16 जुलाई 2026
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वाराणसी में गंगा का जलस्तर दो दिनों में डेढ़ मीटर बढ़ा, नाविकों और घाट व्यापारियों की आजीविका पर संकट

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वाराणसी में गंगा का जलस्तर दो दिनों में डेढ़ मीटर बढ़ा, नाविकों और घाट व्यापारियों की आजीविका पर संकट

सारांश

वाराणसी में गंगा दो दिनों में डेढ़ मीटर चढ़ी — यह सिर्फ जलस्तर का आँकड़ा नहीं, बल्कि हज़ारों नाविकों, पुरोहितों और घाट व्यापारियों की रोज़ी पर मँडराता सीधा संकट है। अगले चार-पाँच दिन निर्णायक होंगे।

मुख्य बातें

वाराणसी में गंगा नदी का जलस्तर पिछले दो दिनों में करीब डेढ़ मीटर बढ़ा, केवल एक दिन में एक मीटर की वृद्धि दर्ज।
प्रशासन अलर्ट मोड पर है; अभी स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है।
नाविक नारायण साहनी के अनुसार अगले चार-पाँच दिन और जलस्तर बढ़ा तो नाव संचालन पर रोक लग सकती है।
घाटों से जुड़े हज़ारों लोगों — नाविक, पुरोहित, रेहड़ी-पटरी विक्रेता — की आजीविका सीधे प्रभावित होती है।
पंडित शशिकांत पाठक ने गंगा आरती और धार्मिक गतिविधियों के बाधित होने की आशंका जताई।

वाराणसी में गंगा नदी का जलस्तर 16 जुलाई तक पिछले दो दिनों में करीब डेढ़ मीटर की तेज़ वृद्धि दर्ज कर चुका है, जिससे प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है। घाटों पर श्रद्धालुओं, नाविकों और छोटे कारोबारियों की चिंताएँ गहराती जा रही हैं, हालाँकि अधिकारियों के अनुसार अभी स्थिति नियंत्रण में है।

मुख्य घटनाक्रम

नाविक नारायण साहनी के अनुसार, केवल एक दिन में जलस्तर एक मीटर तक चढ़ा और सुबह के घंटों में भी वृद्धि जारी रही। उन्होंने बताया कि बढ़ते पानी के कारण श्रद्धालुओं को गंगा स्नान और धार्मिक अनुष्ठानों में असुविधा हो रही है। फिलहाल नाव संचालन पर कोई बड़ी रोक नहीं है, लेकिन स्थिति नाज़ुक बनी हुई है।

आगामी दिनों का खतरा

साहनी ने चेताया कि यदि अगले चार-पाँच दिनों तक जलस्तर इसी गति से बढ़ता रहा तो मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। उनके अनुसार बाढ़ की स्थिति बनने पर प्रशासन नाव संचालन पर रोक लगा देता है, जिससे नाविकों की रोज़ी-रोटी सीधे प्रभावित होती है। घाटों पर आने वाले यात्रियों की संख्या में भी तब उल्लेखनीय गिरावट आती है।

आम जनता और छोटे कारोबारियों पर असर

साहनी ने स्पष्ट किया कि गंगा के बढ़ते जलस्तर का असर केवल नाविकों तक सीमित नहीं रहता। घाटों पर दुकान लगाने वाले रेहड़ी-पटरी विक्रेता, फूल-माला बेचने वाले और अन्य छोटे कारोबारी भी इसकी चपेट में आते हैं। गंगा से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े हज़ारों लोगों की आजीविका इसी नदी पर टिकी है।

धार्मिक गतिविधियों पर संकट

घाट पर पूजा-पाठ कराने वाले पंडित शशिकांत पाठक ने भी बढ़ते जलस्तर को गंभीर चिंता का विषय बताया। उनके अनुसार यदि यही रफ़्तार बनी रही तो आने वाले दिनों में गंगा आरती और अन्य धार्मिक गतिविधियाँ बाधित हो सकती हैं। आरती के दौरान श्रद्धालुओं के बैठने की व्यवस्था पर भी असर पड़ने की आशंका है। पाठक ने कहा कि पुरोहित, माला-फूल विक्रेता और छोटे व्यापारी — सभी की आजीविका इस संकट से प्रभावित होगी।

क्या होगा आगे

प्रशासन की निगरानी जारी है और स्थिति पर करीबी नज़र रखी जा रही है। यह ऐसे समय में आया है जब मानसून सीज़न में गंगा का जलस्तर हर साल वाराणसी के घाटों और उनसे जुड़े समुदायों के लिए एक परिचित लेकिन गंभीर चुनौती बन जाता है। आने वाले दिनों में वर्षा की स्थिति और ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों से पानी की आवक यह तय करेगी कि संकट किस हद तक गहराता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन उन्हें मुआवज़े या वैकल्पिक रोज़गार की कोई गारंटी नहीं मिलती। यह खबर सिर्फ जलस्तर की नहीं, बल्कि उस नीतिगत खालीपन की है जो हर साल हज़ारों परिवारों को अनिश्चितता में धकेलता है।
RashtraPress
16 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वाराणसी में गंगा का जलस्तर कितना बढ़ा है?
16 जुलाई तक पिछले दो दिनों में गंगा का जलस्तर करीब डेढ़ मीटर बढ़ा है, जिसमें केवल एक दिन में एक मीटर की वृद्धि दर्ज की गई। सुबह के घंटों में भी जलस्तर में वृद्धि जारी रही।
क्या वाराणसी के घाटों पर नाव संचालन बंद हो गया है?
अभी नाव संचालन पर कोई बड़ी रोक नहीं लगाई गई है। हालाँकि नाविक नारायण साहनी ने चेताया है कि अगले चार-पाँच दिन जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो प्रशासन नाव संचालन पर रोक लगा सकता है।
गंगा के बढ़ते जलस्तर से किन लोगों की आजीविका प्रभावित होती है?
नाविकों के अलावा घाटों पर रेहड़ी-पटरी विक्रेता, फूल-माला बेचने वाले, पुरोहित और अन्य छोटे कारोबारी भी प्रभावित होते हैं। गंगा से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े हज़ारों लोगों की आजीविका इसी नदी पर निर्भर है।
क्या गंगा आरती और धार्मिक गतिविधियाँ प्रभावित होंगी?
पंडित शशिकांत पाठक के अनुसार, यदि जलस्तर इसी रफ़्तार से बढ़ता रहा तो गंगा आरती और घाटों पर होने वाली अन्य धार्मिक गतिविधियाँ बाधित हो सकती हैं। श्रद्धालुओं के बैठने की व्यवस्था पर भी असर पड़ने की आशंका है।
वाराणसी में गंगा जलस्तर को लेकर प्रशासन की क्या स्थिति है?
प्रशासन अलर्ट मोड पर है और स्थिति पर करीबी नज़र रख रहा है। अधिकारियों के अनुसार अभी स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन आने वाले दिनों में वर्षा और ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों से पानी की आवक पर निगरानी जारी है।
राष्ट्र प्रेस
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