जेन-जी पीएम मोदी के साथ मज़बूती से खड़ी है: भाजपा नेता चित्रा वाघ का बयान
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता चित्रा वाघ ने 8 अगस्त 2026 को मुंबई में जेन-जी, आत्मनिर्भर भारत, ड्रोन तकनीक और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' अभियान पर अपनी स्पष्ट प्रतिक्रिया दी। वाघ ने कहा कि देश की युवा पीढ़ी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ पूरी ताकत से खड़ी है।
युवा पीढ़ी और पीएम मोदी
चित्रा वाघ ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी कल के भारत की नींव है और प्रधानमंत्री मोदी की कोशिश हमेशा देशहित में रही है। पेपर लीक के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि यह समस्या हर सरकार के कार्यकाल में सामने आती रही है, लेकिन इस बार पीएम मोदी ने सख्त कानूनी प्रावधानों के ज़रिए अपनी मंशा स्पष्ट कर दी है। उनके अनुसार, पीएम ने बच्चों के भविष्य की राह में आने वाली रुकावटों को दूर करने का संकल्प लिया है।
आत्मनिर्भर भारत और आर्थिक प्रगति
आत्मनिर्भर भारत के संदर्भ में वाघ ने कहा कि यह गर्व की बात है कि भारत वैश्विक अर्थव्यवस्था में 11वें स्थान से उठकर चौथे स्थान पर पहुँच गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश हर क्षेत्र में प्रगति की ओर अग्रसर है और आने वाले समय में यह सिलसिला जारी रहेगा।
ड्रोन तकनीक और 'ड्रोन दीदी'
महाराष्ट्र में ड्रोन तकनीक की चर्चा करते हुए वाघ ने कहा कि कुछ साल पहले किसी ने सोचा नहीं था कि ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएँ ड्रोन उड़ाएंगी। अब प्रदेश में 'ड्रोन दीदी' बन रही हैं जो देश की अर्थव्यवस्था में सक्रिय योगदान दे रही हैं। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि ड्रोन तकनीक के ज़रिए दूरदराज़ के इलाकों में दवाएँ पहुँचाई जा रही हैं, जो एक बड़ी उपलब्धि है।
राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' पर पलटवार
कांग्रेस नेता राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' अभियान पर चित्रा वाघ ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि जेन-जी को भली-भाँति पता है कि उनके असली हमदर्द कौन हैं। उनके अनुसार, जेन-जी के आंदोलन में कुछ राजनीतिक दलों और नेताओं ने राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश की, लेकिन युवाओं ने ऐसे दलों के असली चेहरे पहचान लिए। उन्होंने दावा किया कि आज देश के युवा पीएम मोदी के साथ बड़ी ताकत के साथ खड़े हैं।
संसद में व्यवधान पर चिंता
संसद में कामकाज बाधित होने पर प्रधानमंत्री मोदी की चिंता का समर्थन करते हुए वाघ ने कहा कि पीएम देश के लिए रात-दिन काम करने वाले 'प्रधान सेवक' हैं। उन्होंने कहा कि जब सदन चलता है तो जनप्रतिनिधि वहाँ आकर जनता के मुद्दों पर चर्चा करते हैं और नीतियाँ बनती हैं, लेकिन विपक्षी दलों द्वारा सदन न चलने देना चिंताजनक है। आने वाले दिनों में यह देखना होगा कि भाजपा और विपक्ष के बीच संसदीय संवाद की राह कैसे खुलती है।