गोवा एयरपोर्ट पर सीआईएसएफ की बड़ी कार्रवाई: परीक्षा नकल के हाईटेक गैजेट्स सहित दो यात्री गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) ने 12 अक्टूबर 2026 को गोवा एयरपोर्ट पर सुरक्षा जांच के दौरान परीक्षा धोखाधड़ी से जुड़े हाईटेक इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के साथ दो यात्रियों को पकड़ा। दोनों संदिग्ध दिल्ली की उड़ान पकड़ने की तैयारी में थे, जब सीआईएसएफ कर्मियों की सतर्कता ने इस नकल गिरोह की कलई खोल दी।
क्या-क्या बरामद हुआ
संदिग्धों की बारीकी से तलाशी के दौरान उनके पास से 4 इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, 3 सिम कार्ड और 5 ब्लूटूथ ईयरपीस मिले। इसके अलावा एक भर्ती परीक्षा का एडमिट कार्ड और आधार कार्ड भी बरामद किया गया।
बरामद गैजेट्स का संयोजन — वायरलेस ईयरपीस, सिम-सक्षम डिवाइस और एडमिट कार्ड — स्पष्ट रूप से किसी और की जगह परीक्षा देने यानी इम्पर्सोनेशन के मकसद की ओर इशारा करता है।
इंटेलिजेंस एजेंसियों को अलर्ट
मामले की गंभीरता को देखते हुए सीआईएसएफ ने तत्काल इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) और मिलिट्री इंटेलिजेंस को सूचित किया। दोनों एजेंसियों ने संयुक्त रूप से संदिग्धों से पूछताछ की, जिसमें आईआईटी गोवा में आयोजित एक भर्ती परीक्षा में इम्पर्सोनेशन का संदेह सामने आया।
यह ऐसे समय में आया है जब देश में परीक्षा धोखाधड़ी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं और सरकारी भर्ती परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठते रहे हैं। गौरतलब है कि हाल के वर्षों में पेपर लीक और इम्पर्सोनेशन के कई मामले उजागर हुए हैं।
पुलिस को सौंपा, एफआईआर दर्ज
सीआईएसएफ ने दोनों यात्रियों को बरामद सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और दस्तावेजों समेत स्थानीय पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है और अब जांच का दायरा बढ़ाते हुए यह पता लगाया जा रहा है कि इस गिरोह में और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा इसके तार कहाँ-कहाँ तक फैले हुए हैं।
मुंबई एयरपोर्ट पर भी सीआईएसएफ की सफलता
इससे पहले 6 अक्टूबर 2026 को मुंबई एयरपोर्ट पर सीआईएसएफ ने एक और महत्वपूर्ण कार्रवाई की थी। शारजाह से आए एक यात्री के जूतों की सोल में बड़ी चालाकी से छिपाया गया गोल्ड पेस्ट बरामद किया गया, जब एक्स-बीआईएस स्क्रीनिंग के दौरान कर्मियों को कुछ असामान्य नज़र आया।
यात्री को तत्काल हिरासत में लेकर कस्टम विभाग को सौंप दिया गया। कस्टम अधिकारियों के अनुसार, बरामद सोने का कुल वजन करीब 319 ग्राम था, जिसकी बाज़ार कीमत लगभग ₹37 लाख आँकी गई।
क्या होगा आगे
गोवा पुलिस की जांच अब उस पूरे नेटवर्क की पहचान पर केंद्रित है जो सरकारी भर्ती परीक्षाओं में नकल कराने का काम करता है। यदि आईआईटी गोवा परीक्षा में इम्पर्सोनेशन की पुष्टि होती है, तो संस्थान को भी परिणाम रद्द करने जैसे कदम उठाने पड़ सकते हैं। इस मामले से यह भी स्पष्ट होता है कि सुरक्षित समझे जाने वाले हवाई अड्डे अब परीक्षा माफिया के लिए भी चुनौती बन चुके हैं।