गिरिराज सिंह का विपक्ष पर हमला: 'टुकड़े-टुकड़े गैंग' देश तोड़ने पर आमादा, राहुल-केजरीवाल निशाने पर
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने 21 अक्टूबर 2026 को पटना में विपक्षी दलों पर देश की एकता और अखंडता को कमज़ोर करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विजयादशमी के अवसर पर राष्ट्रीय एकजुटता का आह्वान बिल्कुल सामयिक और सटीक था।
मुख्य घटनाक्रम
गिरिराज सिंह ने कहा कि 'टुकड़े-टुकड़े गैंग' का एकमात्र उद्देश्य देश को विभाजित करना है। उन्होंने आरोप लगाया कि ये समूह बाहरी ताकतों के इशारे पर काम कर रहे हैं और इनका नेतृत्व कांग्रेस नेता राहुल गांधी कर रहे हैं। उन्होंने राहुल गांधी को 'अर्बन नक्सल' बताते हुए आम आदमी पार्टी (AAP) और उसके राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को भी इसी कड़ी का हिस्सा करार दिया।
गौरतलब है कि एक दिन पहले यानी मंगलवार को प्रधानमंत्री मोदी ने विजयादशमी के संदेश में देशवासियों से उन ताकतों के विरुद्ध एकजुट होने का अनुरोध किया था जो राष्ट्र के सम्मान, सामाजिक सद्भाव और सांस्कृतिक विरासत को नुकसान पहुँचाती हैं।
विपक्ष पर लगाए गए आरोप
केंद्रीय मंत्री ने आरोप लगाया कि कुछ समूह युवाओं से जुड़े मुद्दों और मतदाता सूची के 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (SIR) जैसे विषयों को उठाकर मुस्लिम समुदाय का समर्थन जुटाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने विशेष रूप से बांग्लादेशी और रोहिंग्या प्रवासियों का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि इन्हें भी लामबंद किया जा रहा है।
सिंह ने प्रशांत भूषण के एक कथित बयान का हवाला भी दिया, जिसमें कहा गया था कि यदि लोकतांत्रिक तरीके से जीत नहीं हुई तो विरोध-प्रदर्शन होंगे और खून भी बहेगा। उन्होंने इसे देश के लिए खतरनाक बताया।
संजय राउत पर पलटवार
शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत की टिप्पणियों पर जवाब देते हुए गिरिराज सिंह ने कहा कि राउत और राहुल गांधी के बीच हर रोज़ 'सबसे बेतुका बयान' देने की होड़ लगी रहती है। उन्होंने कहा, 'संजय राउत और राहुल गांधी को खुद नहीं पता कि वे क्या कह रहे हैं।'
सरकार और देश की स्थिति पर बयान
गिरिराज सिंह ने इस बात पर ज़ोर दिया कि भारत किसी भी बाहरी दबाव के आगे झुके बिना स्वतंत्र रूप से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि देश अपने राष्ट्रीय हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अपनी नीतियाँ तय कर रहा है।
यह ऐसे समय में आया है जब देश में मतदाता सूची पुनरीक्षण और अल्पसंख्यक राजनीति को लेकर केंद्र-विपक्ष के बीच टकराव तीखा हो गया है। केंद्रीय मंत्री ने समाज को बाँटने की कोशिश करने वाले समूहों के खिलाफ ठोस कार्रवाई की माँग भी दोहराई।
क्या होगा आगे
गिरिराज सिंह की यह टिप्पणियाँ आने वाले दिनों में सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक बहस को और तीखा कर सकती हैं। विपक्षी दलों ने अभी तक इन आरोपों पर सीधा जवाब नहीं दिया है, लेकिन राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बयानबाज़ी चुनावी मौसम में और तेज़ होगी।