29 जुलाई 2026
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गुरु पूर्णिमा पर CM योगी ने गोरखनाथ मंदिर में किया महायोगी गोरखनाथ का विशिष्ट पूजन

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गुरु पूर्णिमा पर CM योगी ने गोरखनाथ मंदिर में किया महायोगी गोरखनाथ का विशिष्ट पूजन

सारांश

गुरु पूर्णिमा पर गोरखपुर के गोरखनाथ मंदिर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महायोगी गोरखनाथ का वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विशिष्ट पूजन किया। ब्रह्मलीन गुरुओं की समाधि पर भी आशीर्वाद लिया गया और परंपरागत सामूहिक आरती के साथ अनुष्ठान संपन्न हुआ।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 29 जुलाई 2026 को गुरु पूर्णिमा पर गोरखनाथ मंदिर, गोरखपुर में विशिष्ट पूजन किया।
नाथपंथ के आदिगुरु महायोगी गोरखनाथ को वैदिक मंत्रोच्चार और रोट के महाप्रसाद के साथ पूजा अर्पित की गई।
ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ , ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ और बाबा गंभीरनाथ की समाधियों पर भी पूजन किया गया।
परंपरागत सामूहिक आरती के साथ अनुष्ठान की पूर्णता हुई।
गोरक्षपीठाधीश्वर ने समस्त देशवासियों को गुरु पूर्णिमा की शुभकामनाएँ दीं।

गोरखपुर के ऐतिहासिक गोरखनाथ मंदिर में 29 जुलाई 2026 को गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर गोरक्षपीठाधीश्वर एवं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिवावतार महायोगी गुरु गोरखनाथ का नाथपंथ की सुदीर्घ परंपरा के अनुसार विशिष्ट पूजन संपन्न किया। प्रातःकाल से प्रारंभ हुए इस अनुष्ठान में उन्होंने अपने गुरुदेव ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ, दादागुरु ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ और योगीराज बाबा गंभीरनाथ समेत नाथपंथ के समस्त गुरुजन की विधिवत पूजा-अर्चना की।

पूजन का क्रम और परंपरा

बुधवार की सुबह वैदिक मंत्रोच्चार के मध्य मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सर्वप्रथम नाथपंथ के आदिगुरु भगवान गोरखनाथ के दरबार में उपस्थिति दर्ज कराई और उनकी विशिष्ट पूजा की। इसके पश्चात वे मंदिर परिसर में स्थित समस्त देव-विग्रहों के समक्ष पहुँचे और उनका पूजन किया।

तत्पश्चात गोरक्षपीठाधीश्वर ने क्रमशः बाबा गंभीरनाथ, ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ और ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की समाधियों पर जाकर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजन कर आशीर्वाद ग्रहण किया। नाथपंथ की विशिष्ट परंपरा के अनुसार गुरु गोरखनाथ को रोट का महाप्रसाद भी समर्पित किया गया।

सामूहिक आरती से हुई अनुष्ठान की पूर्णता

आनुष्ठानिक पूजन-प्रक्रिया के समापन पर गुरु पूर्णिमा की परंपरागत सामूहिक आरती आयोजित की गई, जिसमें नाथपंथ के समस्त गुरुजन के प्रति सामूहिक आस्था निवेदित की गई। गोरक्षपीठाधीश्वर ने भगवान गोरखनाथ और अन्य गुरुजन को श्रद्धा अर्पित करते हुए लोक कल्याण के मार्ग पर निरंतर मार्गदर्शन के लिए भावपूर्ण कृतज्ञता व्यक्त की।

नित्य दिनचर्या से विशिष्ट क्यों है यह अवसर

गौरतलब है कि गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ जब भी गोरखनाथ मंदिर में उपस्थित रहते हैं, गुरु गोरखनाथ एवं नाथपंथ के गुरुजन का दर्शन-पूजन उनकी दैनिक दिनचर्या का अभिन्न अंग होता है। किंतु गुरु पूर्णिमा के अवसर पर होने वाला यह विशिष्ट पूजन नाथपंथ की परंपरा में विशेष महत्त्व रखता है — इसमें विस्तृत वैदिक अनुष्ठान, ब्रह्मलीन गुरुओं की समाधि-पूजा और सामूहिक आरती का विशेष संयोजन होता है।

