गिरिडीह अपहरण कांड: पुलिस ने 24 घंटे में तसलीम अंसारी को कराया मुक्त, पांच गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड के गिरिडीह जिले में 35 वर्षीय तसलीम अंसारी के अपहरण और ₹10 लाख फिरौती मांगने के मामले का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर पर्दाफाश करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। 25 मई को पुलिस अधीक्षक बिमल कुमार ने पुष्टि की कि अपहृत युवक को चुंजका जंगल के पास से सकुशल बरामद कर लिया गया है।
मुख्य घटनाक्रम
रविवार को गांडेय थाना क्षेत्र के पाण्डेयडीह निवासी इकबाल अंसारी ने पुलिस को सूचना दी कि उनके चचेरे भाई तसलीम अंसारी को खंडोली इलाके से बाइक समेत अगवा कर लिया गया है। अपहरणकर्ताओं ने युवक को बंधक बनाकर परिजनों से ₹10 लाख की फिरौती की मांग की और एक क्यूआर कोड भेजकर ऑनलाइन माध्यम से ₹24,000 भी ट्रांसफर करवा लिए।
पुलिस की कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर तत्काल विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया। तकनीकी शाखा और स्थानीय पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में मुफस्सिल थाना क्षेत्र के चुंजका जंगल स्थित चांदना मोड़ के पास से अपहृत युवक को सुरक्षित बरामद किया गया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो मोटरसाइकिल, दो मोबाइल फोन तथा अपहृत युवक की बाइक भी जब्त की।
गिरफ्तार आरोपी
पुलिस ने इस मामले में पांच आरोपियों को हिरासत में लिया है — पीरटांड़ निवासी मोहम्मद सोहेल और आदिल अंसारी; मुफस्सिल थाना क्षेत्र के समीर अंसारी और अफरोजी शाह; तथा पचम्बा थाना क्षेत्र के इरशाद अंसारी। जांच के दौरान राजा और जाफर उर्फ छछुआ नामक दो अन्य आरोपियों की संलिप्तता भी सामने आई है, जो फिलहाल फरार हैं और जिनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी जारी है।
कानूनी कार्रवाई
इस संबंध में बंगाबाद थाना में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। पूरे अभियान में मुफस्सिल थाना प्रभारी श्यामकिशोर महतो, नगर थाना प्रभारी रतन कुमार सिंह, पचम्बा अंचल पुलिस निरीक्षक ज्ञान रंजन कुमार और बंगाबाद थाना प्रभारी अमन कुमार सिंह ने अहम भूमिका निभाई।
क्या होगा आगे
फरार आरोपियों राजा और जाफर उर्फ छछुआ की तलाश में पुलिस की छापेमारी जारी है। ऑनलाइन माध्यम से हुए ₹24,000 के लेनदेन की डिजिटल जांच भी की जा रही है, जिससे गिरोह के और संभावित सदस्यों का पता चल सकता है।