महानवमी पर CM योगी का गोरखनाथ मंदिर में कन्या पूजन, बोले — नारी गरिमा से समझौता नहीं
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 19 अक्टूबर 2026 को शारदीय नवरात्रि की महानवमी के अवसर पर गोरखपुर स्थित गोरखनाथ मंदिर में कन्या पूजन किया और स्पष्ट शब्दों में कहा कि जिस समाज की आराध्य जगत जननी मां भगवती हैं, वहाँ नारी गरिमा के विरुद्ध किसी भी आचरण के लिए कोई स्थान नहीं है। उन्होंने कहा कि सनातन परंपरा ने सदैव मातृशक्ति की सुरक्षा, सम्मान और गरिमा को सर्वोपरि माना है।
पूजन का विधि-विधान
मंदिर की पारंपरिक रीति के अनुसार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कुंवारी कन्याओं के पैर पखारे, उन्हें तिलक लगाया, माला पहनाई और चुनरी ओढ़ाकर पूजन संपन्न किया। बटुकों का भी पूजन किया गया। मुख्यमंत्री ने स्वयं अपने हाथों से कन्याओं को भोजन परोसा और तत्पश्चात उन्हें दक्षिणा एवं उपहार भेंट किए गए। इस पावन अवसर पर साधु-संत और अन्य श्रद्धालु भी उपस्थित रहे।
नारी सुरक्षा पर सरकार का रुख
पूजन के बाद पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री ने मिशन शक्ति अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार ने इस परंपरा को केवल धार्मिक कर्मकांड तक सीमित नहीं रखा — नारी सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली का अभिन्न अंग बनाया गया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के प्रत्येक थाने में महिला हेल्प डेस्क स्थापित की गई है और 1090 वीमेन हेल्पलाइन भी निरंतर संचालित है। महिलाओं की समस्याओं के समाधान के लिए अलग कक्ष की व्यवस्था है, जहाँ महिला बीट पुलिस अधिकारी अथवा उपनिरीक्षक स्तर की महिला अधिकारी उनकी बात सुनती हैं।
महिला पुलिस बल में चार गुना वृद्धि
मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2017 तक उत्तर प्रदेश पुलिस में लगभग 10 हजार महिला कार्मिक थीं, जो आज बढ़कर करीब 45 हजार हो गई हैं। पुलिस भर्ती में महिलाओं के लिए 20 प्रतिशत सीटें आरक्षित की गई हैं। उन्होंने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, मातृ वंदना योजना और नारी शक्ति वंदन अधिनियम का उल्लेख करते हुए इन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से नारी गरिमा को नई दिशा देने वाले कदम बताया। मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के तहत बेटी के जन्म से स्नातक तक शिक्षा के विभिन्न चरणों में ₹25 हजार उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
महिला सशक्तिकरण की अन्य पहलें
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत विवाह के लिए ₹1 लाख की सहायता दी जा रही है और अब तक 5 लाख से अधिक कन्याओं के विवाह इस योजना के माध्यम से संपन्न हो चुके हैं। प्रदेश में 54 हजार बीसी सखी ग्राम पंचायतों में बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध करा रही हैं। ड्रोन दीदी और लखपति दीदी जैसे कार्यक्रमों से महिलाओं को आर्थिक आत्मनिर्भरता के अवसर मिल रहे हैं।
नवरात्रि उत्सव और विजयादशमी की तैयारियाँ
मुख्यमंत्री ने बताया कि शारदीय नवरात्रि में प्रदेश के लगभग 45 हजार स्थानों पर दुर्गा पूजा पंडाल स्थापित किए गए हैं। मां विंध्यवासिनी धाम में कॉरिडोर निर्माण के बाद श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है — रविवार को 25 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किए और सोमवार को भी 20 से 25 लाख श्रद्धालुओं के पहुँचने का अनुमान था। शक्तिपीठ देवीपाटन, सहारनपुर स्थित मां शाकंभरी पीठ और सीतापुर के ललिता देवी शक्तिपीठ में भी बड़ी संख्या में भक्त पहुँचे। मंगलवार को विजयादशमी पर रामलीला और पुतला दहन के व्यापक प्रबंध किए गए हैं। योगी ने कहा कि यह पर्व नशे, भ्रष्टाचार, अराजकता और आतंकवाद जैसी बुराइयों के खात्मे का संकल्प लेने का भी अवसर है।