देशवासियों को शुभकामनाएँ

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस पावन पर्व पर समस्त देशवासियों को गुरु पूर्णिमा की हार्दिक शुभकामनाएँ भी अर्पित कीं। यह आयोजन नाथपंथ की जीवंत आध्यात्मिक विरासत और गुरु-शिष्य परंपरा की अटूट निरंतरता का प्रतीक है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि गोरक्षपीठ की राजनीतिक-आध्यात्मिक पहचान का सार्वजनिक नवीनीकरण भी है। एक मुख्यमंत्री का इस तरह अपनी पीठाधीश्वर भूमिका में सक्रिय रहना उत्तर प्रदेश की राजनीति में धर्म और शासन के अंतर्संबंध को रेखांकित करता है। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर इस आयोजन को केवल धार्मिक खबर मानकर छोड़ देती है, जबकि नाथपंथ परंपरा की यह सार्वजनिक निरंतरता पूर्वांचल में योगी की जनाधार-राजनीति का एक सुनियोजित सांस्कृतिक स्तंभ है।
RashtraPress
29 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गुरु पूर्णिमा पर CM योगी ने गोरखनाथ मंदिर में क्या किया?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 29 जुलाई 2026 को गोरखनाथ मंदिर, गोरखपुर में महायोगी गोरखनाथ का नाथपंथ की परंपरा के अनुसार वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विशिष्ट पूजन किया। इसके साथ ही उन्होंने ब्रह्मलीन गुरुओं की समाधियों पर भी पूजन कर आशीर्वाद लिया और परंपरागत सामूहिक आरती में भाग लिया।
नाथपंथ में गुरु पूर्णिमा का क्या महत्त्व है?
नाथपंथ में गुरु पूर्णिमा गुरु-शिष्य परंपरा के सर्वोच्च सम्मान का पर्व है, जिसमें आदिगुरु महायोगी गोरखनाथ और परंपरा के सभी ब्रह्मलीन गुरुओं की विशिष्ट पूजा-अर्चना की जाती है। इस दिन रोट का महाप्रसाद अर्पित करना और सामूहिक आरती आयोजित करना इस पंथ की विशेष परंपरा है।
गोरखनाथ मंदिर में गुरु पूर्णिमा का अनुष्ठान कैसे संपन्न हुआ?
अनुष्ठान प्रातःकाल से प्रारंभ हुआ — पहले महायोगी गोरखनाथ की विशिष्ट पूजा, फिर मंदिर परिसर के समस्त देव-विग्रहों का पूजन, तत्पश्चात ब्रह्मलीन गुरुओं की समाधियों पर वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजन, और अंत में परंपरागत सामूहिक आरती के साथ अनुष्ठान की पूर्णता हुई।
CM योगी के गुरुदेव और दादागुरु कौन थे?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गुरुदेव ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ थे और दादागुरु ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ थे। इसके अतिरिक्त नाथपंथ के योगीराज बाबा गंभीरनाथ भी इस परंपरा के प्रमुख गुरुजन में हैं, जिनकी समाधियों पर इस अवसर पर विशेष पूजन किया गया।
गोरक्षपीठाधीश्वर का अर्थ क्या है और यह पद किसके पास है?
गोरक्षपीठाधीश्वर का अर्थ है गोरक्षपीठ — अर्थात गोरखनाथ मंदिर की पीठ — के अधीश्वर यानी प्रमुख। यह पद वर्तमान में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पास है, जो नाथपंथ की इस प्रमुख पीठ के धार्मिक प्रमुख भी हैं।
राष्ट्र प्रेस
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