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जनरल द्विवेदी की 'भूगोल या इतिहास' वाली चेतावनी से बौखलाया पाकिस्तान, परमाणु धमकी देकर खोखली दहशत दिखाई

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जनरल द्विवेदी की 'भूगोल या इतिहास' वाली चेतावनी से बौखलाया पाकिस्तान, परमाणु धमकी देकर खोखली दहशत दिखाई

सारांश

जनरल द्विवेदी की 'भूगोल या इतिहास' वाली एक तीखी टिप्पणी ने पाकिस्तान को बौखला दिया। आईएसपीआर ने परमाणु शक्ति की दुहाई देते हुए 'विनाशकारी परिणामों' की धमकी दी — लेकिन विश्लेषकों की नजर में यह उसी पुरानी खोखली भाषा की पुनरावृत्ति है जो दबाव में हर बार सामने आती है।

मुख्य बातें

जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने 17 मई 2025 को नई दिल्ली में कहा कि पाकिस्तान तय करे कि वह 'भूगोल का हिस्सा रहेगा या इतिहास बनेगा।' बयान ऑपरेशन सिंदूर जैसी स्थिति दोबारा उत्पन्न होने पर भारतीय सेना की कार्रवाई से संबंधित प्रश्न के उत्तर में आया।
पाकिस्तानी सेना के मीडिया विंग आईएसपीआर ने बयान को 'उकसावे वाला' बताते हुए 'विनाशकारी' और 'पारस्परिक' परिणामों की चेतावनी दी।
आईएसपीआर ने पाकिस्तान को 'घोषित परमाणु शक्ति' और दक्षिण एशिया का 'स्थायी हिस्सा' बताया।
पाकिस्तान ने उलटे भारत पर अस्थिरता फैलाने और दुष्प्रचार का बेबुनियाद आरोप लगाया।

भारत के चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने 17 मई 2025 को नई दिल्ली में एक इंटरैक्टिव सत्र के दौरान पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि उसे तय करना होगा कि वह 'भूगोल का हिस्सा रहना चाहता है या इतिहास बनने को तैयार है।' इस बयान पर पाकिस्तानी सेना का मीडिया विंग आईएसपीआर (इंटर-सर्विसेज़ पब्लिक रिलेशंस) तिलमिला उठा और उसने परमाणु शक्ति होने की दुहाई देते हुए भारत को 'विनाशकारी परिणामों' की धमकी दी।

जनरल द्विवेदी ने क्या कहा था

जनरल द्विवेदी से इस सत्र में पूछा गया था कि यदि 'ऑपरेशन सिंदूर' जैसी परिस्थितियाँ दोबारा उत्पन्न होती हैं तो भारतीय सेना की प्रतिक्रिया क्या होगी। उन्होंने पाकिस्तान पर आतंकवाद को प्रत्यक्ष समर्थन देने का आरोप लगाते हुए यह तीखी टिप्पणी की। यह बयान उस संदर्भ में आया है जब भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव पहले से ही चरम पर है।

पाकिस्तान की प्रतिक्रिया

प्रमुख पाकिस्तानी दैनिक डॉन के अनुसार, आईएसपीआर ने रविवार को एक आधिकारिक बयान जारी किया जिसमें कहा गया कि भारत दक्षिण एशिया को 'एक और संघर्ष की ओर न धकेले', क्योंकि इसके परिणाम पूरे क्षेत्र के लिए 'विनाशकारी' हो सकते हैं। पाकिस्तानी सेना के मीडिया विंग ने जनरल द्विवेदी के बयान को 'उकसावे वाला' करार दिया।

बयान में दावा किया गया कि 'भारत की इस सोच के बावजूद पाकिस्तान वैश्विक स्तर पर एक महत्वपूर्ण देश, घोषित परमाणु शक्ति और दक्षिण एशिया के भूगोल और इतिहास का स्थायी हिस्सा है।' आईएसपीआर ने यह भी कहा कि यदि पाकिस्तान पर कोई हमला होता है तो विनाश 'पारस्परिक और व्यापक' होगा।

परमाणु संयम की नसीहत और विरोधाभास

आईएसपीआर ने अपने बयान में कहा कि जिम्मेदार परमाणु राष्ट्रों को संयम, परिपक्वता और रणनीतिक संतुलन दिखाना चाहिए, न कि 'सभ्यतागत श्रेष्ठता' या किसी देश के अस्तित्व को मिटाने की धमकी देनी चाहिए। गौरतलब है कि यह वही पाकिस्तान है जिस पर वैश्विक मंचों पर आतंकी संगठनों को पनाह देने के आरोप बार-बार लगते रहे हैं। पाकिस्तान ने उलटे भारत पर ही अस्थिरता फैलाने और दुष्प्रचार में शामिल होने का आरोप लगाया, जिसे भारतीय पक्ष ने बेबुनियाद बताया है।

