3 अक्टूबर 2026
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गंगा कटाव से सकरीगली-महाराजपुर रेलवे ट्रैक बाधित, डीआरएम मनीष गुप्ता बोले — बहाली में लग सकता है समय

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गंगा कटाव से सकरीगली-महाराजपुर रेलवे ट्रैक बाधित, डीआरएम मनीष गुप्ता बोले — बहाली में लग सकता है समय

सारांश

गंगा की बेलगाम धारा ने मालदा डिवीजन के सकरीगली-महाराजपुर ट्रैक को खतरे में डाल दिया है — नदी और पटरी के बीच महज 8-9 मीटर का फासला बचा है। रेलवे युद्धस्तर पर जुटा है, पर बहाली की कोई तारीख नहीं।

मुख्य बातें

सकरीगली-महाराजपुर रेलवे ट्रैक पर गंगा नदी के कटाव के कारण ट्रेनों का परिचालन बाधित है।
निरीक्षण के समय गंगा और रेलवे ट्रैक के बीच की दूरी मात्र 8-9 मीटर रह गई थी।
डीआरएम मनीष गुप्ता ने 2 अक्टूबर 2026 को स्थल का निरीक्षण किया और बहाली की कोई निश्चित समयसीमा देने में असमर्थता जताई।
यात्रियों की सुविधा के लिए साहिबगंज–भागलपुर के बीच 2 स्पेशल ट्रेनें और तीनपहाड़–हावड़ा के बीच 1 स्पेशल ट्रेन चलाई गई है।
कुछ ट्रेनों का मार्ग परिवर्तित किया गया है, जबकि कुछ पैसेंजर ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं।
जिला प्रशासन और केंद्रीय जल आयोग रेलवे के बचाव अभियान में सहयोग कर रहे हैं।

पूर्वी रेलवे के मालदा रेलवे डिवीजन के अंतर्गत आने वाला सकरीगली-महाराजपुर रेलवे ट्रैक इन दिनों गंगा नदी के भीषण कटाव की चपेट में है, जिससे इस मार्ग पर ट्रेनों का सामान्य परिचालन ठप हो गया है। 2 अक्टूबर 2026 को स्थल निरीक्षण के दौरान मालदा मंडल के डिवीजनल रेलवे मैनेजर (डीआरएम) मनीष गुप्ता ने स्वीकार किया कि कटाव की स्थिति गंभीर है और बहाली में कितना समय लगेगा, यह अभी स्पष्ट रूप से नहीं बताया जा सकता।

मुख्य घटनाक्रम

गंगा नदी का जलस्तर और धारा का दबाव सकरीगली-महाराजपुर रेलखंड के लिए खतरा बन गया है। निरीक्षण के समय गंगा की धारा और रेलवे ट्रैक के बीच की दूरी मात्र 8-9 मीटर रह गई थी — एक अत्यंत चिंताजनक स्थिति। डीआरएम गुप्ता ने बताया कि रेलवे युद्ध स्तर पर कटावरोधी कार्य कर रहा है और हावड़ा जोन के साथ-साथ डिवीजन के सभी वरिष्ठ अधिकारी इस अभियान में जुटे हुए हैं।

यात्रियों पर असर और वैकल्पिक व्यवस्था

यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए रेलवे प्रशासन ने कई ट्रेनों का मार्ग परिवर्तित किया है, जबकि कुछ पैसेंजर ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं। वैकल्पिक व्यवस्था के तहत साहिबगंज से भागलपुर के लिए दो स्पेशल ट्रेनें और तीनपहाड़ से हावड़ा के लिए एक स्पेशल ट्रेन चलाई गई है।

डीआरएम गुप्ता ने कहा कि स्थिति की सतत समीक्षा की जा रही है और यात्रियों के हित में जो भी और कदम उठाने होंगे, वे उठाए जाएंगे।

