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गाजियाबाद: पांचवीं मंजिल से गिरकर मनोचिकित्सक डॉ. हेमिका अग्रवाल की मौत, तलाक के बाद से थीं अवसाद में

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गाजियाबाद: पांचवीं मंजिल से गिरकर मनोचिकित्सक डॉ. हेमिका अग्रवाल की मौत, तलाक के बाद से थीं अवसाद में

सारांश

गाजियाबाद में एक 40 वर्षीय मनोचिकित्सक की पांचवीं मंजिल से गिरकर मौत ने सवाल उठाए हैं — जो दूसरों का मानसिक उपचार करती थीं, वे खुद डेढ़ साल से तलाक के बाद के अवसाद से जूझ रही थीं। पुलिस जांच जारी है, पोस्टमार्टम से मौत की वजह स्पष्ट होगी।

मुख्य बातें

हेमिका अग्रवाल (40 वर्ष), गाजियाबाद की मनोचिकित्सक, की 3 अगस्त को ऑफिसर्स सिटी-2 सोसाइटी की पांचवीं मंजिल से कथित तौर पर गिरकर मौत हो गई।
परिजनों के अनुसार वह 18 महीने पहले तलाक के बाद से अवसाद और मानसिक तनाव से पीड़ित थीं।
चंद्रा गाजियाबाद के प्रतिष्ठित मनोचिकित्सक हैं।
ACP (नंदग्राम) जियाउद्दीन अहमद के नेतृत्व में पुलिस जांच जारी; सुसाइड नोट मिलने की अभी तक पुष्टि नहीं।
मौत की सटीक परिस्थितियाँ पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद स्पष्ट होंगी।

गाजियाबाद के राजनगर एक्सटेंशन स्थित ऑफिसर्स सिटी-2 सोसाइटी में 3 अगस्त को एक 40 वर्षीय मनोचिकित्सक की अपने अपार्टमेंट की पांचवीं मंजिल से कथित तौर पर गिरने से मौत हो गई। मृतका की पहचान डॉ. हेमिका अग्रवाल के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, वह करीब डेढ़ साल पहले हुए तलाक के बाद से गंभीर अवसाद और मानसिक तनाव से जूझ रही थीं।

घटनाक्रम

पुलिस के अनुसार, यह घटना रविवार को हुई। सोसाइटी के निवासियों और आसपास के लोगों ने तुरंत मदद के लिए पहुँचकर डॉ. हेमिका को नज़दीकी अस्पताल पहुँचाया, जहाँ चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। अभी तक अधिकारियों ने किसी सुसाइड नोट के मिलने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

परिवार की पीड़ा और पृष्ठभूमि

डॉ. हेमिका के पिता डॉ. आर. चंद्रा गाजियाबाद के जाने-माने मनोचिकित्सक हैं। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी लगभग 18 महीने पहले वैवाहिक संबंध टूटने के बाद से डिप्रेशन और भारी मानसिक तनाव से पीड़ित थी। यह विडंबनापूर्ण है कि जो डॉक्टर दूसरों की मानसिक पीड़ा का उपचार करती थीं, वे स्वयं इसी दर्द से जूझ रही थीं।

पुलिस जांच

असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस (नंदग्राम) जियाउद्दीन अहमद ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिसकर्मी तत्काल मौके पर पहुँचे और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया आरंभ की। अधिकारियों ने कहा कि रिश्तेदारों और संबंधित व्यक्तियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं तथा घटनास्थल से प्राप्त साक्ष्यों की जाँच जारी है। मौत की सटीक वजह और परिस्थितियाँ पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगी।

व्यापक संदर्भ

यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब मानसिक स्वास्थ्य पेशेवरों पर पड़ने वाले भावनात्मक बोझ को लेकर बहस तेज़ हो रही है। गौरतलब है कि 1 अगस्त को हरियाणा के रोहतक जिले में अंतरराष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी शीलू बल्हारा की पत्नी 23 वर्षीय मुस्कान ने भी कथित तौर पर आत्महत्या कर ली थी। मुस्कान ने दिसंबर 2023 में बल्हारा से विवाह किया था और इस दंपती के घर पिछले साल नवंबर में बेटे हार्दिक का जन्म हुआ था।

आगे की स्थिति

पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जाँच के सभी संभावित पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और बयानों के आधार पर मामले की दिशा तय होगी। मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि वैवाहिक विच्छेद के बाद का मानसिक संकट किसी भी पेशे के व्यक्ति को प्रभावित कर सकता है, और समय पर सहायता लेना अत्यंत आवश्यक है।

यदि आप या आपके कोई परिचित मानसिक स्वास्थ्य संकट से गुज़र रहे हैं, तो iCall हेल्पलाइन 9152987821 पर संपर्क करें।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो रोज़ दूसरों को संकट से उबारते हैं, अक्सर खुद मदद माँगने में सबसे अधिक संकोच करते हैं। भारत में 'हेल्पर्स हेल्थ' यानी देखभाल करने वालों की मानसिक सेहत पर संस्थागत ध्यान लगभग नदारद है। तलाक के बाद का मानसिक संकट हमारे समाज में अब भी वह कलंक उठाता है जो इलाज की राह में सबसे बड़ी बाधा है — और यह मामला उस खामोश महामारी की याद दिलाता है जिस पर नीतिगत बहस अभी तक नहीं हुई।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डॉ. हेमिका अग्रवाल कौन थीं और यह घटना कहाँ हुई?
डॉ. हेमिका अग्रवाल गाजियाबाद के राजनगर एक्सटेंशन स्थित ऑफिसर्स सिटी-2 सोसाइटी में रहने वाली 40 वर्षीय मनोचिकित्सक थीं। 3 अगस्त को वह अपने अपार्टमेंट की पांचवीं मंजिल से कथित तौर पर गिर गईं और अस्पताल पहुँचने पर उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
परिवार ने मौत के पीछे क्या कारण बताया?
परिजनों के अनुसार डॉ. हेमिका लगभग 18 महीने पहले तलाक के बाद से गंभीर अवसाद और भावनात्मक तनाव से जूझ रही थीं। उनके पिता डॉ. आर. चंद्रा, जो स्वयं गाजियाबाद के जाने-माने मनोचिकित्सक हैं, ने यह जानकारी दी।
क्या पुलिस ने सुसाइड नोट मिलने की पुष्टि की है?
नहीं। अधिकारियों ने अभी तक आधिकारिक तौर पर किसी सुसाइड नोट के मिलने की पुष्टि नहीं की है। ACP (नंदग्राम) जियाउद्दीन अहमद ने कहा कि मौत की सही वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पूरी जांच के बाद ही सामने आएगी।
पुलिस जांच में अब तक क्या हुआ है?
पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र किए हैं और रिश्तेदारों समेत संबंधित व्यक्तियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। सभी संभावित पहलुओं की जांच जारी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतज़ार है।
मानसिक स्वास्थ्य संकट में मदद कहाँ से मिल सकती है?
भारत में मानसिक स्वास्थ्य संकट के दौरान iCall हेल्पलाइन नंबर 9152987821 पर संपर्क किया जा सकता है। समय पर पेशेवर सहायता लेना जीवन बचाने में निर्णायक भूमिका निभा सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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