पाकिस्तान ने यह भी कहा कि उसे निशाना बनाने की किसी भी कोशिश के परिणाम 'भौगोलिक सीमाओं से परे' जा सकते हैं — एक चेतावनी जिसे विश्लेषक परमाणु संकेत के रूप में देख रहे हैं।

क्षेत्रीय और रणनीतिक संदर्भ

यह ऐसे समय में आया है जब ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत-पाकिस्तान संबंध अत्यंत तनावपूर्ण दौर से गुजर रहे हैं। आलोचकों का कहना है कि पाकिस्तान की परमाणु धमकियाँ नई नहीं हैं — यह उसकी पुरानी रणनीतिक भाषा का हिस्सा है जिसका उपयोग वह हर बार दबाव महसूस होने पर करता है। भारतीय रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, जनरल द्विवेदी का बयान एक स्पष्ट नीतिगत संदेश है कि भारत अब आतंकवाद-प्रायोजित उकसावों को बिना जवाब दिए नहीं छोड़ेगा।

आगे क्या

दोनों देशों के बीच कूटनीतिक तनाव जारी रहने की संभावना है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान की यह प्रतिक्रिया उसकी आंतरिक बेचैनी को दर्शाती है। भारत सरकार की ओर से अभी तक आईएसपीआर के बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन सैन्य और राजनयिक हलकों में इस घटनाक्रम पर कड़ी नजर रखी जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

वही 'जिम्मेदार परमाणु राष्ट्र' होने का उपदेश दे रहा है। जनरल द्विवेदी का बयान महज एक व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं, बल्कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत की बदली हुई रणनीतिक भाषा का हिस्सा है — जो स्पष्ट करती है कि आतंकी उकसावों पर अब चुप्पी नहीं, जवाब मिलेगा। असली सवाल यह है कि क्या अंतरराष्ट्रीय समुदाय पाकिस्तान की इस खोखली परमाणु भाषा को गंभीरता से लेना बंद करेगा।
RashtraPress
1 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने पाकिस्तान के बारे में क्या कहा?
जनरल द्विवेदी ने 17 मई 2025 को नई दिल्ली में एक इंटरैक्टिव सत्र में कहा कि पाकिस्तान को तय करना होगा कि वह 'भूगोल का हिस्सा रहना चाहता है या इतिहास बनने को तैयार है।' यह बयान ऑपरेशन सिंदूर जैसी स्थिति दोबारा उत्पन्न होने पर भारतीय सेना की संभावित कार्रवाई से जुड़े प्रश्न के उत्तर में आया।
पाकिस्तानी सेना ने जनरल द्विवेदी के बयान पर क्या प्रतिक्रिया दी?
पाकिस्तानी सेना के मीडिया विंग आईएसपीआर ने रविवार को बयान जारी कर जनरल द्विवेदी की टिप्पणी को 'उकसावे वाला' बताया और चेतावनी दी कि पाकिस्तान पर किसी भी हमले के परिणाम 'पारस्परिक और व्यापक' होंगे। आईएसपीआर ने पाकिस्तान को 'घोषित परमाणु शक्ति' बताते हुए भारत को क्षेत्र को 'विनाशकारी संघर्ष' की ओर न धकेलने की चेतावनी दी।
ऑपरेशन सिंदूर क्या है जिसका जनरल द्विवेदी ने उल्लेख किया?
ऑपरेशन सिंदूर भारत द्वारा चलाया गया एक सैन्य अभियान है जिसके संदर्भ में जनरल द्विवेदी से पूछा गया था कि यदि ऐसी परिस्थितियाँ दोबारा बनती हैं तो भारत क्या करेगा। इसी प्रश्न के उत्तर में उन्होंने पाकिस्तान को यह कड़ी चेतावनी दी।
पाकिस्तान ने भारत पर क्या आरोप लगाए?
आईएसपीआर ने भारत पर अस्थिरता फैलाने और दुष्प्रचार में शामिल होने का आरोप लगाया, जिसे भारतीय पक्ष ने बेबुनियाद बताया है। पाकिस्तान ने यह भी कहा कि उसे निशाना बनाने की किसी भी कोशिश के परिणाम 'भौगोलिक सीमाओं से परे' जा सकते हैं।
क्या पाकिस्तान की परमाणु धमकी नई है?
रक्षा विश्लेषकों के अनुसार, पाकिस्तान की परमाणु धमकी उसकी पुरानी रणनीतिक भाषा का हिस्सा है जिसका उपयोग वह हर बार दबाव महसूस होने पर करता है। आलोचकों का कहना है कि यह 'न्यूक्लियर ब्लैकमेल' की वही रणनीति है जो पाकिस्तान दशकों से अपनाता आया है।
राष्ट्र प्रेस
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