सरकार और एजेंसियों का सहयोग

रेलवे प्रशासन को इस बचाव और मरम्मत अभियान में जिला प्रशासन और केंद्रीय जल आयोग का भी सक्रिय सहयोग मिल रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब मानसून के बाद नदियों में कटाव की घटनाएँ पश्चिम बंगाल और बिहार के सीमावर्ती इलाकों में बढ़ जाती हैं। मालदा जैसे इलाके गंगा की कटाव-प्रवण प्रकृति के कारण हर वर्ष रेल और सड़क संपर्क के लिहाज से संकट में पड़ जाते हैं।

क्या होगा आगे

रेलवे अधिकारियों के अनुसार बहाली की कोई निश्चित समयसीमा अभी तय नहीं की जा सकती, क्योंकि यह गंगा के जलस्तर और कटाव की गति पर निर्भर करेगी। रेलवे ने स्पष्ट किया है कि जब तक ट्रैक पूरी तरह सुरक्षित नहीं हो जाता, तब तक वैकल्पिक मार्ग और स्पेशल ट्रेनों की व्यवस्था जारी रहेगी। यात्रियों से अपील की गई है कि वे यात्रा से पहले संबंधित स्टेशन पर ट्रेन की स्थिति की जानकारी अवश्य लें।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि मालदा और आसपास के इलाकों में गंगा के कटाव की उस दीर्घकालिक समस्या का ताज़ा उदाहरण है जिसे वर्षों से अस्थायी उपायों से संभाला जाता रहा है। जब नदी और पटरी के बीच महज 8-9 मीटर का फासला बचे, तो यह प्रश्न उठना लाज़िमी है कि स्थायी कटाव-रोधी अवसंरचना में निवेश कब होगा। रेलवे की तात्कालिक प्रतिक्रिया सराहनीय है, लेकिन हर मानसून में यही संकट दोहराना दर्शाता है कि दीर्घकालिक नदी-प्रबंधन योजना अभी भी अधूरी है।
RashtraPress
3 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सकरीगली-महाराजपुर रेलवे ट्रैक पर क्या हुआ है?
पूर्वी रेलवे के मालदा डिवीजन में गंगा नदी के कटाव के कारण सकरीगली-महाराजपुर रेलवे ट्रैक बाधित हो गया है और ट्रेनों का सामान्य परिचालन रुक गया है। निरीक्षण के समय नदी और ट्रैक के बीच की दूरी मात्र 8-9 मीटर थी।
ट्रैक कब तक बहाल होगा?
डीआरएम मनीष गुप्ता के अनुसार अभी बहाली की कोई निश्चित समयसीमा नहीं बताई जा सकती, क्योंकि कटाव की स्थिति गंभीर बनी हुई है। रेलवे युद्ध स्तर पर काम कर रहा है, लेकिन बहाली गंगा के जलस्तर और कटाव की गति पर निर्भर करेगी।
यात्रियों के लिए क्या वैकल्पिक व्यवस्था की गई है?
रेलवे ने साहिबगंज से भागलपुर के लिए दो स्पेशल ट्रेनें और तीनपहाड़ से हावड़ा के लिए एक स्पेशल ट्रेन चलाई है। इसके अलावा कुछ ट्रेनों का मार्ग बदला गया है और कुछ पैसेंजर ट्रेनें रद्द की गई हैं।
इस बचाव अभियान में कौन-कौन सी एजेंसियाँ शामिल हैं?
हावड़ा जोन और मालदा डिवीजन के वरिष्ठ रेलवे अधिकारियों के साथ जिला प्रशासन और केंद्रीय जल आयोग भी इस अभियान में सहयोग कर रहे हैं। डीआरएम गुप्ता ने सभी एजेंसियों के सहयोग की सराहना की।
मालदा क्षेत्र में गंगा का कटाव इतनी बड़ी समस्या क्यों है?
मालदा और आसपास के इलाके गंगा की कटाव-प्रवण प्रकृति के कारण हर मानसून सीजन में संकट में पड़ जाते हैं। नदी का तेज़ बहाव रेल और सड़क अवसंरचना के लिए सीधा खतरा बनता है, जिससे संपर्क और यात्री सुरक्षा दोनों प्रभावित होते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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