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देवास में वन कर्मियों पर हमला: चार घंटे में चार आरोपी गिरफ्तार, जांच जारी

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देवास में वन कर्मियों पर हमला: चार घंटे में चार आरोपी गिरफ्तार, जांच जारी

सारांश

मध्य प्रदेश के देवास में अतिक्रमण हटाने गए वन कर्मियों पर ग्रामीणों ने लाठी-पत्थरों से हमला कर दिया — पाँच घायल, सरकारी वाहन क्षतिग्रस्त। पुलिस ने चार घंटे में चार आरोपी दबोचे, अन्य की तलाश जारी।

मुख्य बातें

13 जून 2026 को देवास के भील अमला गाँव में वन भूमि अतिक्रमण हटाने के दौरान वन कर्मियों पर हमला हुआ।
कथित तौर पर 20-25 ग्रामीणों के समूह ने लाठी, डंडे और पत्थरों से हमला किया; पाँच वन कर्मचारी घायल ।
सरकारी वाहनों और जेसीबी मशीन में तोड़फोड़ कर सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुँचाया गया।
पुलिस ने चार घंटे के भीतर शिवम डाबर, विशाल बुंदेला, मनसाराम और धन्नालाल बामनिया को गिरफ्तार किया।
भारतीय न्याय संहिता और सार्वजनिक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज; और गिरफ्तारियाँ संभव।

मध्य प्रदेश के देवास जिले में 13 जून 2026 को वन भूमि से अतिक्रमण हटाने पहुंचे वन विभाग के कर्मियों पर ग्रामीणों के एक समूह ने कथित तौर पर हमला कर दिया, जिसमें पाँच वन कर्मचारी घायल हो गए। घटना के चार घंटे के भीतर पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और अन्य संदिग्धों की तलाश में छापेमारी जारी है।

मुख्य घटनाक्रम

यह घटना कमलापुर थाना क्षेत्र के भील अमला गाँव में उस समय हुई जब वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी वन भूमि पर कथित अतिक्रमण हटाने के अभियान के तहत मौके पर पहुँचे थे। इस दौरान कथित तौर पर 20 से 25 ग्रामीणों का एक समूह एकत्र हो गया और अभियान का विरोध करने लगा।

भीड़ ने कथित तौर पर लाठियों, डंडों और पत्थरों से अधिकारियों पर हमला किया। घायल पाँच वन कर्मचारियों को चिकित्सा उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। हमलावरों ने कथित तौर पर सरकारी वाहनों और अतिक्रमण हटाने में तैनात जेसीबी मशीन में भी तोड़फोड़ की, जिससे सार्वजनिक संपत्ति को भारी नुकसान पहुँचा।

गिरफ्तारियाँ और पुलिस कार्रवाई

देवास के पुलिस अधीक्षक पुनीत गहलोत के निर्देश पर कई पुलिस टीमों ने गाँव और आसपास के इलाकों में छापेमारी की। इसके परिणामस्वरूप चार आरोपियों — शिवम डाबर (24), विशाल बुंदेला (26), मनसाराम (50) और धन्नालाल बामनिया (50) — को घटना के कुछ ही घंटों के भीतर गिरफ्तार कर लिया गया।

हिंसा की सूचना मिलते ही बागली के उप-विभागीय पुलिस अधिकारी (SDOP) संजय सिंह बैस, कमलापुर स्टेशन हाउस ऑफिसर मनोज सिंह और बिजवाड़ चौकी प्रभारी विनय सिंह बघेल पुलिसकर्मियों के साथ मौके पर पहुँचे और स्थिति को नियंत्रण में किया।

कानूनी कार्रवाई

कमलापुर पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुँचाने से रोकने वाले अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सरकारी कर्मचारियों पर हमला करने और सार्वजनिक संपत्ति को क्षति पहुँचाने में शामिल सभी व्यक्तियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

आगे की जाँच

पुलिस के अनुसार, हिंसा में शामिल अन्य व्यक्तियों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं और शेष संदिग्धों की तलाश में टीमें तैनात हैं। अधिकारियों ने संकेत दिया कि आगे और गिरफ्तारियाँ होने की संभावना है। गौरतलब है कि अतिक्रमण विरोधी अभियानों के दौरान सरकारी कर्मियों पर हमले की यह घटना मध्य प्रदेश में वन भूमि विवादों की जटिल स्थिति को उजागर करती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो वन भूमि प्रबंधन और स्थानीय समुदायों के बीच गहरे तनाव को दर्शाती हैं। पुलिस की त्वरित कार्रवाई सराहनीय है, लेकिन असली सवाल यह है कि अतिक्रमण विवादों के समाधान के लिए दीर्घकालिक तंत्र क्यों नहीं बन पाता। वन अधिकार अधिनियम के तहत दावों की लंबित प्रक्रिया और अभियानों की अचानक शुरुआत अक्सर इस तरह की टकराहट को जन्म देती है — जिसकी कीमत दोनों पक्षों को चुकानी पड़ती है।
RashtraPress
29 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

देवास में वन कर्मियों पर हमला कब और कहाँ हुआ?
यह हमला 13 जून 2026 को मध्य प्रदेश के देवास जिले के कमलापुर थाना क्षेत्र के भील अमला गाँव में हुआ, जब वन विभाग की टीम अतिक्रमण हटाने पहुँची थी।
हमले में कितने वन कर्मचारी घायल हुए और किसे गिरफ्तार किया गया?
हमले में पाँच वन कर्मचारी घायल हुए और उन्हें अस्पताल ले जाया गया। पुलिस ने शिवम डाबर (24) , विशाल बुंदेला (26) , मनसाराम (50) और धन्नालाल बामनिया (50) — चार आरोपियों को गिरफ्तार किया।
आरोपियों पर कौन-सी धाराएँ लगाई गई हैं?
कमलापुर पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुँचाने से रोकने वाले अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
क्या और गिरफ्तारियाँ होंगी?
पुलिस के अनुसार हिंसा में शामिल अन्य व्यक्तियों की पहचान के प्रयास जारी हैं और शेष संदिग्धों की तलाश में टीमें तैनात हैं। अधिकारियों ने और गिरफ्तारियों की संभावना जताई है।
घटना के समय मौके पर कौन-से पुलिस अधिकारी पहुँचे?
हिंसा की सूचना मिलते ही SDOP संजय सिंह बैस , SHO मनोज सिंह और बिजवाड़ चौकी प्रभारी विनय सिंह बघेल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे और स्थिति को नियंत्रण में किया।
राष्ट्र प्रेस
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