। मैं अभी अपने पिताजी की मौत के सदमे से उबर नहीं पा रही हूँ।'
उन्होंने स्पष्ट किया कि ₹1.80 लाख की घड़ी उनके लिए केवल एक वस्तु नहीं, बल्कि उनके पिता की आखिरी स्मृति का प्रतीक है।
आगे की जाँच
पुलिस फिलहाल इस मामले की जाँच कर रही है और फोर्टिस अस्पताल के अधिकारियों से पूछताछ की जा रही है। यह मामला अस्पतालों में मरीज़ों की व्यक्तिगत संपत्ति की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है — विशेषकर ऐसी परिस्थितियों में जब परिवार भावनात्मक संकट में होता है।